150 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक आयंबिल तप कर लिया धर्मलाभ

सुवासरा में ‘करुणा दिवस’ पर धर्ममय वातावरण
150 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक आयंबिल तप कर लिया धर्मलाभ

✍️पंकज बैरागीसुवासरा। नगर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी ‘करुणा दिवस’ के पावन अवसर पर सामूहिक आयंबिल तप का भव्य आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सकल जैन समाज के 150 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने गुरुवार, 28 मई को एक साथ आयंबिल तप की कठिन आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे नगर में धर्ममय वातावरण और जिनशासन के जयकारे गूंजते रहे।
पूज्य गुरुभगवंतों का मिला शुभाशीष
इस सामूहिक आराधना के मुख्य प्रेरणास्रोत मालव भूषण आचार्य देव श्री नवरत्न सागर सूरिश्वर जी महाराज साहब के कृपापात्र, युवा हृदय सम्राट परम पूज्य आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सूरिश्वर जी महाराज साहब एवं परम पूज्य गणिवर्य श्री आदर्श रत्न सागर जी महाराज साहब रहे। गुरुभगवंतों के शुभाशीष एवं दिव्य प्रेरणा से यह भक्तिमय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
ढाबरिया परिवार को मिला आयोजन का लाभ
‘करुणा दिवस’ पर आयोजित इस संपूर्ण आयंबिल तप के मुख्य पुण्यशाली लाभार्थी बनने का सौभाग्य श्री राजकुमार-पुरालाल दलाल ढाबरिया परिवार को प्राप्त हुआ। ढाबरिया परिवार के सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
तपस्वियों एवं सहयोगियों का हुआ सम्मान
आयोजन के दौरान सकल जैन श्रीसंघ द्वारा सभी आयंबिल तपस्वियों का भव्य बहुमान किया गया। साथ ही आयोजन में सहयोग देने वाले सभी परिवारों एवं समाजजनों की भावपूर्ण अनुमोदना की गई।
पंकज डपकरा एवं टीम की सेवाएं सराहनीय
धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में सदैव अग्रणी रहने वाले श्री पंकज डाबर ने अपनी पूरी टीम के साथ तन, मन, धन एवं समय देकर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सेवाओं की सकल संघ द्वारा सराहना की गई।
नवयुवक मंडल एवं श्रीसंघ का रहा विशेष सहयोग
इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सकल जैन समाज श्रीसंघ, नवयुवक मंडल, नवरत्न परिवार एवं समस्त श्रावक-श्राविकाओं का विशेष योगदान रहा। सभी ने एकजुट होकर व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला और आयोजन को सफल बनाया। सामूहिक आयंबिल तप से पूरा सुवासरा नगर धर्ममय वातावरण में रंग गया।



