समाचार मध्यप्रदेश नीमच 14 सितंबर 2026 सोमवार

माटी गणेश–सिद्ध गणेश प्रशिक्षण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
घर-घर विराजें माटी गणेश, पर्यावरण संरक्षण का बने आधार
नीमच, 13 सितम्बर 2026। पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, नीमच द्वारा “सिद्ध गणेश–माटी गणेश” अभियान के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में माटी गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत मिश्रा, विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय जोशी एवं बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री प्रवीण शर्मा अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की विधि, प्राकृतिक सामग्री के उपयोग तथा पर्यावरण हितैषी गणेश उत्सव के महत्व की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक श्रीमती माया दवे ने प्रतिभागियों को प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत मिश्रा ने कहा कि गणेश उत्सव हमारी आस्था और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इसे पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाकर हम अपनी धार्मिक परंपराओं के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दे सकते हैं। उन्होंने सभी से स्वयं माटी गणेश बनाने तथा परिवार एवं आसपास के लोगों को भी मिट्टी की गणेश प्रतिमा अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
प्रो. डॉ. संजय जोशी ने कहा कि मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाएं प्राकृतिक रूप से जल में घुल जाती हैं। इससे जल स्रोतों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव कम होता है। उन्होंने कहा कि “माटी गणेश–सिद्ध गणेश” अभियान आस्था और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने की सराहनीय पहल है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। स्वागत परामर्शदाता राजकुमारी चौधरी ने किया। संचालन श्री पवन कुमरावत ने तथा आभार परामर्शदाता श्री विनोद राठौर ने व्यक्त किया।
–00–
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1538 प्रकरणों का हुआ निराकरण
357 न्यायालयीन और 1181 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में हुआ समझौता, 1895 पक्षकार हुए लाभान्वित
नीमच, 13 सितम्बर 2026। जिले में आयोजित नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से 1538 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें न्यायालय में लंबित 357 प्रकरण तथा 1181 प्रीलिटिगेशन प्रकरण शामिल हैं। लोक अदालत के माध्यम से 1895 पक्षकार लाभान्वित हुए।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद जिले में गठित 21 खंडपीठों में लोक अदालत की कार्यवाही प्रारंभ हुई, जो शाम 5:30 बजे तक चली।
न्यायालय में लंबित 478 प्रकरण लोक अदालत में रखे गए, जिनमें से 357 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें मोटरयान दुर्घटना के 11 प्रकरणों में 42 लाख 45 हजार रुपये, चेक अनादरण के 125 प्रकरणों में 2 करोड़ 57 लाख 20 हजार 940 रुपये तथा शमनीय आपराधिक प्रकरणों में 12 लाख 11 हजार 12 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसके साथ ही 39 सिविल, 26 विद्युत अधिनियम एवं 26 पारिवारिक विवादों सहित अन्य प्रकरणों का भी निराकरण हुआ।
इसी प्रकार 4119 प्रीलिटिगेशन प्रकरण लोक अदालत में रेफर किए गए थे, जिनमें से 1181 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 24 लाख 27 हजार 668 रुपये की वसूली हुई।
10 वर्ष पुराने विवाद का आपसी सहमति से हुआ निराकरण
लोक अदालत में मनासा तहसील के ग्राम कंजार्डा निवासी जिनेन्द्र कुमार पन्नालाल भंडारी एवं प्रकाशचंद्र पिता जगन्नाथ धाकड़ के मध्य वर्ष 2016 से लंबित व्यवहार वाद का भी आपसी सहमति से निराकरण किया गया। ₹1 लाख 99 हजार की वसूली से संबंधित यह प्रकरण लगभग 10 वर्षों से न्यायालय में लंबित था।
नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर प्रतिवादी द्वारा वादी को 55 हजार रुपये प्रदान किए जाने के वचन पर प्रकरण का राजीनामे के आधार पर निराकरण किया गया। इस प्रकार लंबे समय से लंबित विवाद का आपसी समझौते से शांतिपूर्ण समाधान हुआ और दोनों पक्षों को न्यायालयीन प्रक्रिया से राहत मिली।
लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित निराकरण पक्षकारों के लिए राहत का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
–00–

