कैम्पियरगंज में नि:शुल्क कैंसर जांच एवं जागरूकता शिविर, 129 मरीजों की हुई स्क्रीनिंग

कैम्पियरगंज में नि:शुल्क कैंसर जांच एवं जागरूकता शिविर, 129 मरीजों की हुई स्क्रीनिंग
कैम्पियरगंज, गोरखपुर। कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, बीमारी की प्राथमिक स्तर पर पहचान और समय से उपचार की दिशा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कैम्पियरगंज के परिसर में नि:शुल्क कैंसर प्राथमिक जांच एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गोरखपुर के सहयोग से हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीता वाटिका, गोरखपुर द्वारा आयोजित शिविर में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
शिविर में पहुंचे 129 मरीजों की कैंसर से संबंधित लक्षणों की जांच कैंसर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र बिरबिया एवं सहायक चिकित्सक डॉ. तरुण कांति राजन ने की। चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श देने के साथ स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी। शिविर में आए अधिकांश मरीज मुंह में छाले, स्तन में गांठ, पाचन संबंधी परेशानी, भूख न लगना समेत अन्य समस्याओं से पीड़ित थे। सभी मरीजों को अस्पताल की ओर से आवश्यक दवाएं भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं।
तंबाकू और नशे से बचने की दी सलाह
कैंसर जागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों, आशा संगिनी, आशा कार्यकर्ताओं तथा शिविर में मौजूद लोगों को डॉ. तरुण कांति राजन ने ओरोफेरिन्जियल कैंसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कैंसर टॉन्सिल, जीभ के पिछले हिस्से, सॉफ्ट पैलेट और गले की दीवारों आदि स्थानों पर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि गुटखा, खैनी, दोहरा, तंबाकू का सेवन, सिगरेट, बीड़ी, हुक्का तथा अत्यधिक शराब के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे हानिकारक पदार्थों से दूरी बनाकर कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सिर अथवा गर्दन के क्षेत्र में पहले कैंसर हो चुके लोगों में दोबारा बीमारी होने की संभावना रहती है, इसलिए उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति विशेष रूप से जागरूक रहना चाहिए।
जागरूकता और शुरुआती जांच पर जोर
शिविर प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि खान-पान की गलत आदतें, दोषपूर्ण जीवनशैली, प्रदूषण और हानिकारक रसायनों के अधिक संपर्क सहित कई कारण कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर जांच बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर की स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच की सुविधाओं तक पहुंच सीमित होने के कारण कई मरीज बीमारी की गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचते हैं। यदि लोगों को कैंसर के लक्षणों, बचाव और समय पर जांच के बारे में व्यवस्थित रूप से जागरूक किया जाए तथा शुरुआती स्तर पर स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, तो बीमारी के गंभीर प्रभाव को कम किया जा सकता है।
शिविर में लोगों को कैंसर से बचाव, संभावित लक्षण, जांच और उपचार से संबंधित पत्रक एवं विवरण पुस्तिकाएं वितरित की गईं, ताकि वे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी कैंसर के प्रति सचेत कर सकें।
शिविर के सफल आयोजन में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार वर्मा, डॉ. तरुण कांति राजन, डॉ. प्रभात मद्धेसिया, अजय श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी, मोहम्मद आकिब, बृजेश पांडेय, नारद मुनि, मंतोष बारी सहित स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



