नीमचमध्यप्रदेश
सेवानिवृत्ति के बाद पहली बार पैतृक गांव दुधलाई पहुंचे अपर कलेक्टर श्री आर.पी. वर्मा

कोकिंदा परिवार एवं ग्रामीणों ने किया आत्मीय स्वागत, 42 वर्षों की शासकीय सेवा के अनुभव किए साझा
मंदसौर । धनगर गायरी समाज, ग्राम दुधलाई के कोकिंदा परिवार के गौरव एवं अपर कलेक्टर, आगर-मालवा श्री आर.पी. वर्मा 42 वर्षों की शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद रविवार, 23 अगस्त 2026 को पहली बार अपने पैतृक गांव दुधलाई पहुंचे। उनके गांव आगमन पर कोकिंदा परिवारजनों एवं ग्रामीणों ने जगह-जगह 5 पुष्पमालाओं, फूलों एवं नारियल से आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान “भारत माता की जय” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।
गांव पहुंचने पर श्री वर्मा ने सर्वप्रथम दुधलाई बस स्टैंड स्थित बालाजी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात बस स्टैंड से अपने पैतृक निवास तक पहुंचने के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं ग्रामीणों ने पुष्पमालाओं से उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। स्वागत का यह सिलसिला उनके पैतृक निवास पहुंचने पर संपन्न हुआ।
श्री वर्मा का जन्म कोकिंदा परिवार में हुआ अतः उनके परिवार में सेवानिवृत्ति के पश्चात प्रथम बार अपने पैतृक गांव आने पर अपार उत्साह था
इस अवसर पर कोकिंदा परिवार द्वारा स्वागत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में परिवार के वरिष्ठजन, बड़े-बुजुर्ग, माताएं-बहनें, भाई, बच्चे सहित बड़ी संख्या में परिवारजन एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने श्री वर्मा का आत्मीय अभिनंदन करते हुए उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
42 वर्षों की शासकीय सेवा के अनुभव साझा किए
स्वागत समारोह में श्री आर.पी. वर्मा ने अपने 42 वर्षों के लंबे शासकीय सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 1984 में उन्होंने शिक्षक के रूप में ग्राम नलवा से अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी। मध्य प्रदेश लोकसभा आयोग की प्रतियोगिता परीक्षा देने की प्रेरणा आदर्श शिक्षक पिता श्री बाबूलाल जी वर्मा एवं कॉलेज में इतिहास के प्राध्यापक श्री प्रभात झा से मिली कोकिंदा परिवार से समय-समय पर उच्च पद पर जाने हेतु प्रोत्साहन मिलता रहा जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष 1988 में नायब तहसीलदार के पद से राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने सतना, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर एवं नीमच सहित विभिन्न जिलों में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
श्री वर्मा का सेवाकाल ग्रामीण परिवेश एवं सामान्य कृषक परिवार से निकलकर अपने परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर प्रशासनिक सेवा में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त करने की प्रेरणादायी यात्रा रहा है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की सहायता के स्वयं अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए खेती-किसानी के कार्यों का भी दायित्व बखूबी निभाया। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण रहा है।
गांव पहुंचने पर श्री वर्मा ने सर्वप्रथम दुधलाई बस स्टैंड स्थित बालाजी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात बस स्टैंड से अपने पैतृक निवास तक पहुंचने के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं ग्रामीणों ने पुष्पमालाओं से उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। स्वागत का यह सिलसिला उनके पैतृक निवास पहुंचने पर संपन्न हुआ।
श्री वर्मा का जन्म कोकिंदा परिवार में हुआ अतः उनके परिवार में सेवानिवृत्ति के पश्चात प्रथम बार अपने पैतृक गांव आने पर अपार उत्साह था
इस अवसर पर कोकिंदा परिवार द्वारा स्वागत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में परिवार के वरिष्ठजन, बड़े-बुजुर्ग, माताएं-बहनें, भाई, बच्चे सहित बड़ी संख्या में परिवारजन एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने श्री वर्मा का आत्मीय अभिनंदन करते हुए उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
42 वर्षों की शासकीय सेवा के अनुभव साझा किए
स्वागत समारोह में श्री आर.पी. वर्मा ने अपने 42 वर्षों के लंबे शासकीय सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 1984 में उन्होंने शिक्षक के रूप में ग्राम नलवा से अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी। मध्य प्रदेश लोकसभा आयोग की प्रतियोगिता परीक्षा देने की प्रेरणा आदर्श शिक्षक पिता श्री बाबूलाल जी वर्मा एवं कॉलेज में इतिहास के प्राध्यापक श्री प्रभात झा से मिली कोकिंदा परिवार से समय-समय पर उच्च पद पर जाने हेतु प्रोत्साहन मिलता रहा जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष 1988 में नायब तहसीलदार के पद से राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने सतना, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर एवं नीमच सहित विभिन्न जिलों में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
श्री वर्मा का सेवाकाल ग्रामीण परिवेश एवं सामान्य कृषक परिवार से निकलकर अपने परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर प्रशासनिक सेवा में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त करने की प्रेरणादायी यात्रा रहा है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की सहायता के स्वयं अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए खेती-किसानी के कार्यों का भी दायित्व बखूबी निभाया। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण रहा है।
श्री वर्मा के व्यक्तित्व में सादगी, विनम्रता, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा एवं कर्मयोग की भावना सदैव प्रमुख रही है। शासकीय दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक एवं आध्यात्मिक सरोकारों को भी महत्व दिया। समय-समय पर रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने जनमानस में आध्यात्मिक चेतना एवं जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।
उनकी उपलब्धियों और सरल, सहज एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर परिवार, समाज एवं क्षेत्र के लोगों ने गौरव व्यक्त किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि श्री वर्मा का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर शासकीय सेवा के सर्वोच्च दायित्वों तक पहुंचना तथा 42 वर्षों तक पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करना उनकी मेहनत और कर्मठता का परिचायक है।
सेवानिवृत्ति के बाद अपने आगामी जीवन की योजनाओं के संबंध में श्री वर्मा ने कहा कि अब वे नीमच में परिवार के साथ समय बिताने के साथ-साथ समाजसेवा एवं सामाजिक कार्यों के लिए अपना समय समर्पित करेंगे।
समारोह में परिवार के वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। परिवारजनों एवं ग्रामीणों ने श्री आर.पी. वर्मा के आगामी जीवन के लिए उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, प्रसन्नता एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
कार्यक्रम आत्मीयता, पारिवारिक स्नेह एवं सम्मान के वातावरण में संपन्न हुआ। परिवारजनों एवं ग्रामीणों ने श्री वर्मा को उनकी दीर्घ शासकीय सेवा एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए साधुवाद देते हुए उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए अनंत शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की।
उनकी उपलब्धियों और सरल, सहज एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर परिवार, समाज एवं क्षेत्र के लोगों ने गौरव व्यक्त किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि श्री वर्मा का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर शासकीय सेवा के सर्वोच्च दायित्वों तक पहुंचना तथा 42 वर्षों तक पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करना उनकी मेहनत और कर्मठता का परिचायक है।
सेवानिवृत्ति के बाद अपने आगामी जीवन की योजनाओं के संबंध में श्री वर्मा ने कहा कि अब वे नीमच में परिवार के साथ समय बिताने के साथ-साथ समाजसेवा एवं सामाजिक कार्यों के लिए अपना समय समर्पित करेंगे।
समारोह में परिवार के वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। परिवारजनों एवं ग्रामीणों ने श्री आर.पी. वर्मा के आगामी जीवन के लिए उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, प्रसन्नता एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
कार्यक्रम आत्मीयता, पारिवारिक स्नेह एवं सम्मान के वातावरण में संपन्न हुआ। परिवारजनों एवं ग्रामीणों ने श्री वर्मा को उनकी दीर्घ शासकीय सेवा एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए साधुवाद देते हुए उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए अनंत शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की।


