5 डिसमिल जमीन पर कब्जे के विवाद में एसडीएम के आदेश पर हुई पैमाइश दोनों पक्षों ने रखे अपने-अपने दावे

5 डिसमिल जमीन पर कब्जे के विवाद में एसडीएम के आदेश पर हुई पैमाइश दोनों पक्षों ने रखे अपने-अपने दावे
गोरखपुर कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम बरहटा में जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में शिकायत मिलने के बाद एसडीएम कैंपियरगंज के आदेश पर तहसील प्रशासन की गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश की। हालांकि पैमाइश के दौरान क्या तथ्य सामने आए, इस संबंध में टीम ने मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी और रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को भेजने की बात कही है। वहीं दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों पर कायम हैं।जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बरहटा, थाना पीपीगंज तहसील कैंपियरगंज निवासी रामजी पुत्र स्वर्गीय झिनकू ने प्रशासन को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी आराजी संख्या-265, रकबा 0.153 हेक्टेयर भूमि में से लगभग 5 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।शिकायत में रामजी ने आरोप लगाया कि पड़ोसी विनोद सिंह, जो ग्राम बरहटा के निवासी एवं ग्राम प्रधान के पति हैं, उनकी भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि 13 जून 2026 को जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें गाली-गलौज करते हुए लाठी और सरिया लेकर मारने के लिए दौड़ाया गया। किसी तरह भागकर उन्होंने अपनी जान बचाई।प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि विनोद सिंह की पत्नी अनीता देवी, जो वर्तमान ग्राम प्रधान हैं, ने भी कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए मारपीट और जेल भिजवाने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, विनोद सिंह के भांजे दिग्विजय सिंह तथा सहयोगी अंगी देवी पत्नी शिवचरन ने उनकी जमीन पर लगे तीन आम और एक अमरूद के पेड़ काट दिए तथा वहां खूंटे और खंभे गाड़कर कब्जा करने का प्रयास किया।रामजी का यह भी आरोप है कि तहसील के लेखपाल को प्रभावित कर उनकी जमीन की पैमाइश विपक्ष के पक्ष में कराई गई। उनका कहना है कि पड़ोसी जीतन सिंह की ओर लगभग चार मीटर भूमि जाने के बावजूद वहां कब्जा न करके उनकी जमीन में चार मीटर तक अतिक्रमण किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान पति होने के कारण दबंगई के बल पर उनकी भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम कैंपियरगंज ने जांच के निर्देश दिए। इसके बाद तहसील प्रशासन की गठित टीम मौके पर पहुंची और राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि की पैमाइश की। पैमाइश के दौरान दोनों पक्ष भी मौके पर मौजूद रहे।हालांकि पैमाइश पूरी होने के बाद मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर टीम के अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि “हम लोग एसडीएम के आदेश पर पैमाइश करने आए थे। जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को भेजी जाएगी। अंतिम निर्णय प्रशासन द्वारा लिया जाएगा।”वहीं इस पूरे मामले में विनोद सिंह ने शिकायतकर्ता के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि उनकी भूमि का धारा-24 के तहत विधिवत सीमांकन कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीमांकन के आधार पर उनकी जमीन स्पष्ट रूप से निर्धारित है और किसी भी स्थिति में उनकी भूमि कम नहीं हो सकती।विनोद सिंह ने कहा कि यदि जांच या किसी अन्य प्रक्रिया में उनकी भूमि कम किए जाने का प्रयास किया जाता है तो वह सक्षम अधिकारियों के समक्ष विधिक कार्रवाई करेंगे। उनका कहना है कि वह पूरी तरह कानून और राजस्व अभिलेखों के अनुसार अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।फिलहाल इस मामले में प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक स्थिति क्या है और भूमि विवाद का समाधान किस प्रकार होगा। स्थानीय लोगों की निगाहें अब एसडीएम कैंपियरगंज के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।



