जावरा रोड रेलवे ब्रिज पर पलटा ट्राला, दीवार ने बचाई जान; खतरनाक मोड़ बन रहे हादसों का खतरा

जावरा रोड रेलवे ब्रिज पर पलटा ट्राला, दीवार ने बचाई जान; खतरनाक मोड़ बन रहे हादसों का खतरा
खाचरौद। नगर के जावरा रोड स्थित रेलवे ब्रिज पर 12 अक्टूबर की रात एक ट्राला असंतुलित होकर पलट गया। हादसे के दौरान ट्राला ब्रिज की दीवार से टकराकर नीचे गिरने से बच गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने ब्रिज की बनावट और उस पर बने खतरनाक मोड़ों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय ट्राला ब्रिज से गुजर रहा था, तभी वह अचानक असंतुलित होकर पलट गया। ट्राला यदि ब्रिज की दीवार से टकराकर नीचे गिर जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे में जनहानि नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
ब्रिज मजबूत, लेकिन दो टर्न पर उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि रेलवे ब्रिज का निर्माण मजबूती के साथ किया गया है, लेकिन ब्रिज पर बने दो मोड़ वाहनों की आवाजाही के लिहाज से उचित नहीं माने जा रहे हैं। इन मोड़ों की बनावट के कारण बड़े और भारी वाहनों को निकलने में परेशानी होने तथा वाहन असंतुलित होने की आशंका बनी रहती है। रात के समय और भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान यह जोखिम और गंभीर हो सकता है।
जिम्मेदार विभाग कब लेगा सुध?
इस घटना ने एक बार फिर सड़क और ब्रिज निर्माण में केवल मजबूती ही नहीं, बल्कि सुरक्षित डिजाइन और सुगम यातायात व्यवस्था की आवश्यकता को भी उजागर किया है। सवाल यह है कि यदि ब्रिज पर बने मोड़ों के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभाग ने अब तक इसकी जांच और सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं?
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग और यातायात अधिकारी ब्रिज का तकनीकी निरीक्षण कराएं। मोड़ों की बनावट, वाहनों के मुड़ने की जगह, संकेतक, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाए। आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।
एक हादसा चेतावनी दे गया है। समय रहते ब्रिज की खामियों की जांच और जरूरी सुधार नहीं किए गए, तो किसी दिन छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे में बदल सकती है।



