मंदसौर जिले में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना, किसानों के चेहरे खिले

मंदसौर जिले में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना, किसानों के चेहरे खिले
मंदसौर। जिले में सोमवार रात्रि में शुरू हुए बारीश का दौर मंगलवार शाम हुई झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत दी। दिनभर तेज धूप और उमस के बाद देर शाम आसमान में घने बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया तथा तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को भी वर्षा शाम के समय शुरू हुई जो कि हल्की बारिश के साथ देर रात तक जारी रही।मानसून की सक्रियता से खरीफ सीजन को लेकर किसानों में उत्साह बढ़ गया है।बारिश के दौरान शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया। लोगों ने बारिश का आनंद लिया, वहीं बच्चों ने भी भीगकर मौसम का लुत्फ उठाया।इन क्षेत्रों में भी हुई अच्छी बारिश- जिला मुख्यालय के अलावा मल्हारगढ़, सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ़, पिपलिया मंडी, नाहरगढ़, दलौदा, अफजलपुर, नारायणगढ़ और संजीत सहित आसपास के कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर तेज बारिश हुई। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हुई बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान- मौसम विभाग के अनुसार 8 जुलाई को जिले में अच्छी बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 9 से 11 जुलाई तक बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 12 से 14 जुलाई के बीच बादल और धूप का मिश्रित मौसम रहने तथा कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
अब तक 7.28 इंच वर्षा दर्ज- जिले में अब तक कुल 7.28 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग एक इंच कम है। पिछले वर्ष 7 जुलाई तक जिले में 8.14 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।
गरज-चमक और तेज हवा का येलो अलर्ट- मौसम विभाग ने जिले के लिए गरज-चमक, आकाशीय बिजली तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।
किसानों के लिए राहतभरी शुरुआत- मानसून की सक्रियता से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। कई किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज कर दी हैं, जबकि जिन क्षेत्रों में पर्याप्त नमी बन चुकी है वहां बुवाई का कार्य भी शुरू हो गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में नियमित बारिश होती रही, तो इस वर्ष खरीफ सीजन बेहतर रहने के साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि की संभावना है।



