आध्यात्मतालरतलाम

मन कभी तृप्त नहीं होता है, उसे समझाना है यह संसार भगवान विष्णु की आज्ञा से चल रहा है -लोकेशानंद महाराज

मन कभी तृप्त नहीं होता है,उसे समझाना है यह संसार भगवान विष्णु की आज्ञा से चल रहा है -लोकेशानंद महाराज

ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा

गुरुदेव श्री लोकेशनानंद महाराज ने भक्तों को बताया कि भगवान ने हमें बनाया, बुद्धि दी साथ ही भक्ति पथ पर अग्रसर किया अतः भगवत स्मरण, श्रवण , चिंतन हो। भागवत कथा का रसपान करते हुए अपने मन, कर्म को परिष्कृत कर धर्म, कर्म में रत रहते हुए भगवान की भगवत्ता का बोध होता हैं। जिससे हममें दृष्टा भाव उत्पन्न होता हैं। सबसे बड़ा झंझट “मै'”हैं, कथा हमें मै बाहर निकाल विराटता की और ले जाने का कार्य करती है। हमें दूसरों को देखने, बात करने से बचकर आत्मवलोकन कर स्व सुधार का प्रयास करना है इससे हमारी कार्य क्षमता बढ़ेगी, विकास होगा। और हम हर क्षेत्र में बढ़ेंगे, मन कभी तृप्त नहीं होता हैं, उसे समझाना है यह संसार भगवान विष्णु की आज्ञा से चल रहा है, धर्मपुरुष के कारण संसार चल रहा है। भगवान से प्रेम करते हुए भगवान के बने, भगवान को अच्छा लगे वह कार्य व्यवहार करे, प्रेम ते प्रकट होई भगवाना। शुद्ध सात्विक भाव, भक्ति, प्रेम, अनुराग यह बंधु बांधव है और यह भाव गुरु दे सकते हैं। भगवान के प्रेमी को छुपे रहना, झुके रहना होगा, विन्रम भाव रखें रहना होगा। किंकर बन अभिमान शून्य होकर ईश्वर के चरणों की धूल समझकर, अपना जीवन सफल करना है। महाराज जी ने बताया कि हमारे शरीर को चलाने में 11 सिस्टम काम करते हैं, वैसे ही संसार के सिस्टम को ईश्वर चला रहे है पृथ्वी,सूर्य, ग्रह, तारामंडल, नक्षत्र, ईश्वर कृपा से चलायमान है।

राजा बलि, शुक्राचार्य का वर्णन, बलि मां लक्ष्मी का रक्षा बंधन,भगवान वामन का स्वरूप, तीन पग से धरती नापने का प्रसंग, नारायण विष्णु, मत्स्य अवतार, राजा अम्बरीश कथा, दुर्वासा मुनि, मांधाता राजा, सोबरी मुनि कथा, त्रिशंकु, कर्मनाशा नदी, राजा हरिश चंद्र, विश्वामित्र कथा, सगर चरित्र,महादधि, भगीरथ, भगवान के रामावतार से लेकर धरती के गव का रूप धारण करने तक के प्रसंग सुनाते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर नृत्य करने को विवश कर दिया। उससे पूर्व द्वारका नगरी में लक्ष्मी प्राकट्य उत्सव का आयोजन समुद्र तट पर किया गया जहां यजमान परिवार श्री नितिन अग्रवाल इंदौर द्वारा विधिविधान से पूजन अर्चन, आव्हान कर प्रतीकात्मक समुद्र मंथन कर मां लक्ष्मी का प्राकट्य कराया जाकर धूमधाम से शोभायात्रा के रूप मे भक्तों द्वारा नृत्य कर कथा स्थल पर विराजित कर पूजन अर्चन किया गया। पूरे शोभायात्रा मार्ग में भक्त गण उत्साह, आनंद से झूमते रहे। श्री भागवत कथा में बड़ी संख्या में इंदौर उज्जैन आलोट धार के श्री नारायण भक्त कथा का रसपान कर अपना जीवन धन्य कर रहे हैं इस अवसर पर गुरुदेव का स्वागत आलोट से राजवीर सिंह परिहार राकेश पोरवाल मुल्तान से चौक सिंह चौहान धार से दीपक पवार आदि ने शाल श्रीफल से किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}