समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 15 जुलाई 2026 बुधवार

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मंदसौर विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया
मंदसौर 14 जुलाई 2026 / मंदसौर शहर क्षेत्र के चहूमुखी विकास को नवीन आयाम देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मंदसौर विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है। प्राधिकरण के गठन से शहर के मास्टर प्लान तथा विकास योजनाओ को और नए सिरे से गतिमान किया जा सकेगा।
कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग ने बताया कि विकास प्राधिकरण जैसी वैधानिक संस्थाओं के गठन से शहर या क्षेत्र के नियोजित विकास, आधारभूत संरचनाओं के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपादित किए जाते हैं।
कलेक्टर ने बताया कि प्राधिकरण के गठन से शहरी क्षेत्र में भूमि के वाणिज्यिक एवं व्यावसायिक उपयोग को नई दिशा मिल सकेगी। नई आवासीय एवं वाणिज्य योजनाओं का विकास, सड़क, पार्क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं आदि का निर्माण व्यापक स्तर पर होगा। इसके अलावा अनाधिकृत विकास एवं अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण रहेगा। भूमि विकास तथा नगरीय विस्तार का नियमन होगा। प्राधिकरण द्वारा विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि का प्रबंधन एवं अधिग्रहण भविष्य में हो सकेगा, जिससे नियोजित विकास द्वारा उद्योग व्यापार एवं निजी निवेश आकर्षित होते हैं रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी के साथ-साथ भविष्य की शहरी आबादी एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जा सकेंगी।
प्रशासन द्वारा मंदसौर विकास प्राधिकरण के गठन के संबंध में प्रेषित प्रस्ताव में आवश्यक जानकारियां समाहित की गई है। जिसमें मंदसौर का भौगोलिक परिदृश्य निवेश क्षेत्र सहित कृषि व्यापार, यातायात, आवागमन तथा अन्य बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी सम्मिलित है।
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जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने सुनी 83 आवेदकों की समस्याएं
मंदसौर 14 जुलाई 2026 / जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन ने 83 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए एवं कोई भी व्यक्ति अनावश्यक परेशान न हो। लोगों को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसुनवाई के दौरान आए विभिन्न प्रकरणों में त्वरित निर्देश जारी किए गए।
मंदसौर निवासी रामकन्या बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि आवंटीत करवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर नगर पालिका सीएमओ मंदसौर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। नांदवेल निवासी प्रमोद ने शासकीय रास्ते से अतिक्रमण हटवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर तहसीलदार दलोदा को जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। धलपट निवासी प्रदीप ने खेत पर जाने का रास्ता खुलवाने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर तहसीलदार सुवासरा को जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त जनसुनवाई में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, शासकीय भूमि का सिमांकन करवाने, शासकीय रास्ते से अतिक्रमण हटवाने, आयुष्मान योजना का लाभ दिलवाने, फसल नुकसानी का मुआवजा दिलवाने, अवैध लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ दिलवाने एवं ग्रेज्युटी की राशि का लाभ दिलवाने जैसे विविध प्रकार के आवेदन प्राप्त हुए।
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बच्चों को विटामिन ‘ए’ का घोल पिलाकर की गई ‘दस्तक अभियान’ की शुरूआत
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गुर्जर के करकमलों से हुआ अभियान का शुभारंभ
मंदसौर 14 जुलाई 2026 / बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, कुपोषण से मुक्ति और त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय मंदसौर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘दस्तक अभियान’ का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर द्वारा किया गया। बच्चों को विटामिन ‘ए’ का घोल पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य को समर्पित यह विशेष अभियान प्रारंभ होकर आगामी 31 अगस्त 2026 तक पूरे जिले में निरंतर संचालित किया जाएगा। अभियान को जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जिले में 200 विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर जिले के 1,51,569 बच्चों की स्क्रीनिंग करेंगी।
स्क्रीनिंग के दौरान प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य की जांच के साथ-साथ उनके परिजनों को दो ओआरएस (ORS) पैकेट और 14 जिंक की गोलियां अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएंगी, ताकि बच्चों को डायरिया और डिहाइड्रेशन जैसी बीमारियों से बचाया जा सके। स्क्रीनिंग के पश्चात यदि कोई बच्चा गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) पाया जाता है, तो उसे जिले में 7 पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) में तत्काल भर्ती कर विशेषज्ञों की देखरेख में निशुल्क उपचार और पौष्टिक आहार प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर सुंदरलाल पटवा शासकीय मेडिकल कॉलेज की सहायक प्राध्यापक एवं शिशु रोग विभाग प्रमुख डॉ. नईकी मीनार, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुरेश सोलंकी, उज्जैन संभाग के एविडेंस एक्शन के संभागीय समन्वयक श्री कपिल कुमार यति, जिला एनआरसी नोडल अधिकारी डॉ. अर्पित यति, तथा जिला मीडिया अधिकारी डॉ. एम. एल. कश्यप उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग के प्रचार सहायक श्री जगदीश खींची सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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जेंडर संवेदीकरण कार्यक्रम वन स्टॉप सेंटर पर आयोजित हुआ
मंदसौर 14 जुलाई 2026 / कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के निर्देशन में जिले में मिशन शक्ति अंतर्गत गतिविधियां आयोजित की जा रही है जिसमें थीम आधारित जेंडर संवेदनशीलता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास सुश्री अंकिता पंड्या ने बताया कि घर के कामों में बिना किसी जेंडर भेद के सहयोग करें। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून यौन उत्पीड़न रोकथाम संबंधित कानून की जानकारी दी गई। खाना बनाना, साफ-सफाई या बच्चों की देखभाल केवल महिलाओं का काम नहीं है, बल्कि यह सभी की जिम्मेदारी है। घर पर ही लड़कों और लड़कियों को समान जिम्मेदारियां और अवसर दें ताकि वे एक-दूसरे के काम और संघर्षों को समझ सकें। बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं करना है। सायबर सुरक्षा संबंधित प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
विभिन्न हेल्पलाइन नंबर 181,1098,112,1930 की जानकारी दी गई।
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आईएफएमआईएस केयर्स केम्प के अंतर्गत समस्याओं के निराकरण हेतु 16 एवं 17 जुलाई को पंजीयन कराएं
मंदसौर 14 जुलाई 26 / वरिष्ठ कोषालय अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिला कोषालय मंदसौर के अन्तर्गत समस्त आहरण एवं संवितरण द्वारा आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर का उपयोग विभिन्न प्रकार के वित्तीय संव्यवहार में किया जाता है, इस व्यवस्था के उपयोग में कई बार समस्यायें दर्ज की जाती है।
इन समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को समाधान से अवगत कराने के उद्देश्य से 16 जुलाई 2026 व 17 जुलाई 2026 को जिला कोषालय मंदसौर में आईएफएमआईएस केयर्स केम्प के अंतर्गत डीडीओ कार्यालय में प्रचलित व नवीन समस्यायें जिला कोषालय में प्राप्त कर इनका पंजीयन किया जावेगा।
इस दौरान तकनीकी रूप से या अन्य स्थितियों में जो समस्याएं जिला स्तर पर निराकृत नही कर पाएगें उनको संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा उज्जैन को प्रतिवेदित किया जावेगा जिसके निराकरण हेतु संचालनालय कोष एवं लेखा को अवगत कराया जा सकेगा।
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