समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 03 जून 2026 बुधवार

सुरक्षित मातृत्व का विश्वास, प्रत्येक गर्भवती मां का अधिकार अभियान का शुभारंभ
सीईओ जिला पंचायत ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी 22 गांवों में होगा प्रचार-प्रसार
रतलाम : मंगलवार, जून 2, 2026

सुरक्षित मातृत्व का विश्वास, प्रत्येक गर्भवती मां का अधिकार अभियान के अंतर्गत मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन द्वारा “सशक्त परिवार, स्वस्थ मां, सुरक्षित भविष्य” जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।
यह रथ जिले के 22 गांवों में पहुंचकर गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं, धात्री माताओं एवं नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करेगा तथा व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराएगा। अभियान के तहत परिवार कल्याण कार्यक्रम अंतर्गत अस्थाई साधन इम्प्लांट के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। “इम्प्लांट लगाओ, 3 साल बेफिक्र हो जाओ” संदेश के साथ बताया जाएगा कि गर्भनिरोधक इम्प्लांट दो बच्चों के बीच अंतर रखने का एक नया एवं प्रभावी तरीका है।
अधिक जानकारी के लिए नेशनल फैमिली प्लानिंग हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1800 एवं 6555 पर कॉल करने अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है। रथ के माध्यम से टीवी, वीडियो, पम्पलेट एवं नुक्कड़ नाटक द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे, परिवार कल्याण नोडल अधिकारी डॉ. राजेश मंडलोई, बीएमओ, बाजना डॉ. जितेंद्र जायसवाल, जिला प्रोग्राम मैनेजर श्रीमती अर्चना राठौर, श्रीमती सरला वर्मा, डिप्टी मीडिया अधिकारी एवं परिवार कल्याण शाखा प्रभारी श्री आनंदीलाल जैन तथा यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) से डॉ. राधिका अधोलिया (नेशनल मेंटर, दिल्ली), डॉ. राधिका मिश्रा, जिला समन्वयक श्री आनंद पाठक, श्री चंद्रकांत तिवारी, सुश्री खुशबू सिंह एवं कृति पटले उपस्थित थे।
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अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध 30 जून तक बिना अनुमति अवकाश नहीं ले सकेंगे
रतलाम : मंगलवार, जून 2, 2026,
अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के निर्देशानुसार एवं अपर कलेक्टर डॉ शालिनी श्रीवास्तव के आदेशानुसार जिले में पेयजल व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
जारी आदेश के अनुसार ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक तापमान एवं पेयजल संबंधी व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए मैदानी क्षेत्रों में सतत निगरानी, क्षेत्रीय भ्रमण एवं त्वरित कार्यवाही आवश्यक है। इसे देखते हुए पेयजल व्यवस्था से जुड़े विभागों के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर 30 जून तक प्रतिबंध लगाया गया है।
साथ ही मानसून प्रारंभ होने की संभावना तथा संभावित बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आपदा राहत एवं प्रबंधन कार्यों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर भी मानसून अवधि तक प्रतिबंध लगाया गया है। अत्यावश्यक अथवा अपरिहार्य परिस्थितियों में अवकाश की आवश्यकता होने पर सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अवकाश के कारण पेयजल व्यवस्था अथवा विभागीय कार्य प्रभावित न हों। आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं तथा यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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रतलाम जिले में 25052 किसानों से, 1,71641 टन गेहूं का उपार्जन किया गया
रतलाम : मंगलवार, जून 2, 2026,
जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आनंद गोले ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कार्य 65 उपार्जन केंद्रो पर किया गया। 28 मई 2026 तक जिले के 25052 किसानों से कुल 1,71,641 टन गेहूं का उपार्जन किया गया। किसानों को लगभग 439.24 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
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सिंहस्थ 2028 की तैयारियो को लेकर कलेक्टर ने पड़ाव स्थलों और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रतलाम : मंगलवार, जून 2, 2026,

आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने आज धामनोद, सैलाना बायपास, नयापुरा, नामली, सातरूंडा क्षेत्र का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए बनाये जाने वाले पडाव क्षेत्रो का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम रतलाम ग्रामीण श्री विवेक सोनकर, एसडीएम सैलाना श्री तरुण जैन, तहसीलदार रतलाम ग्रामीण श्री आशीष उपाध्याय, ई.ई. पीडब्ल्यूडी श्री चौहान, एमपीआरडीसी से श्री अमित भूरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने सिंहस्थ से जुड़े प्रस्तावित कार्यों, सुगम यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्थाएं तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किए जा रहे इंतजामों का अवलोकन कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी बुनियादी व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दिए।
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सांगोद की 23 हेक्टेयर शासकीय भूमि गौशाला के लिए हस्तांतरण प्रस्ताव पर आपत्तियां आमंत्रित
रतलाम : मंगलवार, जून 2, 2026
तहसीलदार रतलाम शहर श्री ऋषभ ठाकुर नें बताया कि उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी उद्योग विभाग ने तहसील रतलाम शहर के पटवारी हल्का क्रमांक 10 सांगोद स्थित शासकीय भूमि सर्वे नंबर 255/1 की 23 हेक्टेयर भूमि गौशाला के लिए हस्तांतरित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। यदि किसी व्यक्ति, संस्था या फर्म को उक्त भूमि हस्तांतरण पर कोई आपत्ति हो तो वह 5 जून तक आवश्यक दस्तावेजों सहित अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाली आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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जनसुनवाई में 144 आवेदन पर हुई सुनवाई
रतलाम : मंगलवार, जून 2, 2026

कलेक्टर कार्यालय में आज मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन एवं एडीएम डॉ शालिनी श्रीवास्तव ने आवेदको को सुना एवं आवेदकों से आवेदन प्राप्त किये। जनसुनवाई में 144 आवेदन प्राप्त हुए। निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही उपस्थित विभागीय अधिकारियों से निराकरण करवाया गया एवं शेष आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया।
जनसुनवाई में आवेदिका मांगू बाई निवासी हनुमान गली सरसोदा ने बताया गया कि उनके पति का पंजीयन भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में श्रमिक के रूप में था। पति की मृत्यु 13 जनवरी 2024 को हो गई थी, लेकिन मृत्यु के बाद उन्हें शासन की किसी भी योजना अथवा श्रमिक कल्याण मंडल की ओर से आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है। कार्यवाही हेतु सीईओ जनपद पंचायत को निर्देशित किया गया।
आवेदिका रजिया पति सुल्तान निवासी हरथली ने बताया कि उनके पति के नाम ग्राम हरथली में कृषि भूमि दर्ज है। उनके पति लगभग छह वर्ष से लकवा बीमारी से ग्रसित है, वे ही परिवार और खेती की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की एक भी किस्त की राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है। कार्यवाही हेतु तहसीलदार रतलाम ग्रामीण को निर्देशित किया।
आवेदक रामा पिता जीवणा निवासी ग्राम हरसौला तहसील सैलाना ने बताया कि उनके नाम दो कृषि खाते है जो कि उनकी माताजी के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है उक्त भूमि के सीमांकन हेतु अन्य व्यक्ति द्वारा लोक सेवा केंन्द्र में आवेदन प्रस्तुत किया गया है रामा ने आवेदन को निरस्त करने के संबंध में आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु तहसीलदार सैलाना को निर्देशित किया गया
जनसुनवाई में आवेदक दिनेश पिता वालीया निवासी ग्राम जामदा भीलान तहसील सैलाना ने बताया कि 15 से 20 वर्षों से उनका परिवार एवं अन्य ग्रामीण जिस रास्ते का उपयोग आवागमन के लिए करते आ रहे हैं। प्रतिप्राथी द्वारा उक्त रास्ते पर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे आने जाने में बाधा उत्पन्न हो रही है। साथ ही विरोध करने पर विवाद किया जा रहा है। कार्यवाही हेतु एसडीएम सैलाना को निर्देशित किया गया
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प्रदेश के चहुँमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रूपये की स्वीकृति
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को मिली स्वीकृति अधिकार अभिलेखों पर स्टॉम्प ड्यूटी और पूरा पंजीयन शुल्क माफ करने का हुआ फैसला योजना का वित्तीय भार 3800 करोड़ रूपये का राज्य शासन करेगा वहन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को सिली हुई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय “मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप का अनुमोदन “मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश 2026” के प्रारूप का किया अनुमोदन “तन्वी द ग्रेट” और “शतकः संघ के 100 वर्ष” को एस.जी.एस.टी. से छूट के निर्णय का अनुसमर्थन बरगी जलाशय दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक जाँच आयोग के गठन का अनुसमर्थन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय
रतलाम : मंगलवार, जून 2, 2026,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए गए। मंत्रि-परिषद ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के तहत स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को पूरी तरह माफ करने का फैसला किया है, जिसका संपूर्ण 3800 करोड़ रूपये का वित्तीय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 17 हजार 59 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई, जिससे नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण और एमबीबीएस तथा पीजी सीटों में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त होगा।
बैठक में ग्रामीण विकास और वित्तीय सुधारों को गति देने के लिए ‘मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम’ तथा ‘मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम’ में संशोधन संबंधी अध्यादेशों के प्रारूपों को मंजूरी दी गई। वहां, स्कूली शिक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए सत्र 2026-27 में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त इंदौर जिला न्यायालय भवन के पुनरीक्षित लागत, बरगी जलाशय हादसे की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठन के निर्णय का अनुसमर्थन तथा 2 प्रमुख फिल्मों को एस.जी.एस.टी. से छूट देने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर मंत्रि-परिषद द्वारा मुहर लगाई गई। ये सभी निर्णय राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में स्वामित्व योजना में जिन भू-खण्डधारियों के अधिकार अभिलेख निर्मित किए गए हैं उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए इन निर्मित अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराया जाए। इसके लिए डीड ऑफ कन्वेयेंस का निष्पादन एवं पंजीयन किया जाएगा ताकि नागरिक आवश्यकतानुसार गृह निर्माण, व्यवसाय एवं कृषि संक्रियाओं आदि के लिए ऋण प्राप्त कर अपनी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान के तहत कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है। इसमें 48.32 लाख निजी संम्पत्तियां शामिल है। अधिकार अभिलेखों के पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टॉम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा, संपूर्ण व्यय राशि 3800 करोड़ रूपये का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा।
मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकार सुरक्षित कर उनकी आर्थिक उन्नति के मार्ग को प्रशस्त किया जा रहा है। स्वामिव योजना में मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी में निवासरत नागरिकों को उनका वैधानिक अधिकार प्रदान करने के लिए अधिकार अभिलेखों का निर्माण ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए किया गया है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने, प्रक्रिया निर्धारण, समय-समय पर समीक्षा के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा। इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, आयुक्त कोष एवं लेखा, आयुक्त/संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी, सदस्य होंगे एवं आवश्यकतानुसार विषय विशेषज्ञों को संयोजित किया जा सकेगा।
योजना के प्रचार-प्रसार, मुद्रण व्यय एवं जन-जागरुकता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना का विस्तृत परिपत्र एवं समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्पष्टीकरण आदि जारी करने के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया गया है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।
मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध चिकित्सालय योजना की 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 14,363.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश के जन सामान्य को निशुल्क गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराये जाने एवं प्रदेश में चिकित्सा के लिए मानव संसाधन विकसित किये जाने के लिए 12 जिला मुख्यालयों पर चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों का संचालन राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है।
चिकित्सा महाविद्यालय में पी.जी. पाठ्यक्रम के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजना के लिए 657 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त अधोसंरचना का निर्माण, नवीन मशीनें एवं उपकरणों के प्रतिस्थापन के फलस्वरूप अतिरिक्त स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सीटों में वृद्धि होगी। इससे राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ जन सामान्य को सुदूर ग्रामीण अंचल से जिला स्तर तक चिकित्सा सुविधा के लिए चिकित्सीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित योजना के लिए 1200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन ,सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय का भवन निर्माण किया जाएगा।
एमबीबीएस सीट्स में वृद्धि की योजना के लिए 838 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना में प्रदेश के संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में अधोसंरचना निर्माण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, पठन-पाठन एवं महाविद्यालयीन गतिविधियों के लिए आवश्यक उपकरण प्रदाय किये जा सकेंगे। इससे राष्ट्रीय मेडिकल काउंसिल से एमबीबीएस सीटों की वृद्धि की स्वीकृति मिल सकेगी
जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के पुनरीक्षित निर्माण कार्य की लागत राशि 411 करोड़ 1 लाख रूपये को पुनरीक्षित कर 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।
पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को गणवेश प्रदाय करने का निर्णय
मंत्रि-परिषद ने शासकीय शालाओं में कक्षा पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 से निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया है। निविदा प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को अधिकृत किया गया है। शासकीय शालाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व 2 जोडी गणवेश प्रदाय किया जाना लक्षित है। इससे समय सीमा में विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त गणवेश प्रदाय सुनिश्चित हो सकेगा।
“मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप को स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) के अधीन अध्यादेश प्रख्यापित किया जाएगा।
“मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम, 1981 की धारा 9(1) में संशोधन के लिए “मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप का अनुमोदन किया है। अध्यादेश को भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) अंतर्गत प्रख्यापन कराये जाने की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वर्तमान में राजस्व विभाग द्वारा संचालित स्वामित्व योजना के अंतर्गत, अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराये जाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति स्वामित्व अभिलेखों का व्यापक स्तर पर पंजीयन किये जाने के दृष्टिगत वित्तीय एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिनियम को अद्यतन किये जाने एवं शासकीय राजस्व के हितों का संरक्षण किया जा सकेगा।
“तन्वी द ग्रेट” और “शतकः संघ के 100 वर्ष” को एस.जी.एस.टी. से छूट के निर्णय का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद ने राज्य शासन द्वारा श्री अनुपम खेर द्वारा निर्देशित हिन्दी फीचर फिल्म, “तन्वी द ग्रेट” और श्री आशीष मल्ल द्वारा निर्देशित हिन्दी फीचर फिल्म, “शतकः संघ के 100 वर्ष” के मध्यप्रदेश में प्रदर्शन पर एस.जी.एस.टी. से छूट देने के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। निर्णय अनुसार दोनों फिल्मों का मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अधीन राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति करते हुए सिने-दर्शकों को उक्त राशि की छूट प्रदान की गई है। इसके लिए विभाग के 24 जुलाई 2025 और 3 मार्च 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया है।
बरगी जलाशय दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक जाँच आयोग के गठन का अनुसमर्थ
मंत्रि-परिषद द्वारा बरगी बांध, जबलपुर में 30 अप्रैल 2026 को क्रूज दुर्घटना के कारण हुई जनहानि की न्यायिक जाँच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर श्री संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने के संबंध में 10 मई 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।
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