मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 26 अगस्त 2026 मंगलवार

शासकीय आईटीआई रतलाम तथा आलोट में छठे चरण की CLC प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

25 से 29 अगस्त 2026 तक होगी नवीन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग प्रक्रिया
01 सितंबर को व्यवसायवार मेरिट सूची जारी की जाएगी

प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रतलाम तथा प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आलोट श्री दिलीप पराते ने बताया कि संस्था में सत्र 2026-27 के लिए छठे चरण की CLC प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आईटीआई में उपस्थित होकर रिक्त सीटों पर प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।

छठे चरण की CLC प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत 25 अगस्त से 29 अगस्त 2026 तक नवीन पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं आईटीआई/व्यवसाय चयन की प्रक्रिया की जाएगी। अभ्यर्थी अधिकतम 05 चॉइस दर्ज कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी रुचि एवं पात्रता के अनुसार आईटीआई एवं व्यवसाय का सावधानीपूर्वक चयन करें।

31 अगस्त 2026 को अभ्यर्थियों की उपस्थिति आईटीआई के कार्यालयीन समय में प्रातः 10:30 बजे से सायं 05:30 बजे तक दर्ज की जाएगी। प्रत्येक अभ्यर्थी किसी एक आईटीआई में किसी एक व्यवसाय के लिए ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।

01 सितंबर 2026 को प्रातः 10:00 बजे आईटीआई के नोटिस बोर्ड पर व्यवसायवार मेरिट सूची जारी की जाएगी। मेरिट सूची के आधार पर प्रवेश की कार्यवाही प्रातः 11:00 बजे से प्रारंभ होगी।

यदि सीटें रिक्त रहती हैं तो 03 सितंबर 2026 को प्रतीक्षा सूची (Waiting List) के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन एवं प्रवेश प्रक्रिया की जाएगी। प्रतीक्षा सूची प्रातः 10:00 बजे आईटीआई के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी तथा प्रवेश की कार्यवाही दोपहर 01:00 बजे से प्रारंभ होगी।

संस्थान के प्राचार्य ने इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आईटीआई रतलाम में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया में भाग लें तथा किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए समय-सारणी का पालन करें।

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शासकीय महिला आईटीआई रतलाम में सीएलसी राउंड में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

25 से 29 अगस्त तक होगी चॉइस फिलिंग प्रक्रिया
01 सितंबर को जारी होगी मेरिट सूची

प्राचार्य शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रतलाम ने बताया कि संस्था में सत्र 2026-27 सीएलसी राउंड के लिए च्‍वाईस फिलिंग 25 अगस्त से 29 अगस्त 2026 तक चलेगी। इस दौरान रजिस्ट्रेशन में त्रुटि सुधार एवं चॉइस फिलिंग की जा जाएगी। 31 अगस्त 2026 को आवेदक द्वारा की गई चॉइस फिलिंग की मेरिट क्रम प्रदर्शित किया जाएगा। जिनमें से किसी एक चॉइस को लॉक करना होगा। इसके पश्चात 1 सितंबर 2026 को मेरिट सूची जारी की जाएगी एवं मेरिट सूची अनुसार आवेदक प्रवेश ले सकेंगे। 3 सितंबर को प्रतीक्षा सूची के आवेदकों का प्रवेश किया जाएगा।

आईटीआई में प्रवेश के लिए कक्षा 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। सभी आवेदक की न्यूनतम आयु 14 वर्ष एवं पुरूषों हेतु अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है । महिलाओं हेतु कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। आईटीआई में कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट में 1, इलेक्ट्रिशियन में 7, फैशन टेक्नोलॉजी में 34, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिकल में 11, ड्राफ्ट्समैन सिविल में 11, स्टेनोग्राफी हिन्दी में 10 एवं स्टेनोग्राफी अंग्रेजी में 32 रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।

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कलेक्टर ने 51 गोशालाओं के 14 हजार 371 गोवंश के लिए 8 करोड़ 69 लाख रुपए का अनुदान किया स्वीकृत

मार्च से जुलाई तक का लंबित था भुगतान, अब अगस्त से नियमित होगा भुगतान : कलेक्टर श्री कटेसरिया

जिले में संचालित शासकीय एवं अशासकीय (स्वैच्छिक) गोशालाओं के सुचारू संचालन तथा गोवंश के भरण-पोषण के लिए कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 51 गोशालाओं में संधारित 14 हजार 371 गोवंश के लिए 8 करोड़ 69 लाख रुपए का अनुदान भुगतान स्वीकृत किया है। मार्च से जुलाई तक लंबित अनुदान का भुगतान अब किया जा रहा है तथा अगस्त माह से गोशालाओं को अनुदान का भुगतान नियमित रूप से किया जाएगा।

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने बताया कि शासन द्वारा गोशालाओं के लिए नियमित रूप से अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। मार्च माह से अनुदान का भुगतान लंबित था, जबकि गोशालाओं को प्रतिमाह अनुदान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। लंबित अवधि का भुगतान किए जाने के साथ ही अब अगस्त माह से नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला गोपालन एवं पशु संवर्धन समिति के अध्यक्ष कलेक्टर होते हैं। कलेक्टर द्वारा लिए गए इस निर्णय से जिले की पंजीकृत शासकीय एवं अशासकीय गोशालाओं को वित्तीय राहत मिलेगी। अनुदान राशि से गोवंश के लिए चारा, पानी एवं आवश्यक देखभाल की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकेंगी।

पिछले पांच माह से लंबित अनुदान राशि को गोशालाओं के खातों में अंतरित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। कलेक्टर ने पशुपालन विभाग को निर्देशित किया है कि स्वीकृत राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि गोशाला प्रबंधन को गोवंश के भरण-पोषण एवं संवर्धन में किसी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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युवाओं में खेल भावना, राष्ट्र निर्माण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उ‌द्देश्य से

खेले इंडिया संवाद-खेल की बात पीएम के साथ कार्यक्रम का आयोजन 27 अगस्त को

शा.कला एवं विज्ञान महावि‌द्यालय तथा स्वामी विवेकानंद शा.वाणिज्य महावि‌द्यालय में आयोजित होगा कार्यक्रम

प्राचार्य स्वामी विवेकानन्द शासकीय वाणिज्य महाविद्यालय, रतलाम डॉ सतीश माहेश्‍वरी ने बताया कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर इस वर्ष 27 अगस्त 2026 को विशेष कार्यक्रम शासकीय कला एवं विज्ञान महावि‌द्यालय तथा स्वामी विवेकानंद शासकीय वाणिज्य महावि‌द्यालय, रतलाम में प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा।

जिसमें MY Bharat के स्वयंसेवक, युवा एवं स्थानीय खिलाड़ी सहभागिता करेंगे तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के संवाद से जुड़ेंगे।

इस अवसर पर देश के युवाओं में खेल भावना, राष्ट्र निर्माण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उ‌द्देश्य से ‘खेले इंडिया संवाद-खेल की बात पीएम के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देशभर के युवाओं एवं खिलाड़ियों से सीधे संवाद करेंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 27 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के लगभग 1600 से अधिक स्थानों पर उपस्थित लाखों युवाओं एवं खिलाड़ियों को संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान पिछले 12 वर्षों में देश के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में आए बदलावों और भारत के उभरते खेल परिवेश पर विशेष चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के संवाद के पश्चात लगभग 15 मिनट का विशेष संवाद सत्र भी आयोजित होगा, जिसमें MY Bharat स्वयंसेवक एवं स्थानीय खिलाड़ी अपने अनुभव, विचार एवं सुझाव साझा करेंगे।

 

यह आयोजन रतलाम जिले के युवाओं एवं खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के संवाद से जोड़ने, खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण विकसित करने तथा नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

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मंत्री श्री सारंग ने नई खेलो इंडिया योजना की दी जानकारी

आजादी के बाद पहली बार 8 गुना बढ़ा खेल का बजट
नई योजना से 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी होंगे लाभान्वित
ज़मीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक होगा प्रतिभा विकास
मध्यप्रदेश में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये होंगे सार्थक प्रयास

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नई खेलो इंडिया योजना के लिये वर्ष 2026–27 से 2030–31 की अवधि के लिये ₹36,441 करोड़ राशि की मंज़ूरी प्रदान की है। इसको लेकर खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में योजना के संबंद्ध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। मंत्री श्री सारंग कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना का लक्ष्य जमीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक खिलाड़ियों की पूरी विकास-श्रृंखला तैयार कर भारत को खेल महाशक्ति बनाना है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस योजना के माध्यम से खेल को युवा विकास, राष्ट्र निर्माण तथा भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जाएगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार खेल का बजट 8 गुना बढ़ा है। इस नई योजना के माध्यम से 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये सार्थक प्रयास करेगा।

खेलो भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को किया गया एकीकृत

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह योजना खेलों को शिक्षा, फिटनेस, प्रौद्योगिकी एवं उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण के साथ एकीकृत करते हुए खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्कूलों से खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचान की जाएगी। इससे प्रारंभिक स्तर पर ही प्रतिभा विकास कर भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिये उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार किए जा सके।

ज़मीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक होगा प्रतिभा विकास

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह नई योजना प्रतिभा पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित प्रतिस्पर्द्धाओं, अंतर्राष्ट्रीय अनुभव तथा ओलंपिक तैयारियों को सम्मिलित करते हुए खिलाड़ियों के लिये एक संरचित विकास मार्ग तैयार करेगा। इसमें ज़मीनी स्तर की प्रतियोगिताओं से प्रारंभ होकर खेलो इंडिया कार्यक्रम तथा टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) तक प्रगति का प्रावधान शामिल है।

खेल से जुड़ी सभी संस्थाओं में आएगी एकरुपता

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस नई योजना में देशव्यापी खेल पारिस्थितिकी तंत्र राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE), खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र (KISCE), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) प्रशिक्षण केंद्रों, मान्यता प्राप्त खेल अकादमियों, खेलो इंडिया केंद्रों तथा सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियों को सम्मिलित करते हुए विकसित किया जाएगा। इससे खेल से जुड़े सभी संस्थाओं में एकरुपता आएगी।

स्कूल एवं प्रतिभा विकास पहल

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि स्कूल टैलेंट सर्च का बहुत बड़ा आधार बने इसका लक्ष्य रखा गया है। नवीन खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय खेलों को शिक्षा प्रणाली के साथ एकीकृत करेंगे। वहीं इमरजिंग खेलो इंडिया एथलीट्स (E-KIAs) श्रेणी के माध्यम से संरचित एथलीट पूल का लगभग 10 गुना तक विस्तार किया जाएगा।

फिट इंडिया एवं नशामुक्त युवा कार्यक्रम का प्रावधान शामिल

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि फिट इंडिया मूवमेंट का विस्तार सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने, महिलाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने, सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक खेल सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। मादक द्रव्यों के सेवन के विरुद्ध खेल-आधारित पहलों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यह पैरा-एथलीटों, पारंपरिक खेलों तथा सामुदायिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

कोच, टेक्नोलॉजी एवं साझेदारी से खेल व्यवस्था होगी सुदृढ़

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड, कोचिंग योग्यताओं के मानकीकरण में सहायता करेगा। साथ ही एकीकृत डिजिटल खेल मंच तथा निजी खेल अकादमियों एवं कॉर्पोरेट संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से योजना निर्माण, शासन व्यवस्था, खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा एथलीट सहायता प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में तैयार होगी विशेष रणनीति

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खेल प्रतिभा और क्षमता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।

विकसित भारत 2047 का संकल्प होगा मजबूत

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को बढ़ी हुई सहायता के माध्यम से कोचिंग, खेल उपकरण, खेल विज्ञान, विदेशी विशेषज्ञों की सेवाओं तथा अंतर्राष्ट्रीय अनुभव के लिये वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना वर्ष 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिये भारत की तैयारियों, ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेलों की मेज़बानी की आकांक्षाओं तथा विकसित भारत 2047 का संकल्प होगा मजबूत।

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शराब के अवैध कारोबार के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्यावाही

आबकारी अधिनियम के तहत 5 प्रकरण पंजीबद्ध किए

डीईओ आबकारी विभाग श्री विकास मंडलोई ने बताया कि कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के आदेशानुसार आबकारी विभाग ने शराब के अवैध कारोबार के विरुद्ध अभियान शुरु कर दिया है।

अभियान के अंतर्गत अवैध शराब विक्रय एवं मदिरापान करने वालों के साथ-साथ शराब दुकानों के आसपास खड़े होकर शराब पीने एवं गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कंपोजिट मदिरा दुकानों के आसपास कार्रवाई की गई।

अभियान के अंतर्गत शहर की शराब दुकानों महू बस स्टेण्ड, शहर सराय, सज्जन मिल, बड़बड़, साला खेड़ी, पावर हाउस, स्टेशन रोड आदि क्षेत्रों में सघन चेकिंग की गई। दुकान के आसपास रोड एवं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण कायम किए गए।

शराब दुकानों के आसपास मदिरापान की सुविधा प्रदान करने वाले गुमटी संचालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई तथा गुमटियों को बंद कराया गया। शराब दुकान संचालकों को दुकान पर साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने एवं दुकान के आसपास ग्राहकों द्वारा शराब का सेवन नहीं किए जाने के संबंध में सख्त चेतावनी दी।

अभियान के अंतर्गत चटका ढाबा गांधीनगर, विनोबा नगर, देशी हांडी ढाबा बिरियाखेड़ी, विजिलेंस ढाबा बिरियाखेड़ी एवं जुलवानिया रोड क्षेत्र में कार्रवाई की गई तथा आबकारी अधिनियम के तहत 5 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए।

डीईओ आबकारी विभाग श्री मंडलोई ने बताया कि ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि सार्वजनिक स्थलों पर मद्यपान एवं असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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जिले में विभिन्न कार्यालयों में हुई जनसुनवाई

अधिकारियों ने सुनी आमजन की समस्याएं

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के निर्देशानुसार प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई के तहत आज जिले में विभिन्न विकेन्द्रीकृत केन्द्रों पर जनसुनवाई आयोजित की गई। प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं सुनी तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही की।

नगर पालिक निगम रतलाम क्षेत्र कार्यालय, रतलाम, जावरा, सैलाना एवं आलोट अनुविभाग कार्यालय तथा बाजना एवं पिपलौदा विकासखंड कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित हुई। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं।

जनसुनवाई में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कृषि, विद्युत सहित विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। अधिकारियों द्वारा आवेदनों को दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की गई तथा जिन प्रकरणों का निराकरण मौके पर संभव था, उनका निराकरण किया गया।

जनसुनवाई में संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवेदकों को उनके प्रकरण में की जा रही कार्यवाही से अवगत कराने के लिए भी कहा गया।

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आईएफएमआईएस संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु प्रत्येक गुरुवार विशेष ऑनलाइन कैंप

भोपाल के तकनीकी विशेषज्ञ ऑनलाइन जुड़कर करेंगे समस्याओं का निराकरण

जिला कोषालय अधिकारी श्री मनोज सोलंकी द्वारा बताया गया कि आईएफएमआईएस से संबंधित तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक गुरुवार को कोषालय में विशेष ऑनलाइन कैंप आयोजित किया जाएगा। कैंप के दौरान भोपाल के तकनीकी विशेषज्ञ जूम एप के माध्यम से ऑनलाइन जुड़कर समस्याओं का समाधान करेंगे।

कैंप में समस्‍या का विस्तृत विवरण तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कर्मचारी कैंप के दौरान जरूर जुडे, ताकि समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

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रक्षाबंधन पर्व को लेकर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, मावा एवं सेव सहित चार नमूने लिए

रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की जांच की जा रही है। इसी क्रम में आज 25 अगस्त को जावरा स्थित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति बघेल द्वारा गुना चौक, जावरा स्थित अग्रवाल मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया गया। मौके पर मावा एवं सेव के नमूने जांच हेतु लिए गए। प्रतिष्ठान संचालक को परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में 54, सोमवारिया बाजार, जावरा स्थित अरोड़ा नमकीन सेंटर का निरीक्षण किया गया। यहां खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत सेव एवं पेड़ा के नमूने जांच हेतु लिए गए। मौके पर प्रतिष्ठान संचालक से पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड, मेडिकल सर्टिफिकेट, पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति बघेल ने बताया कि दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए कुल चार नमूनों को जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की जा रही सघन जांच

रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य पदार्थों की शुद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सैलाना एवं रतलाम शहर के विभिन्न मिष्ठान एवं खाद्य प्रतिष्ठानों से मावा, मिठाई, नमकीन, घी एवं अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।

सैलाना में जोधपुर मिष्ठान भंडार, परमार कचौड़ी, रंजित नमकीन एवं मिष्ठान भंडार तथा श्री होरी पैलेस से नमूने लिए गए। वहीं रतलाम शहर में भी विभिन्न प्रतिष्ठानों से मावा, मिठाई, नमकीन, घी एवं मक्खन के नमूने लिए गए। ब्लिंक कॉमर्स से पूजा के घी के नाम पर बिक रहे नवीन पूजा घी, अनुपम पूजा घी एवं दर्शन पूजा घी के नमूने भी लिए गए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रीति मंडोरिया ने बताया कि सभी नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट में नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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24 विनिर्माण एमएसएमई इकाइयों को 25.07 करोड़ रुपए का उद्योग विकास अनुदान स्वीकृत : कलेक्टर श्री कटेसरिया

एमएसएमई प्रोत्साहन योजनांतर्गत जिला स्तरीय सहायता समिति की बैठक संपन्न

एमएसएमई प्रोत्साहन योजनांतर्गत जिला स्तरीय सहायता समिति की बैठक कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सदस्य सचिव एवं महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, रतलाम तथा समिति सदस्य जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक में महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा एमएसएमई प्रोत्साहन योजनांतर्गत प्राप्त 26 विनिर्माण एमएसएमई इकाइयों के उद्योग विकास अनुदान के प्रकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। समिति द्वारा प्रकरणों पर विचार-विमर्श एवं परीक्षण के उपरांत 24 विनिर्माण एमएसएमई इकाइयों के लिए कुल 25 करोड़ 7 लाख 59 हजार 962 रुपए का उद्योग विकास अनुदान स्वीकृत किया गया।

 

वहीं, प्रस्तुत 26 प्रकरणों में से शेष 2 एमएसएमई इकाइयों के उद्योग विकास अनुदान संबंधी प्रकरणों को पुनः परीक्षण कर समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने हेतु लंबित रखने का निर्णय लिया गया।

 

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने कहा कि जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उद्योगों के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा जिले की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

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राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित और उनके प्रमोशन के साथ अपना इमोशन जोड़कर निर्णय लिया है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंत्रालय कर्मचारियों ने किया अभिनंदन
कर्मचारी हित में लिए जा रहे ऐतिहासिक निर्णयों के लिए माना आभार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी सुश्री जागृति पटेल और विक्रम अवॉर्ड विजेता सुश्री अंजली वर्मा को सम्मानित किया गया
मंत्रालय परिसर में हुआ कार्यक्रम

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया अब रुकेगी नहीं, अब पदोन्नति का यह क्रम साल दर साल चलता रहेगा। इस साल सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी प्रारंभ होने वाली है। सभी पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। पारदर्शी निर्णय और दृढ़ संकल्प ही सुशासन का आधार स्तंभ है। कर्मचारियों के हित में राज्य सरकार सभी कल्याणकारी निर्णय लेने के लिए सदैव तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों बहनों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कर्मचारी हित में लिए गए निर्णयों के लिए मंत्रालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी सुश्री जागृति पटेल और विक्रम अवॉर्ड विजेता सुश्री अंजली वर्मा को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पदोन्नति के बाद कर्मचारियों के मन की प्रसन्नता उनके चेहरे पर दिखाई देती है। प्रदेश के विकास और जनकल्याण के बढ़ते कारवां में कर्मचारियों का विशेष योगदान है। कर्मचारियों के उत्साहवर्धन के लिए सभी प्रकार के वेतन, भत्ते और पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। यह कर्मचारियों का अधिकार है, इससे कर्मचारियों के मन में ऊर्जा का संचार होता है, उनके परिवार में खुशी आती है। राज्य सरकार कर्मचारियों को समय पर सभी लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि देरी से लिया गया निर्णय भी अन्याय के समान होता है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित और उनके प्रमोशन के साथ अपना इमोशन जोड़कर निर्णय लिया है।

विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव कर्मचारियों के वेतन भत्तों के साथ साथ उनके आवास की भी चिंता कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के कल्याण, गरीब, महिला और युवा सहित सभी वर्गों के लिए जनहितैषी निर्णय लिए हैं। कार्यक्रम आयोजक एवं संयोजक श्री सुभाष वर्मा ने मंत्रालय परिवार की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 को राज्य के कर्मचारियों की किस्मत खुली थी। वर्ष 2013 से रुके भत्तों का भुगतान किया गया। इसके बाद 2026 में प्रदेशभर के 1 लाख 25 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने कार्यकाल में अनेक कर्मचारी हितैषी निर्णय लिए गए। जनकल्याण के लिए एक मजबूत तंत्र की आवश्यकता होती है, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दृढ़ संकल्प के धनी हैं। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा सहित शासकीय कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी भाई बहन उपस्थित थे।

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प्रदेश के इंफ्रॉस्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, सायबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को गति देने के लिए 10 हजार 630 करोड़ रूपये की स्वीकृति

म.प्र. सड़क विकास निगम को 12 मार्गों के निर्माण के लिए 4 हजार 600 करोड़ रूपये के ऋण की गांरटी दिये जाने का अनुमोदन 22 प्रमुख सड़कों का हस्तांतरण एमपीआरडीसी को किये जाने का निर्णय
सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. मार्ग निर्माण के लिए 3 हजार 960 करोड़ रूपये का अनुमोदन
आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन की स्वीकृति
महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (दृष्टिबाधित) में 78 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति खिलाडियों को प्रोत्साहन मद से करने की कार्योत्तर स्वीकृति
मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन के संचालन के लिए 244 पदों की स्वीकृति
निर्धन और कमजोर वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रूपये की स्वीकृति
राज्य कम्प्यूटर सेक्यूरिटी इंसीडेंट/रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना संबंधी योजना के लिए 80 करोड़ रूपये की स्वीकृति
अतिथि गृह के उन्नयन और संचालन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रूपये की स्वीकृति
भारतीय न्याय संहिता 2023 में परिवर्तित धाराओं में कार्यवाही के लिए ईओडब्ल्यू को अधिकृत करने के लिए
अधिसूचना में संशोधन को स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के इंफ्रॉस्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, सायबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को गति देने के लिए 10 हजार 630 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) को 12 मार्गों के निर्माण के लिए नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रेक्चर डेवलपमेंट अस्सिटेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया इसी तरह चयनित राजमार्गं, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग एवं ग्रामीण मार्गों की श्रेणी को 22 मार्गों को स्वामित्व मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय लिया गया तथा 3 हजार 960 करोड़ रुपये की लागत से सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. मार्ग को फोर-लेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के तहत निर्धन एवं कमजोर वर्गों से जुड़ी 19 जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए 1 हजार 740 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

स्वास्थ्य एवं तकनीकी अवसंरचना का विस्तार करते हुए उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 244 पदों के सृजन तथा सायबर सुरक्षा प्रबंधन के लिए एमपी-सीईआरटी योजना अंतर्गत 80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसके अतिरिक्त नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन एवं अतिथि गृहों के उन्नयन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपये, आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन, भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत ईओडब्ल्यू को अधिकृत करने और महिला टी-20 दृष्टिबाधित क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 की पदक विजेता खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को 78 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदाय किए जाने की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।

म.प्र. सड़क विकास निगम को प्रदेश में 12 सड़कों के निर्माण के लिए 4 हजार 600 करोड़ रूपये के ऋण की गांरटी का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस (निडा) से 4 हजार 600 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किये जाने के लिए राज्य शासन द्वारा प्रत्याभूति (गारंटी) प्रदाय किये जाने का अनुमोदन दिया है। सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) को 12 मार्गों के निर्माण के लिए नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट अस्सिटेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इन मार्गों में भोपाल-विदिशा मार्ग, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ-म.प्र, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्ड, नीमच-मनासा-रामपुरा झालावाड मार्ग एसएस-7, इंदौर-देपालपुर मार्ग का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर, चापडा-नेवरी से देवास तक एसएच-64 का 2-लेन मय, दिनारा-दतिया,सेवड़ा मार्ग,आगर-सांरगपुर मार्ग, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई से खिमलासा मार्ग तथा सुन्दरा- सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया गोहदा-सिरमोर शामिल है।

22 प्रमुख सड़कों का हस्तांतरण एमपीआरडीसी को किये जाने का निर्णय

राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व हस्तांतरण नाममात्र मूल्य पर ‘म.प्र. सड़क विकास निगम’ (एमपीआरडीसी) को किया जाएगा। इसके बदले निगम का संचालक मंडल राज्य सरकार के पक्ष में अपनी अंश पूंजी (शेयर) जारी करेगा। इस ऋण के ब्याज और ऋण का भुगतान हस्तांतरित मार्ग से प्राप्त टोल संग्रहण और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त राशि से किया जाएगा। मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम, 2012 में संशोधन किया जाकर इस मार्गों पर टोल संग्रहण और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त राशि को सीधे निगम की आय माना जाएगा। स्वीकृत ऋण सीमा के भीतर मार्गों में परिवर्तन और नवीन मार्गों के चयन का अधिकार निगम के संचालक मंडल के पास रहेगा। परियोजना के तहत राशि का आहरण ‘जस्ट इन टाइम’ (जेआईटी) सिद्धांत के अनुसार केवल आवश्यकता पड़ने पर ही किया जाएगा।

सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. मार्ग निर्माण के लिए 3 हजार 960 करोड़ रूपये का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. मार्ग, 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कुल 3,960 करोड़ 09 लाख रूपये का अनुमोदन दिया है। स्वीकृति अनुसार मार्ग निर्माण के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर परियोजना और वित्तीय लागत 3,458 करोड़ 93 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। परियोजना निर्माण लागत का 40 प्रतिशत राशि 704 करोड़ 38 लाख रूपये राज्य बजट के माध्यम से और शेष 60 प्रतिशत 2,253 करोड़ 39 लाख रूपये संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से व्यय किया जाएगा। निर्माण से पूर्व के कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) और सुपरविजन चार्जेस के लिए 501 करोड़ 16 लाख रूपये का भी अनुमोदन दिया है।

सिवनी-बालाघाट मार्ग मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण राज्य राजमार्ग-72 है, जो जिला मुख्यालय सिवनी को महत्वपूर्ण वन एवं खनिज क्षेत्र बालाघाट से जोड़ता है। यह मार्ग दो राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (नागपुर-लखनादौन), राष्ट्रीय राजमार्ग 543 (गोंदिया-मण्डला) एवं राष्ट्रीय राजमार्ग 543 के (बालाघाट-भंडारा) मार्गों को भी जोड़ता है। यह मार्ग मलाजखंड तांबा परियोजना, भरवेली मैंगनीज़ माईन्स, कान्हा टाइगर रिज़र्व, पेंच टाईगर रिजर्व और छत्तीसगढ़ राज्य से संपर्क प्रदान करता है।

बालाघाट खनिज एवं वन उत्पादों का प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है तथा सिवनी क्षेत्र कृषि, एवं पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक विकास एवं लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यटकों की आवाजाही में वृदिध होने से कान्हा नेशनल पार्क, पेंच नेशनल पार्क सहित सिवनी तथा बालाघाट क्षेत्र की ग्रामीण एवं शहरी आबादी को लाभ मिलेगा। लगभग 8 से 10 लाख जनसंख्या को यह मार्ग बेहतर संपर्क प्रदान करेगा।

निर्धन और कमजोर वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास से संबंधित 19 योजनाओं के लिए 1 हजार 740 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की निर्धन और कमजोर वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास से संबंधित  19 योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026 से 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 1 हजार 740 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। यह योजनाएं समाज के गरीब, कमजोर, निर्धन, निराश्रित, वरिष्ठजनों, कन्या विवाह/निकाह सहायता, दिव्यांगजनों, नशा पीड़ितों एवं ट्रांसजेण्डर व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक एवं समग्र विकास से संबंधित है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, बहु विकलांग एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति को आर्थिक सहायता योजना, अंध मूक बधिर शालाओं को अनुदान, अन्त्येष्टि सहायता योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना, अंधमूक बधिरों को वृत्तियां, विश्व विकलांग दिवस, दिव्यांजनों को आई.टी.आई. प्रशिक्षण, दधीचि पुरस्कार योजना, कृत्रिम अंग उपकरण वितरण योजना, भारतीय कुष्ठ निवारण संघ को ब्लाक ग्रांट, दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण, अटल वयो अभ्युदय (ए.व्ही.वाय.ए.वाय.) योजना, माता-पिता भरण पोषण योजना, इंदिरा गांधी समाज सेवा पुरस्कार योजना, वरिष्ठ नागरिकों की राज्य परिषद, नशाबंदी कार्यक्रम और नशीली दवा की मांग में कमी लाने के लिये राष्ट्रीय कार्य योजना शामिल है।

मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रभावी संचालन के लिए 244 पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रभावी संचालन के लिए 154 नियमित पद, 01 संविदा पद और 89 आउटसोर्स के माध्यम से रखे जाने वाले व्यक्तियों इस प्रकार कुल 244 पदों/ व्यक्तियों को रखे जाने की स्वीकृति दी है। पदों के वेतनमान, भर्ती पद्धति, सेवा शर्तों और पद-स्वरूप का परीक्षण वित्त विभाग एवं लागू विश्वविद्यालयीन परिनियम, अध्यादेश और सेवा नियमों के अनुसार की जाएगी।

विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा प्रशासन का संस्थागत विकेन्द्रीकरण होगा। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के 31 जिलों के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षण संस्थानों के लिए संबद्धता, निरीक्षण, परीक्षा और अन्य विश्वविद्यालयीन सेवाओं के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध होने से निर्णय एवं सेवा प्रदायगी में अधिक समयबद्धता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जा सकेगा। पाठ्यक्रम, परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली के मानकीकरण, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, समयबद्ध परिणाम एवं प्रमाण-पत्र प्रदाय तथा संस्थाओं के अकादमिक निरीक्षण की सुदृढ़ व्यवस्था से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध कराने की राज्य की दीर्घकालीन क्षमता सुदृढ़ होगी।

राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट/रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना संबंधी योजना के लिए 80 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट/रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना से संबंधित योजना की वित्तीय वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरंतर संचालन के लिए 80 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक, तकनीकी, परामर्श, इंसीडेंट रिस्पांस, फॉरेंसिक और एसओसी कार्य के लिए 25 नवीन पदों सहित अनुमानित वित्तीय लागत राशि 3.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही पूर्व से स्वीकृत 21 मानव संसाधनों के वेतन पुनर्निर्धारण के लिए 3.24 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। एमपी-सीईआरटी के उपरोक्त स्वीकृत तकनीकी मानव संसाधनों को पीईएमटी फ्रेमवर्क अनुरूप प्रबंधन किया जायेगा

निर्णय अनुसार पीईएमटी फ्रेमवर्क में प्रिंसिपल कंसलटेंट से 5 पद, सीनियर कंसलटेंट से 8 एवं कंसलटेंट से 3 पदों को सरेंडर (अभ्यर्पण) किया जाकर इसका उपयोग एमपीसीईआरटी पद संरचना अंतर्गत सृजित किये जाने वाले नवीन पदों की आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी। वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एमपी-सीईआरटी अन्तर्गत अल्प-अवधि के लिए 50 हजार रूपये तक अधिकतम 02 विषय विशेषज्ञों की सेवाएं अनुबंधित की जायेंगी। साथ ही प्रदेश में साइबर सिक्यूरिटी प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता में सकारात्मक भागीदारी बनाये रखने की दृष्टि से एमपीसीईआरटी में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों यथा एनएफएसयू/आईआईटी/एनआईटी/आईआईएसईआर/सीडीएसी आदि संस्थानों से उत्तीर्ण ग्रेजुएट इंजीनियर्स को मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम एमपीसीईआरटी में प्रति वर्ष एक वर्ष के लिए इंजीनियरिंग स्नातक उत्तीर्ण 10 प्रशिक्षुओं को 25 हजार रूपये प्रति माह का प्रशिक्षण भत्ते की दर से एक वर्ष के लिए साक्षात्कार के आधार पर नियुक्ति की जाएगी।

प्रदेश में सायबर सुरक्षा घटनाओं के प्रभावी प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया, जोखिम न्यूनीकरण तथा महत्वपूर्ण शासकीय सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (एमपी-सीईआरटी) की स्थापना की गई है। वर्तमान समय में शासन की अधिकांश सेवाएं, नागरिक केंद्रित प्लेटफॉर्म, डिजिटल भुगतान प्रणालियां, डेटा भंडार, क्लाउड अवसंरचना तथा विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण सूचना प्रणालियां सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं।

अतिथि गृह के उन्नयन और संचालन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने आवासीय आयुक्त कार्यालय म.प्र. भवन नई दिल्ली में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद की 250 करोड़ 67 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार आवासीय आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद में 191 करोड़ 828 लाख रूपये, ज्यूडिशियल स्टॉफ के लिए परिवहन व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 55 लाख रूपये, विशेष आयुक्त कार्यालय, म.प्र. शासन, नई दिल्ली के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद में 6.593 करोड़ रूपये, मध्या लोक, मुम्बई कार्यालय के लिए 4.2655 करोड़ रुपये और विभागीय परिसम्पतियों का संधारण के लिए राजस्व मद में 1 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह नई दिल्ली में प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार निर्माण कार्य के लिए पूंजीगत मद में 44.5803 करोड़ रूपये और नई दिल्ली में प्रस्तावित कार्यालयों की स्थापना के लिए 10 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति 12 नवम्बर 2014 में संशोधन की स्वीकृति दी है। इसके अनुसार संगणित पुनर्वास अनुदान के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में स्थित निजी कृषि भूमि पर स्थापित स्थावर परिसंपत्तियों को छोड़कर कृषि भूमि के लिये कलेक्टर द्वारा जारी की गई गाईडलाईन की तत्समय प्रभावशील दर के अनुसार संगणित मूल्य से दौगुनी राशि भी पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी। नीति के अनुरूप प्रारूपों में आवश्यक संशोधन कर विभाग अपने स्तर से जारी कर सकेगा और अतिरिक्त आवश्यक प्रारूपों को भी जारी कर सकेगा।

सार्वजनिक हित की परियोजनाओं में भूमि का अर्जन, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत किया जाता है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के लिये वह कारक जिसके आधार पर बाजार मूल्य को गुणित किया जाना है। मध्यप्रदेश राजपत्र अधिसूचना 24 अप्रैल 2026 से 1.00 के स्थान पर 2.00 किया गया है। इसे शीघ्र क्रियान्वित करने के लिए आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 12 नवम्बर 2014 में संशोधन किया गया है।

राज्य सरकार के विभिन्न विभागों/उपक्रमों को उनकी अधोसंरचना निर्माण कार्यों एवं विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर निजी भूमि की आवश्यकता पड़ने पर भू-अर्जन की प्रक्रिया में लगने वाले अतिरिक्त समय और लागत को बचाने की दृष्टि से प्रतिफल का भुगतान करके भू-धारकों की आपसी सहमति से भूमि प्राप्त की जा सके तथा शासकीय परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में क्रियान्वित किए जाने के लिए राज्य शासन द्वारा “आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति” 14 नवम्बर, 2014 से लागू की गई है।

भारतीय न्याय संहिता 2023 में परिवर्तित धाराओं में कार्यवाही के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ म.प्र. को अधिकृत करने के लिए अधिसूचना में संशोधन को स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की भारतीय न्याय संहिता 2023 में परिवर्तित धाराओं में कार्यवाही के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ म.प्र. को अधिकृत करने के लिए गृह विभाग की अधिसूचना 31 मई 1977 में संशोधन की स्वीकृति दी है।

महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (दृष्टिबाधित) में प्रदाय प्रोत्साहन राशि 78 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति खिलाडियों को प्रोत्साहन मद से करने की कार्योत्तर स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) की 03 खिलाडियों को कुल प्रोत्साहन राशि 75 लाख रुपये और महिला खिलाडियों के 03 प्रशिक्षक को कुल प्रोत्साहन राशि 3 लाख रूपये इस तरह कुल 78 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति प्रोत्साहन मद से करने की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की है। महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) 23 नवंबर 2025 कोलंबो (श्रीलंका) में नेपाल को पराजित कर स्वर्ण पदक जीतने पर उल्लेखनीय उपलब्धि के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा भारतीय विजेता टीम की सदस्य एवं मध्यप्रदेश की खिलाडी सुश्री सुनिता सराठे (नर्मदापुरम), सुश्री दुर्गा येबले (बैतूल) एवं सुश्री सुषमा पटेल (दमोह) को 25-25 लाख रूपये, जिसमें से 10-10 लाख रूपये नगद एवं 15-15 लाख रूपये फिक्सड डिपाजिट के रूप में तथा महिला खिलाडियों के प्रशिक्षक श्री सोनू गोलकर, श्री ओमप्रकाश पाल और श्री दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपये इस प्रकार कुल 78 लाख रूपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान करने की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई।

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