समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 13 जुलाई 2026 मंगलवार

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तेलिया तालाब के केस में नया मोड़ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने नई अपील में जारी किये नोटिस
NGT न्यायालय (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) भोपाल द्वारा तेलिया तालाब के सम्बंध में पारित आदेश दिनांक 19/04/2024 के विरूद्ध मेसर्स चयन कंस्ट्रक्शन मन्दसौर के संचालक कोमल पिता सूरजमल जी बाफना की और से माननीय सर्वोच्च न्यायालय भारत नई दिल्ली के समक्ष सिविल अपील दायर की गई है। जिसकी सुनवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जाकर दिनांक 26/05/2026 को तेलिया तालाब के सभी संबंधित पक्षकारों जिसमें शासन, शासकीय विभाग व निजी पक्ष भी शामिल है सभी को नोटिस जारी कर माननीय न्यायालय द्वारा जवाब तलब किया गया है तथा अपील को सिविल अपील क्रमांक 10285/2024 के साथ टैग कर दिया गया है। मन्दसौर शहर में विगत कुछ दिनों से अपील के सूचना –पत्र पक्षकारों को प्राप्त हो रहे हैं,जो शहर मे चर्चा का विषय बना हुआ है। अपील में तेलिया तालाब के वास्तविक डूब क्षेत्र के संबंध में तथा जल संसाधन विभाग द्वारा दिनांक 05/05/2011 को नगर पालिका परिषद मंदसौर को सौंपे गये तालाब के वास्तविक जल क्षेत्र एवं सटीक सर्वे नंबरों के संबंध में गंभीर प्रश्न उठा कर अपीलार्थी ने तेलिया तालाब क्षेत्र के संबंध में गठित कमेटी की रिपोर्ट दिनांक 26/05/2023 तथा लापरवाही पूर्वक तालाब क्षेत्र के सीमांकन एवं तालाब क्षेत्र में हो रही छेड़छाड़ का मुद्दा माननीय न्यायालय के समक्ष उठाया है। अपील में शासन को जवाब प्रस्तुत कर अपना पक्ष रखना है। फिलहाल सम्पूर्ण प्रकरण माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है परन्तु मन्दसौर की जनता के समक्ष सबसे यक्ष प्रश्न यही है कि तालाब का वास्तविक क्षेत्र कितना है जिस पर गहराई से विचार हो कर माननीय न्यायालय से प्रकरण से अंतिम निराकरण के पश्चात तेलिया तालाब मन्दसौर का वास्तविक जलीय क्षेत्र एवं गहराई निर्धारित हो सकें।
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आरोग्य भारती जिला नीमच की बैठक सम्पन्न
आरोग्य भारती मालवा प्रान्त अध्यक्ष डॉ विष्णु सेन जी कछावा के निर्देशन में आरोग्य भारती जिला नीमच की बैठक हुई जिसमे स्वस्थ ग्राम योजना प्रकल्प को विकसित करने हेतु ग्राम थडोली का चयन किया गया । यह जानकारी देते हुए आरोग्य भारती जिला नीमच अध्यक्ष अजय भटनागर ने बताया कि प्रकल्प का शुभारम्भ भोलानाथ जी (अखिल भारतीय स्वस्थ ग्राम योजना प्रमुख एवं मध्य क्षेत्र संयोजक) के द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2026 को ग्राम थड़ोली में किया जाएगा
यह कार्यक्रम श्री मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर ग्राम थड़ोली में प्रातः 10 बजे आयोजित होगा जिसमें ग्रामवासियों बंधु भगिनी आदि की उपस्थिति के साथ ही नीमच जिले के प्रत्येक खण्ड से कार्यकर्ता भी की उपस्थिति रहेंगे । उक्त कार्यक्रम में औषधीय पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी ।
नीमच जिले में स्वस्थ ग्राम योजना जिला प्रमुख का दायित्व श्री राजमल व्यास नीमच को एवं स्वस्थ ग्राम योजना जिला सह प्रमुख का दायित्व श्रीमती निकिता जी सिंहल को दिया गया है।
बैठक में आरोग्य भारती के मालवा प्रान्त सहसचिव और प्रथोमपचार प्रभारी डॉ आशीष जोशी, जिला सचिव आशीष सोनी, नगर अध्यक्ष पारस जैन, ओमप्रकाश चौधरी , किशोर बागड़ी, मीना जायसवाल, लक्ष्मी प्रेमाणी , बालकृष्ण , थडोली ग्राम पंचायत सचिव राजमल कछावा आदि उपस्थित थे ।
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मंदसौर जिला माहेश्वरी समाज की नवीन कार्यकारिणी घोषित
मंदसौर। जिला माहेश्वरी समाज मंदसौर के सांगठनिक विस्तार और समाज को नई दिशा देने के उद्देश्य से नवीन जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। जिला अध्यक्ष सत्यनारायण मंत्री द्वारा सर्वसम्मति से ली गई इस सांगठनिक स्वीकृति की आधिकारिक जानकारी जिला सचिव राजेंद्र सोमानी ने साझा की। समाज के वरिष्ठों के मार्गदर्शन और युवाओं की ऊर्जा को समेटते हुए इस नई टीम का गठन किया गया है, जिससे सामाजिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नवनियुक्त कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मांगीलाल कालानी को सौंपी गई है, जबकि उपाध्यक्ष के रूप में मांगीलाल राठी और अशोक मंडोवरा अपनी सेवाएं देंगे। समाज के वित्तीय प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाने के लिए अनिल कुमार मुन्दडा को कोषाध्यक्ष और संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए शिवप्रकाश काबरा को संगठन मंत्री नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही सह सचिव के पद पर जुगलकिशोर तोतला व संजय मंडोवरा (डीकेवाय), प्रचार मंत्री के रूप में मुरलीधर चिचानी तथा मीडिया से जुड़े दायित्वों के निर्वहन के लिए पत्रकार राहुल सोनी को मीडिया प्रभारी बनाया गया है।
संगठन को सही दिशा और मार्गदर्शन देने के लिए एक सशक्त संरक्षक मंडल और परामर्शदाता टीम का भी गठन किया गया है। संरक्षक मंडल में सर्वश्री ओमप्रकाश पलोड, राधेश्याम कैला, किशोर कुमार मंत्री और कृष्णचंद चिचानी को शामिल किया गया है, वहीं परामर्शदाता के रूप में सर्वश्री मोहनलाल सोमानी, पवन कुमार मुंदड़ा, कृष्णकुमार बाहेती और गुरु एक्सप्रेस के आशुतोष नवाल समाज को अपनी अमूल्य सलाह देंगे। इसके अतिरिक्त कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में राजेश मंत्री, विजय गगरानी, महेश भंडारी, गिरिराज राठी, गिरीश राठी, महेश गेंदमल सोमानी, महेश जगदीशचंद्र सोमानी, महेन्द्र जाजू, मनोज मंडोवरा, श्याम मालू और मनोहरलाल भूतडा को शामिल कर टीम को पूर्णता प्रदान की गई है। इस नई घोषणा के बाद पूरे समाज की ओर से नवीन कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं, तथा यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह नई टीम समाज को एकता, संस्कार और निस्वार्थ सेवा की दिशा में आगे ले जाएगी।
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परिवहन विभाग में श्री लाड़ विधायक प्रतिनिधि नियुक्त
मंदसौर। क्षेत्रीय विधायक श्री विपिन जैन ने जिले के परिवहन विभाग में अपने प्रतिनिधि के रूप में श्री राजनारायण लाड़ की नियुक्ति की है। इस नियुक्ति पर श्री राजनारायण लाड़ ने विधायक श्री जैन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उन पर व्यक्त किए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे । उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग से संबंधित नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगे ।
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मेघवाल समाज का प्रांतीय महाअधिवेशन संपन्न, कुरीतियों को मिटाने और मृत्युभोज बंद करने का लिया संकल्प
मन्दसौर। मध्यप्रदेश मेघवाल समाज का एक दिवसीय प्रांतीय महाअधिवेशन स्थानीय नूतन सभागार मंदसौर में अत्यंत गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। इस महाधिवेशन में मंदसौर सहित आगर, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, धार, झाबुआ, रतलाम और नीमच जिलों के सामाजिक पदाधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर राठौर ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय मेघवंश महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रभु चंदेल उपस्थित रहे। इसके साथ ही श्यामलाल जोगचंद, सर्व मेघवंश महासभा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल थावलिया, गोरीशंकर सूर्यवंशी और सलाहकार मण्डल के अध्यक्ष राधेश्याम केहरवाल ने विशेष अतिथि के रूप में मंच की शोभा बढ़ाई।मंचासीन अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में समाज के चहुंमुखी विकास के लिए एकजुटता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब हम अपने निर्धन भाई-बहनों को संबल प्रदान करें और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता के लिए आगे आएं। शिक्षा को उन्नति का सबसे बड़ा हथियार बताते हुए वक्ताओं ने समाज के हर बच्चे, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने का पुरजोर आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने समाज में व्याप्त पुरानी कुरीतियों, अंधविश्वास और फिजूलखर्ची पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें जड़ से मिटाने की बात कही।
महाअधिवेशन के दौरान सामाजिक सुधारों और कुरीतियों पर बहुत ही व्यापक और गंभीर विचार-विमर्श किया गया। इसी कड़ी में सभी उपस्थित समाजजनों ने एक मत होकर समाज में फैली मृत्युभोज की प्रथा का कड़ा विरोध किया। सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वहाँ मौजूद समस्त लोगों ने सामूहिक रूप से यह पवित्र शपथ ली कि वे भविष्य में न तो स्वयं मृत्युभोज का आयोजन करेंगे और न ही किसी अन्य के यहाँ मृत्युभोज में शामिल होंगे। समाज सुधार की दिशा में उठाए गए इस क्रांतिकारी कदम की सभी ने सराहना की।
अधिवेशन के अगले चरण में मेघवाल समाज की प्रांतीय कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया, जिसके तहत बाबूलाल थावलिया को मध्यप्रदेश मेघवाल समाज संघ का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से आए नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए और उन्हें ‘‘मेघवाल समाज संघ’’ का पारंपरिक दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रांतीय सचिव के.सी. सौलंकी ने किया तथा अंत में सभी आगंतुकों के प्रति आभार संगठन मंत्री पी.सी. भारती ने व्यक्त किया।
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शासकीय प्राथमिक विद्यालय उदपुरा में बाल कैबिनेट का गठन.
उदपुरा। विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, उत्तरदायित्व एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास के उद्देश्य से शासकीय प्राथमिक विद्यालय उदपुरा में बाल कैबिनेट का गठन किया गया।कार्यक्रम में संकुल प्राचार्य श्री राम प्रसाद वैष्णव, जन शिक्षक श्री प्रकाश दास बैरागी, संस्था प्रभारी श्री करणनाथ भाटी, श्रीमती विद्यावती तिवारी तथा समाजसेवी श्री रमेश धनगर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को बाल कैबिनेट के महत्व एवं उनके दायित्वों की जानकारी देते हुए निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने की प्रेरणा दी।
बाल कैबिनेट में कुमारी दिव्यांशु संदीप दास बैरागी को प्रधानमंत्री, समर राहुल परमार को शिक्षा मंत्री, कु. हर्षिता को खेल मंत्री, कु. अनुष्का को अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा मंत्री, कु. दिव्यांशी को संस्कृति मंत्री, कु. हर्षिता को पर्यावरण एवं पेड़-पौधों के रखरखाव मंत्री, कुमारी अर्पिता को खाद्य मंत्री, भविष्य एवं पीयूष को विद्यालय परिसर स्वच्छता प्रभारी, युवराज एवं कु. अर्पिता को पुस्तकालय प्रभारी तथा कु. अंजलि एवं शीतल को प्रार्थना सभा प्रभारी का दायित्व सौंपा गया।
कार्यक्रम के अंत में नवनियुक्त बाल कैबिनेट के सदस्यों ने अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने का संकल्प लिया। संस्था परिवार ने सभी चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मन्दसौर। जिला सेन समाज, मन्दसौर द्वारा आज नगर में समाज के गौरव एवं नवनियुक्त पदाधिकारियों दिनेश नाई को कांग्रेस केश शिल्पी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष तथा मिथुन वप्ता को भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला उपाध्यक्ष नियुक्त होने पर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने दोनों पदाधिकारियों का साफा पहनाकर, श्रीफल एवं पुष्पमाला से सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम में जिला सेन समाज के कार्यकारी अध्यक्ष दयाराम चौहान, जिला युवा सचिव राहुल चौहान, वरिष्ठ मन्दसौर तहसील अध्यक्ष कन्हैयालाल परमार, वरिष्ठ मन्दसौर तहसील कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश गेहलोद, मन्दसौर नगर वरिष्ठ अध्यक्ष शेखर राज चौहान सहित समाज के वरिष्ठजन रमेश सोलंकी सोहनलाल परिहार, ब्रजेश टांकवाल, श्याम गेहलोद, राजू तोमर, विशाल खटोड़, कमलेश परमार एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने कहा कि समाज के सदस्य विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण दायित्वों पर पहुँचकर समाज का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। समाज ने आशा व्यक्त की कि दोनों पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए समाज एवं क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यह जानकारी जिला मीडिया प्रभारी नीरज सेन ने दी।
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एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में लगभग 40 हज़ार करोड़ के निवेश हुए प्राप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- प्राप्त निवेश से 34 हज़ार से अधिक रोजगार होंगे सृजित
- 28 हज़ार 200 करोड़ रुपर से अधिक की विदेशी योजनाएँ धरातल पर हुई साकार
- स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में स्थापित करेगा लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का एआई रेडी डेटा सेंटर
- भोपाल और इंदौर में बनेंगे अत्याधुनिक आईटी पार्क, ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग हब होगा स्थापित
- फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का किया शुभारंभ
मंदसौर 13 जुलाई 2026 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में 51 प्रमुख गतिविधियाँ संपन्न हुई इन गतिविधियों से लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश और 34 हजार से अधिक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त्र हुआ है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 की यात्रा में राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों को पूरा किया है। पिछले 2 टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश को 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बाद से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। इस अवधि में 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और 4 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, जो राज्य सरकार की कार्य गति और आत्मविश्वास का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। निरन्तर पेज 2 पर
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत का गौरवशाली अतीत पूरी दुनिया के सामने है और पिछले 12 वर्षों में भारत ने विश्व के सबसे तेज गति से विकसित होने वाले देशों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में दुनिया को नई दिशा दे रहा है और इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि, खनिज और वनों की पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ते हुए प्रदेश आज डिफेंस, ड्रोन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से लेकर फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर तक तेजी से प्रगति कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सहित सभी छोटे एवं बड़े उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी उद्योग समूहों को समान रूप से हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइंस सिटी, एआई, डीप टेक पार्क और डेटा सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एआई सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है।यहाँ व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकता है। मध्यप्रदेश की पहचान भारत रत्न से सम्मानित स्व॰ अटल बिहारी वाजपेयी से भी जुड़ी है, जिन्होंने देश के गौरवशाली अतीत से विश्व को परिचित कराया और संयुक्त राष्ट्र महासभा में राष्ट्रभाषा हिंदी में अपने विचार व्यक्त किए।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हिंदी में विश्व को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और सबसे युवा देश है। देश में प्रगति की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार युवाओं की योग्यता एवं क्षमता का पूरा उपयोग सुनिश्चित करते हुए उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
28 हजार 200 करोड़ से अधिक की विदेशी निवेश परियोजनाएँ धरातल पर साकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश अब केवल एमओयू तक सीमित नहीं रहकर धरातल पर साकार हो रहा है। स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया, आयरलैंड और इंडो-जर्मन सहयोग सहित 8 देशों की 10 प्रमुख कंपनियों की 28 हजार 200 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएँ प्रदेश में ग्राउंडब्रेकिंग चरण में हैं। इनमें स्पेन की सबमर इंडिया प्रा.लि. द्वारा भोपाल में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये (यूएसडी 2 बिलियन डॉलर) के एआई-रेडी डेटा सेंटर की स्थापना, कनाडा की मैक्केन फूड की 3,800 करोड़ रुपये की फूड प्रोसेसिंग इकाई, यूनाइटेड किंगडम की हेलियन (जीएसके) की 3 हजार करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स परियोजना, जापान की टोपान स्पेशियलिटी फिल्म्स की 1,100 करोड़ रुपये की स्पेशियलिटी फिल्म्स इकाई शामिल है।
एक हजार करोड़ रूपये से ज्यादा लागत वाली इन परियोजनाओं के साथ अमेरिका ट्रूयर स्पिलट वाटर्स की रिन्यूएबल्स एनर्जी की 500 करोड़ रुपये की नवकरणीय ऊर्जा परियोजना, दक्षिण कोरिया की बू यंग स्कीकॉर्प की 225 करोड़ रुपये की लेदर एवं फुटवियर इकाई और एफीबार की 207 करोड़ रुपये का मेडिकल डिवाइस पार्क, आयरलैंड की फेलिक्स जेनेरिक्स की 134 करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स इकाई, यूनाइटेड किंगडम की क्लिनीसप्लाइज की 127 करोड़ रुपये की मेडिकल डिवाइस पार्क और इंडो-जर्मन सहयोग से टीडब्ल्यूई ओबीटी प्रा.लि. की 126 करोड़ रुपये की टेक्सटाइल इकाई के कार्य भी निरंतर प्रगति पर हैं। इन निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिजिटल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा रोजगार सृजन को नई गति मिल रही है।
स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में 2 बिलियन डॉलर से बनाएगा एआई-रेडी डेटा सेंटर
स्पेन का सबमर ग्रुप मध्यप्रदेश में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये) के निवेश से एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करेगा। सबमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ श्री पैट्रिक स्मेल्ट्स ने एमपी टेकग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारत और वैश्विक उद्योगों के बीच रणनीतिक साझेदारी का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव केवल निवेश आकर्षित करने का मंच नहीं, बल्कि राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास संबंधी दूरदर्शी सोच का भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जुलाई 2025 में स्पेन के बार्सिलोना में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई सकारात्मक चर्चाओं और निवेश समझौतों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और आईटी क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है।
सीईओ श्री स्मेल्ट्स ने बताया कि कंपनी द्वारा डेटा सेंटर परियोजना के लिए भूमि आवंटन का पहला आवेदन प्रस्तुत किए जाने के मात्र छह दिनों के भीतर भोपाल के हज्जामपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 60,619.30 वर्ग मीटर भूमि आवंटन की सहमति 12 जुलाई 2026 को एमपीआईडीसी द्वारा जारी कर दी गई। यह भूमि 99 वर्ष की लीज पर आवंटित होगी। डेटा सेंटर बनने से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास तथा उद्योगों के लिए राज्य की त्वरित एवं निवेशक-अनुकूल कार्यप्रणाली का उदाहरण है।
सीईओ श्री स्मेल्ट्स ने कहा कि उद्योगों के लिए अनुकूल इको सिस्टम स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा सरकार का दूरदर्शी विजन और दृढ़ संकल्प मध्यप्रदेश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 3 एकड़ में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। लगभग 3 लाख वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र वाले इस परिसर में जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए विश्वस्तरीय कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।
प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जो कौशल विकास, अनुसंधान, उद्योग सहयोग एवं क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।
भोपाल आईटी पार्क में नया आईटी टॉवर विकसित किया जाएगा, जिससे जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए अतिरिक्त प्लग-एंड-प्ले कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।
प्रदेश में एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत सरकार के सहयोग से मंथन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा ग्लोबल स्किल्स पार्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जो नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई गति प्रदान करेंगे।
भोपाल के कोलार क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना से युक्त नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे तकनीकी कंपनियों को शीघ्र संचालन प्रारंभ करने की सुविधा उपलब्ध होगी।
टेक ग्रोथ कॉनक्लेव निवेशोन्मुखी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा: मुख्य सचिव श्री जैन
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 राज्य सरकार की निवेशोन्मुखी नीति के तहत आयोजित कॉन्क्लेव श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी शुरुआत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश एवं विदेश में आयोजित विभिन्न इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में सहभागिता कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य आईटी एवं डेटा सेंटर का है और इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश टेक सेक्टर पर विशेष फोकस कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की औद्योगिक निवेश यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है और डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आ चुका है।
मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने उद्योग-मित्र नीतियां लागू की हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। निवेशक प्रदेश की नीतियों और कार्यप् प्रणाली पर विश्वास जता रहे हैं तथा अनेक उद्योग समूहों ने एक से अधिक बार निवेश कर इस विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध मानव संसाधन, उच्च शिक्षण संस्थान, पर्याप्त लैंड बैंक, प्लग एंड प्ले सुविधाएं तथा निर्बाध विद्युत उपलब्धता निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क में निवेश लगातार बढ़ रहा है तथा ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भारत सरकार से अनुमति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है तथा राज्य सरकार देश में सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी उपलब्ध करा रही है। प्रदेश का आत्मीय और निवेशक-अनुकूल वातावरण भी उद्योगों एवं निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सरकार और उद्योग के बीच संवाद का सशक्त मंच बना कॉन्क्लेव : प्रमुख सचिव श्री सेल्वेंद्रन
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं डेटा सेक्टर के उद्यमियों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच है।
राज्य सरकार ने आईटी उद्योग की आवश्यकताओं और वैश्विक मांग के अनुरूप उद्योग-अनुकूल नीतियां तैयार की हैं और समय-समय पर उनमें आवश्यक संशोधन भी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन नीतिगत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश में आईटी क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है और तकनीकी विकास को नई दिशा मिल रही है।प्रमुख सचिव श्री सेल्वेंद्रन ने देश-विदेश से आए उद्योगपतियों, निवेशकों और तकनीकी सहयोगियों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी मध्यप्रदेश को डिजिटल एवं तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी इकाइयों का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई गति प्रदान करते हुए 20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित इकाइयों का लोकार्पण किया। इन इकाइयों में 178.70 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1229 नए रोजगार सृजित होंगे। ये इकाइयाँ मुख्य रूप से इंदौर, भोपाल और जबलपुर के आईटी पार्कों में स्थापित की गई हैं। इनमें आईटी/आईटीईएस, ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) और नवाचार आधारित उद्योग शामिल हैं। इन इकाइयों के संचालन से प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इको सिस्टम को मजबूती मिलेगी तथा निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को नया प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
8 कंपनियों को प्रदाय किए गए भूमि आवंटन के आशय-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कॉनक्लेव में 8 कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र प्रदान किए। इन परियोजनाओं में 203.58 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1242 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन आवंटनों से इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क और भोपाल के बड़वई आईटी पार्क में आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी अवसंरचना और स्टार्ट-अप इको सिस्टम को सुदृढ़ आधार मिलेगा और प्रदेश में तकनीकी निवेश एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
गूगल प्ले के साथ हुआ महत्वपूर्ण एमओयू
कॉन्क्लेव में गूगल प्ले के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल क्षमता विकास के क्षेत्र में सहयोग संबंधी महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस साझेदारी से प्रदेश में उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल नवाचार एवं कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
422 करोड़ के पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट को सीसीआईपी की स्वीकृति
प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सीसीआईपी ने भोपाल में एमराल्ड कंपनी की 422 करोड़ रुपये की पीसीबी (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड) मैन्युफैक्चरिंग परियोजना को स्वीकृति दी है। इस परियोजना से 314 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा।
सेमीकंडक्टर यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव है एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव : सीईओ श्री संतोष कुमार
पारस सेमीकंडक्टर्स के सीईओ श्री संतोष कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रगतिशील नीतियों और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के समन्वय से प्रदेश में सशक्त एवं भविष्य उन्मुख सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा मध्यप्रदेश में भारत की पहली अत्याधुनिक एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओसेट (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) इकाई की स्थापना के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।श्री कुमार ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को सुदृढ़ करने के साथ मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं नवाचार के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का हिस्सा होना गर्व की बात : श्री रेड्डी
सीटीआरएलएस के रणनीति प्रमुख श्री सिद्धार्थ रेड्डी ने कहा कि मध्यप्रदेश की तीनों टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का हिस्सा बनना उनके लिए सुखद अनुभव रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने आईटी उद्योग की आवश्यकताओं और निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से नीतिगत पहल की है। पहली टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में डेटा सेंटर, दूसरी में सेमीकंडक्टर नीति और तीसरी कॉन्क्लेव में जीसीसी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। श्री रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग-अनुकूल नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सुदृढ़ एवं सतत विकासशील इको सिस्टम विकसित हुआ है।
मुख्यमंत्री का विजन राज्य को तकनीक एवं नवाचार में दिला रहे नई पहचान : श्री कोटेश्वर
एस्टेरा लैब्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (आईटी) एवं प्रबंध निदेशक श्री शिवानंद आर. कोटेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का तकनीकी विज़न राज्य को तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रहा है। प्रदेश की उद्योग-अनुकूल और दूरदर्शी नीतियों ने वैश्विक निवेशकों के लिए अनुकूल एवं भरोसेमंद वातावरण तैयार किया है। साथ ही, प्रदेश के कुशल एवं नवाचारोन्मुख युवा इस विज़न को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। श्री कोटेश्वर ने कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर का है और मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी नीतिगत दूरदृष्टि, तकनीकी क्षमता और मजबूत संकल्प के बल पर मध्यप्रदेश भविष्य में अंतरिक्ष (स्पेस) में डेटा सेंटर स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य बनने की क्षमता रखता है।
कॉन्क्लेव में सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, एआई, कौशल विकास तथा डिजिटल अवसंरचना जैसे विषयों पर उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग्स, उद्योग विशेषज्ञों के की-नोट सत्र, निवेशक सम्मेलन और नीति संवाद आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स, भूमि उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और तेज निर्णय प्रक्रिया की सराहना करते हुए राज्य में दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
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