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पेट्रोल में ‘एथेनॉल’ या पानी की मिलावट का खेल? मैकेनिक की दुकान से सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर, वाहन चालक परेशान

पेट्रोल में ‘एथेनॉल’ या पानी की मिलावट का खेल? मैकेनिक की दुकान से सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर, वाहन चालक परेशान

Mandsaur 8 जुलाई 2026/ मंदसौर शहर और आसपास के इलाकों में पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले ईंधन की शुद्धता को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। हाल ही में शहर की एक ऑटो गैरेज (गाड़ी मैकेनिक की दुकान) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने मंदसौर के वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। मैकेनिक द्वारा एक बाइक की टंकी से निकाली गई पेट्रोल की इस बोतल में साफ तौर पर दो अलग-अलग परतें (लेयर्स) देखी जा सकती हैं।

मैकेनिक के अनुसार, बोतल के ऊपरी हिस्से में पेट्रोल तैर रहा है, जबकि नीचे गाढ़े रंग में एथेनॉल और पानी का मिश्रण बैठ गया है। इस दूषित ईंधन के कारण शहर में गाड़ियों के इंजन पूरी तरह ठप हो रहे हैं।

क्या है मंदसौर का यह पूरा मामला?

पिछले कुछ दिनों से मंदसौर शहर में गाड़ियों के अचानक बंद होने, पिक-अप छोड़ने और इंजन में खराबी आने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। जब परेशान वाहन चालक अपनी गाड़ियों को लेकर मैकेनिक के पास पहुंचे, तो मैकेनिक ने जांच के लिए फ्यूल टैंक (टंकी) से पेट्रोल बाहर निकाला। प्लास्टिक की पारदर्शी बोतल में पेट्रोल डालते ही मिलावट का सच सामने आ गया।

तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि बोतल का ईंधन दो भागों में बंटा हुआ है। ऊपर की तरफ हल्के पीले रंग का पेट्रोल है और नीचे भारी मात्रा में कचरा, पानी या अत्यधिक मात्रा में मिला हुआ एथेनॉल जमा है।

विशेषज्ञों और मैकेनिक का क्या है कहना?

मंदसौर के गैरेज संचालकों और ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब यह गाढ़ा और मिलावटी हिस्सा इंजन के कार्बोरेटर या फ्यूल इंजेक्टर तक पहुंचता है, तो गाड़ी मिसिंग करने लगती है और अंततः इंजन सीज होने का खतरा बढ़ जाता है सरकार द्वारा पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने (Ethanol Blending) की अनुमति है, लेकिन अगर इसकी मात्रा तय सीमा से अधिक हो जाए या उसमें बारिश व अन्य वजहों से नमी (पानी) मिल जाए, तो एथेनॉल पेट्रोल से अलग होकर नीचे बैठ जाता है। इसे फेज सेपरेशन’ कहा जाता है। इस मिलावटी ईंधन के कारण मंदसौर के उपभोक्ताओं को हजारों रुपये की चपत लग रही है क्योंकि इंजन की मरम्मत का खर्च काफी भारी पड़ता है।

मंदसौर के उपभोक्ताओं की मांग: हो सख्त जांच

इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय वाहन चालकों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि वे पेट्रोल पंपों पर शुद्ध ईंधन के लिए पूरी कीमत चुका रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें गाड़ियों को बर्बाद करने वाला मिलावटी तेल मिल रहा है। मंदसौर की जनता ने जिला प्रशासन और खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग से मांग की है कि जिले के पेट्रोल पंपों पर औचक छापेमारी की जाए और ईंधन के सैंपल लेकर उनकी लैब में जांच कराई जाए।

यदि आपकी गाड़ी भी चलते-चलते झटके ले रही है या स्टार्ट होने में दिक्कत कर रही है, तो तुरंत मैकेनिक से फ्यूल टैंक साफ करवाएं और संदिग्ध पेट्रोल पंपों से ईंधन भरवाने से बचें।

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