समाचार मध्यप्रदेश नीमच 31 जुलाई 2026 शुक्रवार

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कलेक्टर के निर्देशानुसार शासकीय भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त
नीमच, 30 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देश तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जावद श्री संजीव साहू के मार्गदर्शन में तहसील सिंगोली के ग्राम जाट (टप्पा रतनगढ़) में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।राजस्व अभिलेखों के अनुसार सर्वे क्रमांक 439/1/3 की लगभग 0.10 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से पत्थर की दीवार एवं बाड़ा बनाकर कब्जा कर लिया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर नायब तहसीलदार श्री रूपसिंह राजपूत के नेतृत्व में राजस्व अमले, जाट पुलिस चौकी तथा ग्राम पंचायत के सहयोग से मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से अतिक्रमण हटाया गया।
उक्त अतिक्रमित शासकीय भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 10 लाख रुपये है। कार्रवाई के दौरान शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पुनः शासन के कब्जे में लिया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे अथवा अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
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मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की तहसील स्तरीय बैठक सम्पन्न
प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा का आधार होंगे जमीनी स्तर के सुझाव — श्री अक्षय कुमार सिंह
नीमच, 30 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की तहसील स्तरीय बैठक गुरुवार को आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में विकासखंड, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर तक की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के संबंध में जमीनी स्तर से सुझाव प्राप्त कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुगम, पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाना था।
बैठक में आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों एवं ग्राम स्तर तक के कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से रूबरू होकर चर्चा की तथा उनके अनुभवों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य केवल नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम, उत्तरदायी, कार्यकुशल एवं जनकेंद्रित बनाना है। पुनर्गठन की प्रक्रिया स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, प्रशासनिक सुविधा तथा नागरिकों को शासकीय सेवाओं की सहज उपलब्धता को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुभव और सुझाव आयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर व्यावहारिक एवं जनहितैषी अनुशंसाएं तैयार की जाएंगी।
श्री सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्य के दौरान तनाव प्रबंधन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दायित्वों का प्रभावी निर्वहन तभी संभव है, जब अधिकारी एवं कर्मचारी मानसिक रूप से संतुलित, सकारात्मक और तनावमुक्त होकर कार्य करें। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, समय का बेहतर प्रबंधन, आपसी समन्वय तथा नियमित संवाद से कार्यस्थल के तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कर्मचारियों से अपने स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन का भी विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान विकासखंड, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रशासनिक सीमाओं, क्षेत्रफल, जनसंख्या, आवागमन की सुविधा, शासकीय सेवाओं की उपलब्धता तथा प्रशासनिक कार्यों के संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग के सचिव ने सभी सुझावों का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रत्येक सुझाव का परीक्षण कर आयोग की अनुशंसाओं में यथासंभव समावेश किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आयोग प्रदेशभर में विभिन्न स्तरों पर संवाद स्थापित कर प्रशासनिक पुनर्गठन के संबंध में सुझाव प्राप्त कर रहा है, ताकि भविष्य की प्रशासनिक संरचना स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित के अनुरूप तैयार की जा सके। साथ ही आमजन भी आयोग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रशासनिक पुनर्गठन संबंधी अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
बैठक में अपर कलेक्टर एवं प्रशासनिक आयोग के जिला नोडल अधिकारी श्री बी एस कलेश,समस्त अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व),डिप्टी कलेक्टर,अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी,समस्त तहसीलदार तथा समस्त विभागों के विकासखंड, तहसील,एवं पंचायत स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की जिला स्तरीय बैठक संपन्न
जनसुविधा एवं प्रशासनिक सुगमता को केंद्र में रखकर होगा प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन-अध्यक्ष श्री एस एन मिश्रा
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आमजन भी दे सकेंगे सुझाव
नीमच, 30 जुलाई 2026 प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की जिला स्तरीय बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस श्री एस.एन. मिश्रा, आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला तथा आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने जिले के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशासनिक पुनर्गठन एवं युक्तियुक्तकरण की कार्यप्रणाली, उद्देश्य तथा प्रस्तावों की प्रक्रिया से अवगत कराया। बैठक के अंत में अधिकारियों से जिले की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासनिक पुनर्गठन संबंधी सुझाव आमंत्रित किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए आयोग के अध्यक्ष श्री एस.एन. मिश्रा ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि आयोग का उद्देश्य केवल नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन करना नहीं,बल्कि आमजन को सरल,त्वरित एवं पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि तहसील, विकासखंड तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं, मुख्यालयों एवं पद संरचना का वैज्ञानिक आधार पर पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए भौगोलिक दूरी,आवागमन की सुविधा, जनसंख्या घनत्व, आदिवासी क्षेत्र, प्राकृतिक सीमाएं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत एवं पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
श्री मिश्रा ने निर्देश दिए कि यदि किसी संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि से प्रशासनिक पुनर्गठन संबंधी कोई प्रस्ताव प्राप्त होता है, तो कलेक्टर स्तर पर उसकी समुचित जांच कराई जाए, आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप प्रस्ताव पूर्ण कराया जाए तथा परीक्षण उपरांत आयोग को प्रेषित किया जाए।
आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला ने बताया कि प्रशासनिक पुनर्गठन प्रक्रिया में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल एवं प्रश्नावली की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इसके माध्यम से आम नागरिक, सामाजिक संस्थाएं एवं जनप्रतिनिधि अपने सुझाव सीधे आयोग तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने बताया कि जिला एवं अनुविभाग स्तर पर बैठकें, विभागीय समीक्षा तथा नियमित फॉलोअप की व्यवस्था भी की गई है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक एवं जनहितकारी निर्णय लिए जा सकें।
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र से संबंधित प्रशासनिक सुधारों एवं पुनर्गठन के सुझाव कलेक्टर के माध्यम से आयोग को भेजें। आयोग सभी प्राप्त सुझावों का गहन परीक्षण कर अंतिम अनुशंसाएं राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।
आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासनिक युक्तियुक्तकरण से शासन की सेवाओं की पहुंच गांवों तक और अधिक सुलभ होगी। नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय एवं आर्थिक संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि नई प्रशासनिक व्यवस्था से राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था एवं जनसुनवाई प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी, साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी तथा सेवा वितरण व्यवस्था में गति आएगी।
बैठक में बताया गया कि आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी गई है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि यदि किसी प्रशासनिक इकाई के युक्तियुक्तकरण, विलोपन अथवा नवीन सृजन संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकता है। आयोग स्तर पर सभी प्रस्तावों की समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि नीमच जैसे भौगोलिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले में प्रशासनिक पुनर्गठन से विकास कार्यों में गति आएगी, प्रशासनिक नियंत्रण और अधिक प्रभावी होगा तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी। आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण कर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, वनमण्डलाधिकारी श्री एस.के. अटोदे, अपर कलेक्टर एवं प्रशासनिक पुनर्गठन जिला नोडल अधिकारी श्री बी.एस. कलेश, जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
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अब गंगोत्री का पवित्र गंगाजल भारतीय डाक के माध्यम से आपके द्वार
नीमच, 30 जुलाई 2026। पवित्र श्रावण मास के अवसर पर भारतीय डाक विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीधे गंगोत्री से लाया गया पैक गंगाजल मंदसौर एवं नीमच जिले के सभी प्रधान डाकघरों तथा उप डाकघरों में उपलब्ध कराया गया है। 250 एमएल की पैकिंग में गंगाजल मात्र 30 रुपये में उपलब्ध है।
श्रावण मास के दौरान प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदसौर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर, नीमच स्थित किलेश्वर महादेव मंदिर परिसर, भानपुरा स्थित छोटा महादेव एवं बड़ा महादेव मंदिर परिसर, रामपुरा स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर परिसर तथा कुकड़ेश्वर स्थित सहस्त्र मुखेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भारतीय डाक विभाग द्वारा अस्थायी कैंप, काउंटर एवं स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां से श्रद्धालु गंगाजल प्राप्त कर सकेंगे।
अन्य कार्य दिवसों में यह सुविधा मंदसौर एवं नीमच जिले के सभी विभागीय डाकघरों में उपलब्ध रहेगी। भारतीय डाक विभाग ने सभी श्रद्धालुओं से पवित्र श्रावण मास के दौरान इस विशेष सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया है।
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01 अगस्त को डाकघरों में आधार कार्ड संबंधित सेवाओं का विशेष अभियान
नीमच, 30 जुलाई 2026। आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंदसौर-नीमच डाक संभाग द्वारा डाकघरों (पोस्ट ऑफिस) के आधार एनरोलमेंट एवं अपडेशन सेवा केन्द्रों पर 01 अगस्त 2026 को विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा।
इस अभियान के तहत नवीन आधार पंजीयन, आधार कार्ड में सुधार, बायोमेट्रिक अपडेट तथा आधार डेटा में मोबाइल एवं ईमेल लिंक कराने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जानकारी के अनुसार विशेष अभियान के लिए 30 एवं 31 जुलाई को टोकन वितरित किए जाएंगे। अभियान के दिन 01 अगस्त 2026 को सभी आधार सेवा केन्द्र प्रातः 8 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित रहेंगे।
डाक विभाग, मंदसौर-नीमच के अधीक्षक डाकघर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निकटतम डाकघर स्थित आधार सेवा केन्द्र पर पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठाएं।
नीमच शहर के नीमच प्रधान डाकघर, नीमच बंगला खोर, जावद, महागढ़, मनासा और रामपुरा सहित विभिन्न डाकघरों में यह विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।
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खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान जारी
बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित मिल्क प्लांट के विरुद्ध एडीएम न्यायालय में प्रकरण दर्ज
नीमच, 30 जुलाई 2026। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश, भोपाल तथा कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विशेष निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 22 जुलाई 2026 को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत एम/एस श्री सावरिया मिल्क प्लांट, बस स्टैंड के पास, नीमच रोड, ग्राम दुधलाई, तहसील रामपुरा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्लांट प्रभारी श्री कमलेश कुमार जाट की उपस्थिति में पाया गया कि परिसर में 5000 लीटर क्षमता की बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) संचालित थी, जिसमें लगभग 4000 लीटर मिश्रित दूध का संग्रहण, भंडारण एवं मानव उपभोग के लिए विक्रय किया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारकर्ता से संबंधित खाद्य अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन केवल परिवहन संबंधी खाद्य पंजीयन प्रस्तुत किया गया। बीएमसी के माध्यम से दूध संग्रहण एवं विक्रय के लिए आवश्यक वैध खाद्य अनुज्ञप्ति उपलब्ध नहीं पाई गई।
जांच में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26(1), 26(2)(iii), 27 एवं 31(1) सहपठित धारा 63 के उल्लंघन पाए जाने पर प्लांट प्रभारी श्री कमलेश कुमार जाट तथा प्लांट संचालक श्री दिनेश कुमार जाट के विरुद्ध 28 जुलाई 2026 को माननीय अपर कलेक्टर न्यायालय, जिला नीमच में प्रकरण दर्ज किया गया है। अधिनियम के अनुसार बिना खाद्य अनुज्ञप्ति खाद्य कारोबार संचालित करने पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।
इसी अभियान के अंतर्गत 29 जुलाई 2026 को रावण रूंडी, नीमच स्थित श्री जोगमाया सेल्स का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मानव उपभोग के लिए विक्रय किए जा रहे प्रभु श्री घी एवं डीएफ गोल्ड घी के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मानक गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिए गए। दोनों नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। परीक्षण प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उक्त समस्त कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री राजू सोलंकी, श्री यशवंत कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा की गई। जिले में मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष जांच एवं सैंपलिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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जिले में अब तक औसत 320.2 मि.मी. वर्षा दर्ज
नीमच 30 जुलाई 2026, जिले में चालू वर्षाकाल के दौरान अब तक औसत 320.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष इसी अवधि में जिले में औसत 699.2 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।
अधीक्षक भू-अभिलेख, नीमच से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 से 30 जुलाई 2026 की प्रातः 8 बजे तक जिले की चारों तहसीलों में वर्षा का विवरण इस प्रकार है- नीमच में 380.0 मि.मी., जावद में 274.0 मि.मी., सिंगोली में 266.8 मि.मी. तथा मनासा में 260.0 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।
गत वर्ष इसी अवधि में नीमच में 626.0 मि.मी., जावद में 723.0 मि.मी., सिंगोली में 931.9 मि.मी. तथा मनासा में 516.0 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई थी।
इसी प्रकार, 30 जुलाई 2026 को प्रातः 8 बजे तक बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 12.5 मि.मी.वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस दौरान नीमच तहसील में 4.0 मि.मी., मनासा में 12.0 मि.मी.,सिंगोली में 34. वर्षा दर्ज की गई एवं जावद में वर्षा दर्ज नहीं की गई।
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