गरोठमंदसौर जिला

आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश: पंचशील एकेडमी के विद्यार्थियों ने गढ़ी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा

आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश: पंचशील एकेडमी के विद्यार्थियों ने गढ़ी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा

गरोठ। गणेशोत्सव के पावन पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए पंचशील एकेडमी में इको क्लब एवं स्काउट दल के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रेरणादायी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रकृति संरक्षण की भावना विकसित करना रहा। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए जहां प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल सामग्री से इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा का निर्माण किया, वहीं स्काउट विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर हरियाली संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुमंत कुशवाहा ने इको-फ्रेंडली क्लब के विद्यार्थियों को प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग से गणेश प्रतिमा निर्माण का प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए अपनी कल्पनाशीलता और कला-कौशल से सुंदर गणेश प्रतिमा तैयार की। प्रतिमा निर्माण के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था और आधुनिक पर्यावरण चेतना एक-दूसरे की पूरक हैं। उत्सव की खुशियों के साथ यदि प्रकृति की सुरक्षा का संकल्प लिया जाए तो पर्व का महत्व और भी बढ़ जाता है।

डॉ. कुशवाहा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, कि गणेशोत्सव केवल आस्था और श्रद्धा का पर्व ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का अवसर भी है। पर्यावरण अनुकूल सामग्री से गणेश प्रतिमा बनाकर विद्यार्थी यह संदेश दे रहे हैं, कि हमारी परंपराएं प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए भी निभाई जा सकती हैं। इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ उन्हें रचनात्मक और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं।

पौधारोपण कर लिया संरक्षण का संकल्प

इसी क्रम में विद्यालय के स्काउट दल के विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर एवं निर्धारित स्थानों पर पौधे रोपे तथा उनके नियमित संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया। पौधारोपण के दौरान विद्यार्थियों ने “पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ” और “स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित भविष्य” जैसे नारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

विद्यार्थियों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। इस भावना के साथ विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की देखभाल करने और आसपास के लोगों को भी अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

बच्चों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित करना समय की आवश्यकता

विद्यालय के सीईओ हेमन्त पाटीदार ने विद्यार्थियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के भीतर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा, कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को प्रकृति, समाज और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना भी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा निर्माण और पौधारोपण जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से पर्यावरण संरक्षण से जोड़ती हैं। ऐसे आयोजन बच्चों के मन में प्रकृति के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना को मजबूत करते हैं तथा उन्हें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

‘*भक्ति भी, प्रकृति भी’ बना कार्यक्रम का संदेश*

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गणेशोत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए लोगों से पर्यावरण अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा—

“गणेश जी की भक्ति भी करें, प्रकृति की शक्ति भी बचाएं।”

विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों की रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को यदि पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाना है, तो उन्हें ऐसी गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। पंचशील एकेडमी के विद्यार्थियों द्वारा दिया गया यह संदेश निश्चित रूप से समाज में ‘परंपरा भी, प्रकृति भी’ की भावना को मजबूत करने वाला है।

कार्यक्रम में इको क्लब प्रभारी गोपाल बैरा, संदीप सिंह, स्काउट प्रभारी अजय व्यास, राजेश पाटीदार, यश शर्मा, सुरेश धनगर, महेश प्रजापति, गुनगुन संघवी, अनमोल भावसार, रूपचंद पाटीदार, दीपिका धनोतिया एवं प्राचार्या श्रीमती ऊषा पाटीदार सहित विद्यालय परिवार के सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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