मंदसौरमध्यप्रदेश

16 जुलाई महाप्रभु जगन्नाथ यात्रा के लिए सर्वसमाज हुआ एकजुट, सफल बनाने की सभी ने सहमति प्रदान की

16 जुलाई महाप्रभु जगन्नाथ यात्रा के लिए सर्वसमाज हुआ एकजुट, सफल बनाने की सभी ने सहमति प्रदान की

मंदसौर। महाप्रभु भगवान जगन्नाथ यात्रा को लेकर पूरे नगर में अपार उत्साह है। सर्वसमाज ने एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक वृहत बैठक रविवार को सिंधु महल में आयोजित की। इस बैठक के अंदर बड़ी संख्या में सर्वसमाज के प्रतिनिधि एवं सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े हुए व्यक्तियों ने भगवान जगन्नाथ की यात्रा को लेकर तन, मन, धन से सहयोग करने की सहमति प्रदान की।

इस बैठक में मुख्य रूप से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मदनलाल राठौर एवं वर्तमान भारतीय जनता पार्टी महिला अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, समाजसेवी एवं जगन्नाथ यात्रा संरक्षक अनिल गुप्ता, मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपाल पंचारिया, सेवा बैंक के प्रमुख सुनील बंसल, रथ यात्रा प्रमुख राजेश गुर्जर, भगवान पशुपतिनाथ शाही सवारी यात्रा प्रमुख दिलीप शर्मा के साथ ही वरिष्ठ पत्रकार बृजेश जोशी ने बैठक में सभी समाजसेवियों और क्षेत्र में कार्य करने वालों को आमंत्रित करते हुए, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की यात्रा किस प्रकार निकाली जाए, इस पर विचार जानने का प्रयास किया। इसमें मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपाल पंचारिया द्वारा पूरी यात्रा की जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यात्रा मंदसौर के जगन्नाथ धाम से निकलकर खानपुरा होती हुई, घंटाघर, बस स्टैंड होती हुई आगे बढ़ेगी, जहाँ जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया जाएगा। यात्रा के अंदर 80 बटुक और 11 शंखों से शंखनाद होने के साथ रथ के आगे 21 ढोल साथ में चलेंगे। 200 बहनें मस्तक पर कलश लेकर साथ में चलेंगी।

भगवान जगन्नाथ जी के चमत्कारों के बारे में वरिष्ठ पत्रकार बृजेश जोशी द्वारा जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में सत्येंद्र सिंह सोम द्वारा बताया गया कि यह इस नगरी का सौभाग्य है कि यहाँ 500 वर्ष प्राचीन भगवान जगन्नाथ की प्रतिमाएं मौजूद हैं। जिस भक्त ने भी रस्सी पर हाथ लगाकर भगवान जगन्नाथ जी के रथ को खींचा है, वह भगवान के आशीर्वाद का पात्र रहेगा और यह चमत्कार ही है कि 1 वर्ष के अंदर भगवान जगन्नाथ मंदिर का भव्य निर्माण हो चुका है; यह भगवान जगन्नाथ धाम के नाम से प्रसिद्ध होगा। जनता से अनुरोध है कि बड़ी संख्या में इसमें भागीदारी करें, यह परम सौभाग्य है।

भारतीय जनता पार्टी उपाध्यक्ष विनय दुबला ने कहा कि मंदसौर में लगातार धार्मिक आयोजन हो रहे हैं, यह शुभ संकेत हैं। इसमें लगातार दो यात्राएं एक साथ निकल रही हैं—16 तारीख और 18 तारीख। मंदसौर की जनता दोनों यात्राओं में सम्मिलित होगी। सुनील जैन महाबली ने कहा कि मंदसौर के इस जगन्नाथ मंदिर के दर्शन लंबे समय से भक्त नहीं कर पाए थे, अचानक चमत्कार हुआ है कि 1 वर्ष के अंदर धार्मिक आयोजन लगातार आयोजित हो रहे हैं और मंदिर की ख्याति चारों तरफ फैल रही है। जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष व भारतीय जनता पार्टी महिला इकाई अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका गोस्वामी ने कहा कि मातृशक्ति इस भगवान जगन्नाथ की यात्रा में पूरा हिस्सा लेकर तन, मन, धन से सहयोग करेगी, यह परम सौभाग्य मंदसौर की जनता को मिला है कि यहाँ पर भगवान जगन्नाथ जी का प्राचीन मंदिर है।

वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम बटवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि यात्रा की शुचिता एवं इसमें चलने वाले सभी भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ भगवान के रथ को खींचें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह यात्रा आने वाले समय में मंदसौर की बहुत बड़ी पहचान बनेगी। इस अवसर पर मातृशक्ति ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। यात्रा की प्रभारी विद्या उपाध्याय, निर्मला गुप्ता, सुनीता भावसार, वंदना भावसार ने यात्रा को लेकर बड़ी संख्या में मातृशक्ति की भागीदारी के संकल्प को दोहराया।

इस बैठक के अंदर यात्रा के लिए प्रमुख रूप से कार्य करने वाले कोषाध्यक्ष ललित खेमानी, सचिव बालकृष्ण दवे, मंदिर भगवान उत्सव समिति के अध्यक्ष संजीव त्रिवेदी, रथ यात्रा प्रबंधक प्रीतम खेमानी, कपिल भंडारी, पंडित अरुण शर्मा, अंबालाल चौहान, अरविंद सारस्वत और समरसता के पूर्व नगर अध्यक्ष विनोद मेहता ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि सभी समाजजनों को जोड़कर चलना है। इस अवसर पर अनिल कियावत ने कहा कि यह यात्रा युवाओं को जोड़ने के साथ धार्मिकता का संदेश पूरे भारत में फैलाएगी। इस यात्रा को लेकर रामेश्वर मकवाना, दृष्टानंद नेनवानी ने अपने विचार रखे।

मंदसौर में तिरंगा यात्रा एवं हनुमान यात्रा को संचालित करने वाले गौरव अग्रवाल ने कहा कि यात्राएं जब भी निकलती हैं, नगर के अंदर एक नया उत्साह का वातावरण उत्पन्न होता है और इन यात्राओं से धार्मिक स्थल मजबूत बनते हैं, इसलिए यह यात्रा जगन्नाथ पुरी के बाद मंदसौर में अपना नया मुकाम हासिल करेगी। बंसीलाल टाक ने भी कहा कि जो लोग पुरी नहीं जा सकते, उन्हें मंदसौर में यह सौभाग्य मिलेगा। अंत में सभी ने हाथ उठाकर भगवान जगन्नाथ जी के जयकारे के साथ यात्रा को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। यह यात्रा दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होकर जगह-जगह स्वागत की योजना बनी है। इस यात्रा में हर वर्ग को आमंत्रित किया गया है। स्वागतकर्ताओं द्वारा स्वागत द्वार लगाए जाएँ और भक्तों का भी स्वागत करें, यह अपील भगवान जगन्नाथ उत्सव समिति द्वारा की गई है। यह जानकारी मीडिया प्रमुख सत्येंद्र सिंह व जयंत भावसार द्वारा संयुक्त रूप से दी गई।

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