MP में भारी बारिश का कहर भोपाल-आगर मालवा में आज सभी स्कूल बंद, मंदिर-थाना-घरों में घुसा पानी

स्टॉर्म सिस्टम एक्टिव होने से कई जिले प्रभावित। भोपाल में 7 इंच बारिश, कालिया सिंध नदी उफान पर। धार के मांडू में कोहरे ने बढ़ाई खूबसूरती
भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियां उफान पर हैं और कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।
भोपाल-आगर मालवा में स्कूल बंद
राजधानी भोपाल और आगर-मालवा में मंगलवार को बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सभी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। राजधानी में रेलवे ट्रैक, मंदिर, थाना और घरों में पानी भर गया है। सीहोर-शाजापुर में बाढ़ के कारण कई रास्ते बंद हैं। पिछले 24 घंटे में भोपाल में सबसे ज्यादा 7 इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल के पास इंटखेड़ी में भारी बारिश के बाद चारों तरफ पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मंडला और विदिशा में हालात खराब
मंडला में छिताखुदरी-बिललकरी जलाशय में एक युवक बह गया। विदिशा की बेतवा और शाजापुर की कालियासिंध नदी उफान पर है। भोपाल के सेमरा में करीब 200 घरों के आसपास 5-6 फीट तक पानी भरने से लोग घरों में कैद हैं।
विदिशा में बाढ़ में बच्चों समेत 17 लोग फंस गए, जिन्हें बचाया गया। रायसेन में पुल बह गया। घोड़ा पछाड़ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पुल के करीब 8 फीट ऊपर पानी बह रहा है। गांवों का संपर्क टूट गया है।
नर्मदा घटी लेकिन खतरा बरकरार
मंडला में नर्मदा का जलस्तर घटा है, लेकिन छोटा पुल अब भी डूबा है। मौसम के इस सिस्टम से किसानों को फसलों के लिए राहत मिली है। कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
11.44 मिमी औसत बारिश दर्ज
जिले में सोमवार को श्योपुर में 8.20, कराहल में 36, विजयपुर में 3 और वीरपुर में 10 मिमी बारिश हुई, जबकि बड़ौदा में बारिश दर्ज नहीं की गई। 1 जून से अब तक जिले में कुल 334.14 मिमी औसत वर्षा दर्ज हो चुकी है।
धार के मांडू में मौसम सुहाना
वहीं दूसरी तरफ धार जिले के पर्यटन नगरी मांडू में सोमवार को मौसम ने करवट ली। आसमान में काले बादल छाए रहे। हल्की बूंदाबांदी से मौसम खुशनुमा हो गया। कोहरे की चादर में जहाज महल, हिंडोला महल, हमाम महल, अशर्फी महल और होशंगशाह महल की खूबसूरती और निखर गई। देशभर से पहुंचे पर्यटक भी मांडू के इस बदले मौसम को देखकर रोमांचित हुए और बारिश-कोहरे के बीच इसे कश्मीर जैसा खूबसूरत बताया।



