समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 13 जुलाई 2026 शनिवार

ग्राम पंचायतों में बंद विद्युत मीटरों का तेजी से हो रहा प्रतिस्थापन, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी होगी सुदृढ़
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026,

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री एसी ने बताया कि जिले की ग्राम पंचायतों में विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बंद एवं खराब विद्युत मीटरों के प्रतिस्थापन का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले की ग्राम पंचायतों के विद्युत कनेक्शनों पर कुल 2,854 विद्युत मीटर स्थापित हैं, जिनमें से 1,860 मीटर वर्तमान में क्रियाशील हैं। शेष 994 बंद अथवा खराब मीटरों में से 536 मीटर बदले जा चुके हैं, जबकि शेष मीटरों को बदलने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। कार्य पूर्ण होने के बाद सभी ग्राम पंचायतों में विद्युत मीटरों की कार्यशीलता सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा स्ट्रीट लाइटों पर आवश्यक स्विच लगाए जा रहे हैं। इससे स्ट्रीट लाइटों का संचालन व्यवस्थित होगा तथा ऊर्जा की बचत के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
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एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में लगभग 40 हज़ार करोड़ के निवेश हुए प्राप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्राप्त निवेश से 34 हज़ार से अधिक रोजगार होंगे सृजित 28 हज़ार 200 करोड़ रुपर से अधिक की विदेशी योजनाएँ धरातल पर हुई साकार स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में स्थापित करेगा लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का एआई रेडी डेटा सेंटर भोपाल और इंदौर में बनेंगे अत्याधुनिक आईटी पार्क, ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग हब होगा स्थापित फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का किया शुभारंभ
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में 51 प्रमुख गतिविधियाँ संपन्न हुई इन गतिविधियों से लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश और 34 हजार से अधिक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त्र हुआ है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 की यात्रा में राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों को पूरा किया है। पिछले 2 टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश को 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बाद से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। इस अवधि में 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और 4 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, जो राज्य सरकार की कार्य गति और आत्मविश्वास का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत का गौरवशाली अतीत पूरी दुनिया के सामने है और पिछले 12 वर्षों में भारत ने विश्व के सबसे तेज गति से विकसित होने वाले देशों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में दुनिया को नई दिशा दे रहा है और इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि, खनिज और वनों की पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ते हुए प्रदेश आज डिफेंस, ड्रोन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से लेकर फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर तक तेजी से प्रगति कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सहित सभी छोटे एवं बड़े उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी उद्योग समूहों को समान रूप से हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइंस सिटी, एआई, डीप टेक पार्क और डेटा सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एआई सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है।यहाँ व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकता है। मध्यप्रदेश की पहचान भारत रत्न से सम्मानित स्व॰ अटल बिहारी वाजपेयी से भी जुड़ी है, जिन्होंने देश के गौरवशाली अतीत से विश्व को परिचित कराया और संयुक्त राष्ट्र महासभा में राष्ट्रभाषा हिंदी में अपने विचार व्यक्त किए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हिंदी में विश्व को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और सबसे युवा देश है। देश में प्रगति की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार युवाओं की योग्यता एवं क्षमता का पूरा उपयोग सुनिश्चित करते हुए उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
28 हजार 200 करोड़ से अधिक की विदेशी निवेश परियोजनाएँ धरातल पर साकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश अब केवल एमओयू तक सीमित नहीं रहकर धरातल पर साकार हो रहा है। स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया, आयरलैंड और इंडो-जर्मन सहयोग सहित 8 देशों की 10 प्रमुख कंपनियों की 28 हजार 200 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएँ प्रदेश में ग्राउंडब्रेकिंग चरण में हैं। इनमें स्पेन की सबमर इंडिया प्रा.लि. द्वारा भोपाल में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये (यूएसडी 2 बिलियन डॉलर) के एआई-रेडी डेटा सेंटर की स्थापना, कनाडा की मैक्केन फूड की 3,800 करोड़ रुपये की फूड प्रोसेसिंग इकाई, यूनाइटेड किंगडम की हेलियन (जीएसके) की 3 हजार करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स परियोजना, जापान की टोपान स्पेशियलिटी फिल्म्स की 1,100 करोड़ रुपये की स्पेशियलिटी फिल्म्स इकाई शामिल है।
एक हजार करोड़ रूपये से ज्यादा लागत वाली इन परियोजनाओं के साथ अमेरिका ट्रूयर स्पिलट वाटर्स की रिन्यूएबल्स एनर्जी की 500 करोड़ रुपये की नवकरणीय ऊर्जा परियोजना, दक्षिण कोरिया की बू यंग स्कीकॉर्प की 225 करोड़ रुपये की लेदर एवं फुटवियर इकाई और एफीबार की 207 करोड़ रुपये का मेडिकल डिवाइस पार्क, आयरलैंड की फेलिक्स जेनेरिक्स की 134 करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स इकाई, यूनाइटेड किंगडम की क्लिनीसप्लाइज की 127 करोड़ रुपये की मेडिकल डिवाइस पार्क और इंडो-जर्मन सहयोग से टीडब्ल्यूई ओबीटी प्रा.लि. की 126 करोड़ रुपये की टेक्सटाइल इकाई के कार्य भी निरंतर प्रगति पर हैं। इन निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिजिटल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा रोजगार सृजन को नई गति मिल रही है।
स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में 2 बिलियन डॉलर से बनाएगा एआई-रेडी डेटा सेंटर
स्पेन का सबमर ग्रुप मध्यप्रदेश में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये) के निवेश से एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करेगा। सबमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ श्री पैट्रिक स्मेल्ट्स ने एमपी टेकग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारत और वैश्विक उद्योगों के बीच रणनीतिक साझेदारी का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव केवल निवेश आकर्षित करने का मंच नहीं, बल्कि राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास संबंधी दूरदर्शी सोच का भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जुलाई 2025 में स्पेन के बार्सिलोना में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई सकारात्मक चर्चाओं और निवेश समझौतों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और आईटी क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है।
सीईओ श्री स्मेल्ट्स ने बताया कि कंपनी द्वारा डेटा सेंटर परियोजना के लिए भूमि आवंटन का पहला आवेदन प्रस्तुत किए जाने के मात्र छह दिनों के भीतर भोपाल के हज्जामपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 60,619.30 वर्ग मीटर भूमि आवंटन की सहमति 12 जुलाई 2026 को एमपीआईडीसी द्वारा जारी कर दी गई। यह भूमि 99 वर्ष की लीज पर आवंटित होगी। डेटा सेंटर बनने से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास तथा उद्योगों के लिए राज्य की त्वरित एवं निवेशक-अनुकूल कार्यप्रणाली का उदाहरण है।
सीईओ श्री स्मेल्ट्स ने कहा कि उद्योगों के लिए अनुकूल इको सिस्टम स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा सरकार का दूरदर्शी विजन और दृढ़ संकल्प मध्यप्रदेश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 3 एकड़ में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। लगभग 3 लाख वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र वाले इस परिसर में जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए विश्वस्तरीय कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।
प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जो कौशल विकास, अनुसंधान, उद्योग सहयोग एवं क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।
भोपाल आईटी पार्क में नया आईटी टॉवर विकसित किया जाएगा, जिससे जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए अतिरिक्त प्लग-एंड-प्ले कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।
प्रदेश में एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत सरकार के सहयोग से मंथन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा ग्लोबल स्किल्स पार्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जो नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई गति प्रदान करेंगे।
भोपाल के कोलार क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना से युक्त नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे तकनीकी कंपनियों को शीघ्र संचालन प्रारंभ करने की सुविधा उपलब्ध होगी।
टेक ग्रोथ कॉनक्लेव निवेशोन्मुखी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा: मुख्य सचिव श्री जैन
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 राज्य सरकार की निवेशोन्मुखी नीति के तहत आयोजित कॉन्क्लेव श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी शुरुआत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश एवं विदेश में आयोजित विभिन्न इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में सहभागिता कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य आईटी एवं डेटा सेंटर का है और इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश टेक सेक्टर पर विशेष फोकस कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की औद्योगिक निवेश यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है और डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आ चुका है।
मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने उद्योग-मित्र नीतियां लागू की हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। निवेशक प्रदेश की नीतियों और कार्यप् प्रणाली पर विश्वास जता रहे हैं तथा अनेक उद्योग समूहों ने एक से अधिक बार निवेश कर इस विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध मानव संसाधन, उच्च शिक्षण संस्थान, पर्याप्त लैंड बैंक, प्लग एंड प्ले सुविधाएं तथा निर्बाध विद्युत उपलब्धता निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क में निवेश लगातार बढ़ रहा है तथा ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भारत सरकार से अनुमति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है तथा राज्य सरकार देश में सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी उपलब्ध करा रही है। प्रदेश का आत्मीय और निवेशक-अनुकूल वातावरण भी उद्योगों एवं निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सरकार और उद्योग के बीच संवाद का सशक्त मंच बना कॉन्क्लेव : प्रमुख सचिव श्री सेल्वेंद्रन
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं डेटा सेक्टर के उद्यमियों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच है। राज्य सरकार ने आईटी उद्योग की आवश्यकताओं और वैश्विक मांग के अनुरूप उद्योग-अनुकूल नीतियां तैयार की हैं और समय-समय पर उनमें आवश्यक संशोधन भी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन नीतिगत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश में आईटी क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है और तकनीकी विकास को नई दिशा मिल रही है।प्रमुख सचिव श्री सेल्वेंद्रन ने देश-विदेश से आए उद्योगपतियों, निवेशकों और तकनीकी सहयोगियों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी मध्यप्रदेश को डिजिटल एवं तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी इकाइयों का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई गति प्रदान करते हुए 20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित इकाइयों का लोकार्पण किया। इन इकाइयों में 178.70 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1229 नए रोजगार सृजित होंगे। ये इकाइयाँ मुख्य रूप से इंदौर, भोपाल और जबलपुर के आईटी पार्कों में स्थापित की गई हैं। इनमें आईटी/आईटीईएस, ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) और नवाचार आधारित उद्योग शामिल हैं। इन इकाइयों के संचालन से प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इको सिस्टम को मजबूती मिलेगी तथा निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को नया प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
8 कंपनियों को प्रदाय किए गए भूमि आवंटन के आशय-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कॉनक्लेव में 8 कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र प्रदान किए। इन परियोजनाओं में 203.58 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1242 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन आवंटनों से इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क और भोपाल के बड़वई आईटी पार्क में आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी अवसंरचना और स्टार्ट-अप इको सिस्टम को सुदृढ़ आधार मिलेगा और प्रदेश में तकनीकी निवेश एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
गूगल प्ले के साथ हुआ महत्वपूर्ण एमओयू
कॉन्क्लेव में गूगल प्ले के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल क्षमता विकास के क्षेत्र में सहयोग संबंधी महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस साझेदारी से प्रदेश में उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल नवाचार एवं कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
422 करोड़ के पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट को सीसीआईपी की स्वीकृति
प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सीसीआईपी ने भोपाल में एमराल्ड कंपनी की 422 करोड़ रुपये की पीसीबी (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड) मैन्युफैक्चरिंग परियोजना को स्वीकृति दी है। इस परियोजना से 314 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा।
सेमीकंडक्टर यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव है एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव : सीईओ श्री संतोष कुमार
पारस सेमीकंडक्टर्स के सीईओ श्री संतोष कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रगतिशील नीतियों और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के समन्वय से प्रदेश में सशक्त एवं भविष्य उन्मुख सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा मध्यप्रदेश में भारत की पहली अत्याधुनिक एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओसेट (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) इकाई की स्थापना के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।श्री कुमार ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को सुदृढ़ करने के साथ मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं नवाचार के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी
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टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का हिस्सा होना गर्व की बात : श्री रेड्डी
सीटीआरएलएस के रणनीति प्रमुख श्री सिद्धार्थ रेड्डी ने कहा कि मध्यप्रदेश की तीनों टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का हिस्सा बनना उनके लिए सुखद अनुभव रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने आईटी उद्योग की आवश्यकताओं और निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से नीतिगत पहल की है। पहली टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में डेटा सेंटर, दूसरी में सेमीकंडक्टर नीति और तीसरी कॉन्क्लेव में जीसीसी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। श्री रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग-अनुकूल नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सुदृढ़ एवं सतत विकासशील इको सिस्टम विकसित हुआ है।
मुख्यमंत्री का विजन राज्य को तकनीक एवं नवाचार में दिला रहे नई पहचान : श्री कोटेश्वर
एस्टेरा लैब्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (आईटी) एवं प्रबंध निदेशक श्री शिवानंद आर. कोटेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का तकनीकी विज़न राज्य को तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रहा है। प्रदेश की उद्योग-अनुकूल और दूरदर्शी नीतियों ने वैश्विक निवेशकों के लिए अनुकूल एवं भरोसेमंद वातावरण तैयार किया है। साथ ही, प्रदेश के कुशल एवं नवाचारोन्मुख युवा इस विज़न को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। श्री कोटेश्वर ने कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर का है और मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी नीतिगत दूरदृष्टि, तकनीकी क्षमता और मजबूत संकल्प के बल पर मध्यप्रदेश भविष्य में अंतरिक्ष (स्पेस) में डेटा सेंटर स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य बनने की क्षमता रखता है।
कॉन्क्लेव में सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, एआई, कौशल विकास तथा डिजिटल अवसंरचना जैसे विषयों पर उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग्स, उद्योग विशेषज्ञों के की-नोट सत्र, निवेशक सम्मेलन और नीति संवाद आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स, भूमि उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और तेज निर्णय प्रक्रिया की सराहना करते हुए राज्य में दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
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दस्तक अभियान अंतर्गत चलाएं हैंडवाश सप्ताह, स्वच्छ पेयजल एवं नाली निकासी पर करें विशेष काम : कलेक्टर श्रीमती सिंह
दस्तक सह स्टॉप डायरिया कैंपेन अभियान 14 जुलाई से 31 अगस्त तक चलेगा
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026,

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में दस्तक सह स्टॉप डायरिया कैंपेन अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिले में 14 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित होने वाले दस्तक सह स्टॉप डायरिया कैंपेन को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि अभियान के दौरान हैंडवॉश सप्ताह आयोजित किया जाए तथा स्वच्छ पेयजल, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और नाली निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के तहत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पर्याप्त एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पेयजल की नियमित जांच कराई जाए तथा स्वच्छता संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी का पालन कराया जाए। उन्होंने शिक्षक-पालक समन्वय समूह बनाने, नगर निगम द्वारा स्वच्छ पेयजल एवं नाली निकासी संबंधी विशेष शिविर आयोजित करने तथा स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त दिशा-निर्देश जारी करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडीवा ने बताया कि अभियान के दौरान एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संयुक्त दल घर-घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे। पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को दो ओआरएस पैकेट एवं 14 जिंक टैबलेट उपलब्ध कराई जाएंगी। 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयु के अनुसार विटामिन-ए अनुपूरण तथा 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड अनुपूरण दिया जाएगा।
अभियान के तहत डीएसएस टूल के माध्यम से पांच वर्ष से कम आयु के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान की जाएगी। चिकित्सीय जटिलता वाले गंभीर कुपोषित बच्चों को रेफर कर संस्थागत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। दस्त, निर्जलीकरण एवं अन्य बाल्यकालीन बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार एवं आवश्यकतानुसार रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान स्कूलों में हैंडवॉशिंग एवं स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएं, ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए जाएं तथा स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय एवं सहयोग के साथ कार्य करें।
बैठक मे सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र कुमार रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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जनसुनवाई में लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से मिलेगी निःशुल्क विधिक सहायता
प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट कक्ष क्र 16 में होगा आयोजन
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशन में आमजन को त्वरित एवं निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लीगल एड क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है।
लीगल एड क्लीनिक का आयोजन प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर के कक्ष क्रमांक 16 में किया जाएगा।
क्लीनिक में नागरिकों को उनकी विभिन्न विधिक समस्याओं के संबंध में निःशुल्क कानूनी परामर्श एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी विधिक समस्याओं के समाधान हेतु जनसुनवाई के दौरान संचालित लीगल एड क्लीनिक का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
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आईएफएमआईएस की तकनीकी समस्याओं के निराकरण हेतु 16 एवं 17 जुलाई को जिला कोषालय में लगेगा विशेष शिविर
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026,
आईएफएमआईएस पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिला कोषालय कार्यालय, रतलाम में 16 एवं 17 जुलाई 2026 को विशेष तकनीकी सहायता शिविर आयोजित किया जाएगा।
वशिष्ठ कोषालय अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को आईएफएमआईएस से संबंधित तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए इस विशेष शिविर में आमंत्रित किया गया है। शिविर के दौरान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त समस्याओं का परीक्षण कर उनका यथासंभव तत्काल निराकरण किया जाएगा।
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सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का प्राथमिकता के साथ संतुष्टिपूर्वक करें निराकरण : कलेक्टर श्रीमती सिंह
विजन डॉक्यूमेंट एक सप्ताह में करें तैयार
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026,

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में सोमवार कोकलेक्टर सभागार में साप्ताहिक अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने सामाजिक न्याय विभाग को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का तथ्यों के आधार पर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया जाए। आवश्यक बजट की समय पर मांग भेजकर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाते हुए शिकायतों का शीघ्र निराकरण किया जाए। स्वास्थ्य विभाग को रोगी कल्याण समिति के माध्यम से किए जा सकने वाले भुगतान तत्काल कर शिकायतों का निराकरण करने तथा मेडिकल कॉलेज से संबंधित प्रसूति सहायता नहीं मिलने की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन विभागों में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निराकरण करने के लिए कहा गया।
बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों को जिले का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ एक सप्ताह के भीतर पूर्ण किया जाए। नगर निगम को जिले में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही तेज करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत, नगर निगम आयुक्त श्री अनिल भाना सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
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20 जुलाई तक कृषि अवसंरचना निधि योजना का चलेगा विशेष अभियान
गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाइयों के लिए 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026
जिले के किसानों के लिए कृषि अवसंरचना के विकास का सुनहरा अवसर उपलब्ध है। भारत सरकार द्वारा संचालित कृषि अवसंरचना निधि (Agriculture Infrastructure Fund-AIF) योजना के अंतर्गत 19 जून से 20 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने जिले के अधिक से अधिक किसानों, किसान उत्पादक संगठनों एफपीओ, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों एवं कृषि उद्यमियों से योजना का लाभ लेने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, कृषि प्रसंस्करण इकाइयों सहित अन्य कृषि अवसंरचना के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 7 वर्ष तक 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही क्रेडिट गारंटी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे किसानों और कृषि उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आसानी होती है।
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक हितग्राही कृषि अवसंरचना निधि पोर्टल पर ‘Beneficiary’ के रूप में पंजीयन कर अथवा जनसमर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना के लिए व्यक्तिगत किसान, एफपीओ, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां एवं कृषि उद्यमी पात्र हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज, परियोजना प्रतिवेदन तथा पासपोर्ट आकार का फोटो आवश्यक होगा। और अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग कलेक्ट्रेट भवन में संपर्क करें।
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जवाहर नवोदय विद्यालय आलोट तथा कालूखेड़ा में कक्षा 6 में प्रवेश परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन 31जुलाई तक
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026
पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा-2027 हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
रतलाम जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय, आलोट के अंतर्गत आलोट, जावरा एवं बाजना विकासखंड के तथा पी.एम.श्री. जवाहर नवोदय विद्यालय, कालूखेड़ा के अंतर्गत रतलाम, सैलाना एवं पिपलोदा विकासखंड के ऐसे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में किसी मान्यता प्राप्त शासकीय अथवा अशासकीय विद्यालय की कक्षा 5 में अध्ययनरत हों तथा संबंधित विकासखंड के निवासी हों।
आवेदन हेतु विद्यार्थी की जन्मतिथि 1 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 के बीच होना आवश्यक है। जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 28 नवंबर 2026 (शनिवार) को पूर्वाह्न में संबंधित विकासखंडों के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन 31 जुलाई 2026 तक www.navodaya.gov.in तथा https://cbseitms.rcil.gov.in/nvs/ के माध्यम से किए जा सकते हैं, एवं प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी विद्यालय की वेबसाइट एवं ऑनलाइन पंजीयन पोर्टल से प्राप्त कर सकते है।
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राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की राज्य स्तरीय टीम ने किया निरीक्षण
एचआईवी एवं सिफलिस स्क्रीनिंग को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026,

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति, भोपाल की उप संचालक डॉ. राधिका गुप्ता एवं सहायक संचालक श्री वैभव पाटील ने जिला चिकित्सालय रतलाम का निरीक्षण कर कार्यक्रमों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान आयोजित बैठक में सभी बीएमओ, बीपीएम, बीसीएम एवं राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नए एचआईवी एवं सिफलिस स्क्रीनिंग अभियान के संबंध में शपथ दिलाई गई। एचएमआईएस रिपोर्टिंग में डेटा वैलिडेशन कर त्रुटियों में सुधार करने तथा सभी कार्यक्रमों के लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मिशन एड्स सुरक्षा कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। 95:95:99 लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडिवा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. ए.पी. सिंह, नोडल अधिकारी एड्स नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. अभिषेक अरोरा, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, बीसीएम, बीपीएम, डीएसआरसी, आईसीटीसी, एआरटी, विहान, लक्ष्य हस्तक्षेप परियोजना, लिंक वर्कर स्कीम, एसएसके सहित संबंधित कार्यक्रमों का स्टाफ उपस्थित रहा।
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छात्रावास की बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया
रतलाम : सोमवार, जुलाई 13, 2026,

शासकीय अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास चिकलाना में छात्रावास की बालिकाओं एवं स्टाफ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बालिकाओं को टीबी रोग के लक्षण, बचाव एवं समय पर उपचार के संबंध में जानकारी दी। साथ ही वर्षा ऋतु में होने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए तथा हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन कर स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तनुजा गंधर्व, एएनएम श्रीमती प्रेमलता गोदा, आशा कार्यकर्ता सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।



