चिलचिलाती धूप में अपनी बहन का कंकाल लादे बैंक पहुंचा. शख्स

चिलचिलाती धूप में अपनी बहन का कंकाल लादे बैंक पहुंचा शख्स
चिलचिलाती धूप में यह शख्स अपनी बहन का कंकाल लादे बैंक पहुंचा.सिर्फ़ यह साबित करने के लिए कि उसकी बहन की मृत्यु हो चुकी है.
यह शख़्स अपनी बहन के खाते से 20,000 रुपये निकालने के लिए बार बार बैंक का चक्कर लगा रहा था. लेकिन बैंक मैनेजर बार बार यही कह कर लौटा दे रहा था कि खाताधारक को व्यक्तिगत रूप से लेकर आओ. बार-बार यह बताने के बावजूद कि उसकी बहन का निधन हो चुका है, बैंक मैनेजर ने उसकी बात नहीं मानी.
यह शख़्स एक आदिवासी व्यक्ति था, जिसके पास न तो मृत्यु प्रमाण पत्र था और न ही उत्तराधिकार के कागजात, और जटिल प्रक्रिया को समझने में असमर्थ होने के बाद वह असहाय होकर बैंक से लौट आया.
फिर वह श्मशान घाट गया. उसने अपनी बहन के अवशेषों को खोदकर निकाला, कंकाल को कपड़े में लपेटा और चिलचिलाती धूप में 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचा. और जब शख़्स बैंक पहुंचा, तो वहां का नजारा देखकर स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए. मामला ओडिशा का है.


