अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिभा सम्मान समारोह में गूंजा राष्ट्रवाद- पंच परिवर्तन से देश बदलने का लिया संकल्प

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिभा सम्मान समारोह में गूंजा राष्ट्रवाद- पंच परिवर्तन से देश बदलने का लिया संकल्प
– सतीश शर्मा
गरोठ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) गरोठ इकाई द्वारा शासकीय कन्या शाला विद्यालय में आयोजित ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ राष्ट्रवाद और सामाजिक संकल्पों के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाज सेवी गरोठ जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि रणजीत सिंह चौहान एवं विशेष अतिथि के रूप में अभाविप के विभाग संयोजक (मंदसौर-नीमच-रतलाम) श्री हेमंत रावत उपस्थित रहे। नगर मंत्री लखन व्यास की अगुवाई में आयोजित इस समारोह में क्षेत्र के होनहार छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट सफलताओं के लिए सम्मानित किया गया।
‘पंच परिवर्तन’ और राष्ट्रवाद पर रहा विशेष ज़ोर-
समारोह को मुख्य वक्ता व विशेष अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विभाग संयोजक हेमंत रावत ने विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति का जोश भरा। उन्होंने भारत के समृद्ध इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि:”नालंदा विश्वविद्यालय हमारे ज्ञान और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक रहा है, आज के युवाओं को उसी गौरव को पुनर्जीवित करना है।”
रावत ने ऐतिहासिक संघर्षों को रेखांकित करते हुए आगे कहा कि:
“देश में धारा 370 की समाप्ति के संकल्प को जीवित रखने और ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष को जन-जन की आवाज बनाने के लिए विद्यार्थी परिषद ने सड़क से लेकर संसद तक लंबा संघर्ष शुरू किया और उसे अंजाम तक पहुँचाया।”
उन्होंने छात्र-छात्राओं और राष्ट्र के सजग नागरिकों से समाज में ‘पंच परिवर्तन’ (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य) को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया, ताकि एक आत्मनिर्भर और समर्थ भारत का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रणजीत सिंह चौहान ने भी मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्रबुद्ध नागरिक, शिक्षक गण एवं विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन गरोठ भानपुरा विभाग संयोजक सोनू बागड़ी ने किया। आभार नगर मंत्री लखन व्यास ने व्यक्त किया।



