नीमच में 17 जून से चलेगा संयुक्त सघन टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य अभियान, कलेक्टर ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश

नीमच में 17 जून से चलेगा संयुक्त सघन टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य अभियान, कलेक्टर ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश
नीमच।मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। टीकाकरण से छूटे हुए एक भी बच्चे या महिला को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सघन टीकाकरण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति की सेक्टरवार विस्तार से समीक्षा की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सभी सीडीपीओ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मनीष यादव एवं डॉ. एस.एल. पाटीदार सहित सभी बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री चंद्रा ने बैठक में विभागवार निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:
* **17 जून से संयुक्त विशेष अभियान:** जिले में 17 जून से स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत सचिव, नगरीय निकाय एवं पंचायतों के समन्वय से एक संयुक्त अभियान शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण और शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) पंजीयन व टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
* **एसडीएम करेंगे मॉनिटरिंग, तैयार होगी ड्यू लिस्ट:** कलेक्टर ने सभी एसडीएम को इस अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, टीकाकरण से छूटे बच्चों और एएनसी पंजीयन से शेष रहीं गर्भवती महिलाओं की ‘ड्यू लिस्ट’ सभी जनपद सीईओ और सीएमओ को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी लाभार्थी छूट न पाए।
* **30 जून तक समग्र आईडी अनिवार्य:** स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने के लिए जिन गर्भवती महिलाओं की समग्र आईडी नहीं बनी है, उनकी आईडी 30 जून से पहले अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पंजीकृत और अपंजीकृत गर्भवती महिलाओं को एएनसी एवं एचआरपी (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
* **आंगनवाड़ी प्रवेश और बाल स्वास्थ्य पर जोर:** जनसंख्या के अनुपात में सभी सेक्टर्स में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जाएगा। साथ ही, सभी सेक्टर सुपरवाइजर को 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रवेश सुनिश्चित करने को कहा गया है।
* **मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम:** कलेक्टर ने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिए कि ‘मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम’ के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों की स्वास्थ्य श्रेणी (कुपोषण से सामान्य श्रेणी) में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए और उनका बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी जिम्मेदार अधिकारियों को जमीनी स्तर पर मुस्तैदी से काम करना होगा।


