आंगनवाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण टेक होम राशन वितरण के लिए स्व-सहायता समूहों को दिया गया गहन प्रशिक्षण

नीमच

महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जनपद पंचायत नीमच के सभाकक्ष में सांझा चूल्हा योजना अंतर्गत टेक होम राशन उपलब्ध कराने वाले स्व-सहायता समूहों के अध्यक्षों, सचिवों एवं प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में शासन द्वारा जारी परिशिष्ट-01 से 06 तक के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए टेक होम राशन के सुरक्षित निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण एवं वितरण की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए 725 ग्राम तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए 850 ग्राम प्रति पैकेट पूरक पोषण आहार प्रत्येक माह दो चरणों (1 से 3 एवं 16 से 18 तारीख) में वितरित किया जाएगा।

स्व-सहायता समूहों को एफएसएसएआई के गुणवत्ता मानकों का पालन, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, पैकेजिंग पर आवश्यक विवरण अंकित करने तथा मास्क, ग्लव्स, एप्रन एवं हेड कैप का उपयोग करते हुए स्वच्छता के साथ राशन तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर ऐप पर फेस रिकग्निशन के माध्यम से हितग्राहियों का ऑनलाइन सत्यापन करने तथा स्व-सहायता समूहों को निर्धारित प्रारूप में द्विपक्षीय पावती पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक माह राशन के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। यदि राशन अमानक या घटिया गुणवत्ता का पाया जाता है तो संबंधित समूह का भुगतान रोका जाएगा, अनुबंध निरस्त किया जाएगा तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समापन अवसर पर सभी स्व-सहायता समूहों को 200 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पर शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि नीमच ग्रामीण परियोजना अंतर्गत पंजीकृत बच्चों एवं गर्भवती तथा धात्री माताओं को स्वच्छ, सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक टेक होम राशन का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास समिति के सभापति श्री रतनलाल मालवत उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का संचालन एवं मार्गदर्शन बाल विकास परियोजना अधिकारी, नीमच ग्रामीण द्वारा किया गया तथा परियोजना की समस्त क्षेत्र पर्यवेक्षकों ने तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया।



