कर्म भोगने का सबसे सरल तरीका नाम जप कीर्तन करने से व्यक्ति के पाप कर्म धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं -पं. दशरथ शर्मा(भाई जी)

कर्म भोगने का सबसे सरल तरीका नाम जप कीर्तन करने से व्यक्ति के पाप कर्म धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं -पं. दशरथ शर्मा(भाई जी)
सुवासरा।राम कथा के दूसरे दिन दशपुर धरा से पधारे लोकप्रिय मानस मर्मज्ञ,, पंडित दशरथ शर्मा ने सेवा, धर्म ,संस्कार, तीर्थ जैसे ऐसे कई पुनीत कार्यों को समय सीमा पर निपटाने पर जोर दिया।
आपने चिंता व्यक्त करते हुए पंडित दशरथ शर्मा भाई जी कहा कि मोबाइल से युवा पीढ़ी गतृ में जा रही है कई छोटे-छोटे,बच्चे बिना मोबाइल के भोजन नहीं करते हैं ।
भाई जी ने पुरुषोत्तम मास का महत्व बताते हुए कहा कि पुरुषोत्तम मास में जप तप करने का विशेष महत्व है
आयोजनों में बढ़ती आडंबर प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए
जोड़ने आव्हान किया व्यास पीठ पंडित दशरथ शर्मा ने सीता वनवास में सास ससुर और गुरु की सेवा हनुमान जी के बल के बारे में जैसे प्रसंग पर उदाहरण पेश किया उन्होंने परिवार में बढ़ती दूरियां एवं बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जोड़ने पर जोर दिया,,,
इस धार्मिक महोत्सव का लाभ शिक्षक परिवार सुवासरा ने लिया,, कथा के कई प्रसंगों पर भजन में मां तू कितनी अच्छी तो कितनी भोली जैसे भजनों पर…
इस अवसर पर बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को भक्ति में उत्साह से सरोबार कर दिया।



