
राजस्थान में SDM काजल मीणा 60 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
राजस्थान में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। RAS 2024 की टॉपर काजल मीणा, जिनकी सफलता की मिसाल दी जा रही थी, अब रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद चर्चा में हैं।
बताया जा रहा है कि नादौती में पहली पोस्टिंग के दौरान ही उन पर जमीन से जुड़े एक मामले में डिक्री जारी करने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा। एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और उन्हें उनके सहयोगी प्रवीण और रीडर दिनेश के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
डील करीब 60 हजार रुपये की बताई जा रही है, जिसमें से 50 हजार रुपये उनके लिए तय थे। जांच में यह भी सामने आया कि शुरुआत में 1 लाख रुपये मांगे गए थे, बाद में रकम कम की गई। छापे के दौरान 4 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच चल रही है।
काजल मीणा की प्रोफाइल भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने IIT Mandi से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और इससे पहले EPFO और टेलीकॉम विभाग में भी काम कर चुकी हैं।
एक तरफ इतनी बड़ी उपलब्धि, दूसरी तरफ इतनी गंभीर आरोप इस पूरे मामले ने सिस्टम और नई भर्ती होने वाले अधिकारियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

यह है राजस्थान की डिप्टी कलेक्टर काजल मीणा
जिन्हें एक दिन पहले अपने दफ्तर में ₹ 60000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
काजल नादौती में एसडीएम के पद पर पदस्थ है।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 बैच की अधिकारी सुश्री काजल मीणा, ग्राम बड़ौली (वजीरपुर) की निवासी हैं।
RAS परीक्षा में उन्होंने राजस्थान स्तर पर 135वीं रैंक तथा अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।
सुश्री काजल मीणा की नियुक्ति नादौती में उपखण्ड अधिकारी (SDM) के पद पर हुई, जो उनकी RAS सेवा की पहली पोस्टिंग थी। शैक्षणिक रूप से वे हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। RAS में चयन से पूर्व वे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) तथा दूरसंचार विभाग में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी (SSO) के पद पर कार्य कर चुकी हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2017 में उनका चयन जूनियर इंजीनियर (JEN) पद पर हुआ था, किन्तु उन्होंने उस पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया।



