25 मई से 09 सबसे गर्म दिन नवतपा होगा शुरू, बचाव के लिए पानी, नींबू पानी, छाछ,ओआरएस लें

गरीबों को भोजन, पेड़-पौधों, पशु- पक्षियों के लिए पानी कि व्यवस्था करने से ग्रहों और पितरों कि शांति
सीतामऊ। नौतपा साल के 9 सबसे गर्म दिनों को कहा जाता है. कहते हैं कि इस दौरान सूर्य देव का ताप अपने चरम पर होता है और धरती पर बेहिसाब गर्मी पड़ती है। यह नौतपा अधिक मास के बीच पड़ रहा है। 25 मई से नवतपा शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। इस अवधि के दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं जिसके कारण सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और उत्तर व मध्य भारत में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ जाता है। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही यह अवधि शुरू होती है और अगले 9 दिनों तक सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं।
मौसम और तापमान का हाल मध्यप्रदेश में पहले से ही गर्मी अपने तेवर दिखा रही है और नौतपा के दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक जाने की आशंका है।इस दौरान सूर्य पृथ्वी के काफी करीब होता है और उसकी किरणें सीधी (लंबवत) पड़ती हैं।जिससे तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। मान्यता है कि यदि नौतपा के दौरान धरती जितनी अधिक तपेगी, आगे बारिश उतनी ही अच्छी होगी।
मध्यप्रदेश में पहले से ही गर्मी अपने तेवर दिखा रही है और नौतपा के दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक जाने की आशंका है।
इन 9 दिनों में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) से बचने के लिए आवश्यक उपाय करना बहुत जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, और ओआरएस (ORS) का सेवन करते रहे। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचे। यदि निकलना जरूरी हो तो सिर और चेहरे को सूती कपड़े से ढकें और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करे।हल्का भोजन करें और मौसमी फल और ककड़ी का अधिक सेवन करें। वही पक्षियों और जानवरों के लिए घर की छत या बाहर जलपात्र जरूर रखें।
इसका धार्मिक महत्व भी ज्यादा है। ज्योतिषाचार्यो का कहना है कि नौतपा में दान-धर्म के कार्यों से बड़ा पुण्य मिलता है।
आप चाहें तो नौतपा के नौ दिन नौ विशेष उपाय- हर रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को अर्घ्य दे ,
राहगीरों और जरूरतमंदों को जल प्याऊ लगा कर या यथा शक्ति शक्ति व्यवस्था कर शीतल जल पिलाएं।,
मौसमी फलों का दान करने से भी बहुत पुण्य मिलता है ,
जरूरतमंदों को गेहूं और चावल का दान करना भी विशेष फलदायी माना गया है। इस उपाय से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
तांबे की थाली में गुड़ और चने रखकर उसे सूर्य देव को अर्पित करें। समस्याएं समाप्त हो जाती है।,
पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था जरूर करें।,
दौरान हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है।,
पीपल, बरगद और तुलसी जैसे पवित्र पौधों के साथ पौधे में जल अर्पित करने से ग्रहों कि खराब दशा भी ठीक हो जाती है।,
इस दौरान गरीबों को भोजन कराने से पितृ शांत होते और उनकी कृपा बनी रहती है।,
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