विश्व मंगल बालाजी के समीप श्री राम कथा में राम-सीता विवाह प्रसंग संपन्न

मंदसौर। श्री विश्व मंगल बालाजी मंदिर, नानेश नगर, इंदिरा कॉलोनी के समीप पद्मावती रिसोर्ट के सामने भागवत विचार संस्थान के तत्वावधान में आयोजित नवदिवसीय श्री राम कथा में सातवें दिवस भगवान श्रीराम एवं माता सीता के विवाह का भव्य एवं मनोहारी प्रसंग संपन्न हुआ। कथा व्यास मालवा स्वामी भागवताभूषणाचार्य पंडित श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री के मुखारविंद से राम-सीता विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान पंडित श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री ने बताया कि महर्षि विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुरी पहुंचे। विश्वामित्र की आज्ञा से दोनों भाई पुष्प वाटिका में फूल लेने गए। इसी दौरान माता सीता अपनी सखियों के साथ गौरी पूजन के लिए वाटिका में पहुंचीं। यहीं श्रीराम और माता सीता का प्रथम मिलन हुआ। दोनों ने एक-दूसरे को देखकर प्रेम, श्रद्धा और आत्मीयता का अनुभव किया।
श्रीराम ने तोड़ा शिवधनुष
कथा व्यास ने बताया कि राजा जनक ने प्रतिज्ञा की थी कि जो वीर भगवान शिव के विशाल धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी के साथ माता सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में अनेक पराक्रमी राजा आए, लेकिन कोई भी शिवधनुष को हिला तक नहीं सका। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने सहज भाव से शिवधनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष भंग हो गया। शिवधनुष टूटने की आवाज सुनकर भगवान परशुराम क्रोधित होकर सभा में पहुंचे। भगवान श्रीराम ने अपनी विनम्रता, मर्यादा और मधुर वचनों से उनके क्रोध को शांत किया। इसके बाद राजा जनक के निमंत्रण पर राजा दशरथ भव्य बारात लेकर जनकपुरी पहुंचे।
राम-सीता विवाह की झांकी ने मोहा मन
विवाह प्रसंग के दौरान भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई। माता सीता ने भगवान श्रीराम को जयमाला पहनाई। वेदमंत्रों और मंगलगीतों के बीच राम-सीता विवाह संपन्न हुआ। इस प्रसंग के दौरान कथा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
श्रावण मास में रामकथा का आयोजन
विश्व मंगल बालाजी के भक्तों ने बताया कि पवित्र श्रावण मास के अवसर पर श्री विश्व मंगल बालाजी की असीम कृपा से नौ दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध कथा व्यास पंडित श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री द्वारा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक श्री राम कथा की अमृतवाणी श्रद्धालुओं को सुनाई जा रही है। आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से परिवार एवं मित्रों सहित कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण एवं धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।


