
“जनोन्मुखी पत्रकारिता समय की मांग” — प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया
ताल तहसील ब्यूरो चीफ : शिवशक्ति शर्मा
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ का एक दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन बुधवार को नागदा स्थित रंगोली रिसोर्ट में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में संगठन के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेश रघुवंशी ने की। मंच पर विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र धाकड़, पूर्व विधायक जितेंद्र गहलोत, प्रख्यात मजदूर नेता सुल्तान सिंह शेखावत, नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ओपी गेहलोत तथा अग्निपथ के संपादक अर्जुन सिंह चंदेल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अपने संबोधन में अग्निपथ के संपादक अर्जुन सिंह चंदेल ने पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रकार स्वयं को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते हैं, जबकि भारतीय संविधान में कहीं भी प्रेस, मीडिया या पत्रकार का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के अन्य तीनों स्तंभों को वेतन एवं पेंशन जैसी सुविधाएं प्राप्त हैं, जबकि पत्रकारों के लिए ऐसी कोई संवैधानिक व्यवस्था नहीं है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की श्रद्धानिधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारों को अपनी निष्पक्षता और निर्भीकता बनाए रखनी चाहिए तथा पत्रकारिता में आई गिरावट पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया ने अपने प्रेरक एवं व्यंग्यपूर्ण उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता मुख्यतः तीन प्रकार की होती है— सेठाश्रित, राजाश्रित और जनोन्मुखी पत्रकारिता। वर्तमान समय में जनोन्मुखी पत्रकारिता की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संगठन का मुखिया होने के नाते उनका दायित्व केवल प्रशंसा करना नहीं, बल्कि पत्रकारों की कमियों की ओर ध्यान आकर्षित कर उन्हें दूर करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानती है तो इस संबंध में संसद में विधिवत प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। वर्तमान में पत्रकार भी वही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उपयोग करते हैं जो देश के प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है।
विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद पत्रकारिता के क्षेत्र में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने कार्य को राष्ट्रहित की भावना से करता है तो वह कार्य स्वतः राष्ट्रीय सेवा बन जाता है।
पूर्व विधायक जितेंद्र गहलोत ने कहा कि समाचार का प्रत्येक विषय दो पक्षों वाला होता है और पत्रकारों को संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। वहीं वरिष्ठ मजदूर नेता सुल्तान सिंह शेखावत ने पत्रकारों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का सुझाव दिया।
सम्मेलन में शासन एवं संगठन समन्वय समिति सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र पुरोहित, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र राठौर, प्रांतीय कार्यसमिति सदस्य डॉ. गोविंद सौलंकी, उज्जैन संभाग अध्यक्ष मनोज जैन, छतरपुर संभाग महासचिव प्रतीक खरे, उज्जैन जिलाध्यक्ष डॉ. राहुल कटारिया सहित नागदा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों का स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मान किया गया। आभार प्रदर्शन जिला महासचिव जितेंद्र चौहान ने किया।



