
गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की उठी मांग, गौ भक्तो ने ताल तहसीलदार को थाना परिसर मे सौपा ज्ञापन

ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
ताल नगर में संतों के मार्गदर्शन और जन-आंदोलन के रूप में उभर रहे ‘गौ सम्मान आव्हान अभियान’ के अंतर्गत आज सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को ताल तहसील में गौ भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भारत माता और गौ माता के जयघोष के साथ बड़ी संख्या में एकत्रित सनातनी धर्मावलंबियों ने तहसीलदार निर्भय सिंह पटेल को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम पुलिस थाना परिसर पर रैली निकाल कर सौंपा ज्ञापन।
इस चरणबद्ध अभियान के माध्यम से सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं – गौ माता को अविलंब ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाए। देशभर में गौ हत्या पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए।
गौशालाओं का पुनरुद्धार कर ‘गौ सम्मान निधि’ में समुचित वृद्धि की जाए। अतिक्रमण की शिकार गोचर भूमियों को तत्काल मुक्त कराया जाए।
ज्ञापन का नेतृत्व करवा खेड़ी नाथ आश्रम के महंत योगी प्रकाश नाथ एवं रामद्वारा ताल के संत हरसुखराम महाराज ने किया। योगी प्रकाश नाथ ने संबोधित करते हुए कहा, “गौ हत्या भारत के माथे पर कलंक है। जब तक गाय का रक्त बहेगा, देश पूर्ण विकास नहीं कर सकता। गाय हमारी आस्था का केंद्र है और इसका संरक्षण हर सनातनी का परम कर्तव्य है। संत हरसुख राम ने कहा की सभी सनातनियों का परम कर्तव्य गाय की रक्षा धर्म की रक्षा करना है गाय हमारे आराध्य है जिसमें कोटि देवताओं का वास होकर पूजा जाता है। अतः गाय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि इस ज्ञापन के साथ हजारों नागरिकों के हस्ताक्षर युक्त प्रपत्र भी संलग्न किए गए, जिसे युवाओं की टोली ने घर-घर जाकर ‘हस्ताक्षर अभियान’ के माध्यम से एकत्रित किया था।
गांधी चौक पर एकत्रित होकर गौ भक्त हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाते हुए पुलिस थाना परिसर पहुँचे। इस चल समारोह के आकर्षण का केंद्र एक नन्हीं गौ माता रही, जो प्रतीकात्मक रूप से स्वयं को क्रूरता से मुक्त करने की गुहार लगाती दिखी। अभियान के सहयोगीयो ने बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल या संगठन का नहीं, बल्कि स्वयं गौ माता और नंदी बाबा के नेतृत्व में संतों द्वारा संचालित है।
अभियान की गंभीरता को रेखांकित करते हुए संतों ने आगामी चरणों की घोषणा भी की:
प्रथम चरण: 27 अप्रैल 2026 (तहसील स्तर पर ज्ञापन)।
द्वितीय चरण: यदि 3 माह में ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो 27 जुलाई 2026 को जिला स्तर पर ज्ञापन।
तृतीय चरण: जनवरी 2027 में प्रदेश की राजधानी में विशाल जमावड़ा।
अंतिम चरण: मई 2027 के बाद देश की राजधानी नई दिल्ली में संतों और गौ भक्तों का अनिश्चितकालीन अनशन प्रारंभ होगा। इस अवसर पर भारी संख्या में गौ भक्त युवा वर्ग और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। पूरे नगर में युवाओं द्वारा चलाए गए इस व्यापक जन-संपर्क अभियान की सराहना की जा रही है।



