मंदसौर जिलासीतामऊ

स्टीमर बंद, लोगों ने खोजा रास्ता, बहाव के बीच पार कर रहे धतुरिया चंबल नदी, एसडीएम ने लगाई रोक

स्टीमर बंद, लोगों ने खोजा रास्ता, बहाव के बीच पार कर रहे धतुरिया चंबल नदी, एसडीएम ने लगाई रोक

सीतामऊ। मध्यप्रदेश राजस्थान को जोड़ने वाली सीतामऊ चौमहला पुल टुटने के बाद नागरिकों का आवागमन का यह मार्ग बंद हो गया वहीं नागरिकों का आवागमन का मार्ग लगभग 70 किलोमिटर अधिक दुरी चौमहला से सुवासरा फिर सीतामऊ हो गया।यह अधिक दुरी होने से नदी में जान जोखिम में डालकर लोग वैकल्पिक व्यवस्था स्टीमरों से आने जाने लगें।इसी बीच क्षेत्रीय विधायक हरदीप सिंह डंग के अथक प्रयासों से चंबल पर पुलिया के निर्माण राशि मंजूरी के साथ विधायक श्री डंग द्वारा दो माह पूर्व निर्माण कार्य का भूमिपूजन के साथ ठेकेदार द्वारा पुल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया था। तो क्षैत्र वासियों नागरिकों में खुशी कि लहर देखने को मिली।

इसी बीच लोगों का स्टीमरों से आवागमन जारी था परंतु जबलपुर के बरगी हादसे के बाद प्रशासन द्वारा स्टीमरों को बंद कर दिया गया जिससे आवागमन एक बार फिर बंद हो गया। वही अब धतुरिया क्षेत्र में रोज सैकड़ों लोग घुटनों तक तेज बहाव और फिसलन भरी मिट्टी के बीच से निकल रहे हैं। यहां एक छोटी-सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती।

पुल निर्माण दो महीने बाद भी ठप जैसी स्थिति में है और सुरक्षा इंतजाम के पते नहीं। अधिकारी, सेतु विकास निगम और ठेकेदार की बेरुखी साफ दिखाई दे रही है। यहां पुल निर्माण शुरू होने के लगभग 2 माह के बाद भी करीब 5 प्रतिशत तक ही काम हो पाया है। नदी के बीच बनाया अस्थाई सीमेंट पाईप मिट्टी डालकर बनाया कॉफर डेम अप्रैल में पानी आने के कारण पूरी तरह डूब गया और उसकी मिट्टी बह गई जिससे काम रुक गया था। दोबारा भराव कराया और नदी के बीच बड़े सीमेंट पाइप डालकर पानी का बहाव मोड़ा।

स्टीमर सेवा बंद होने के कारण लोगों को सुवासरा होकर करीब 70 किलोमीटर का लंबा चक्कर बचाने के लिए मजबूरी में कॉफर डेम से गुजरने का रास्ता चुनना पड़ रहा है। इधर ही लोगों की आवाजाही रोकने के लिए रास्ता बंद किया था।

बरगी हादसे के बाद जैसे ही मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चलने वाली स्टीमर सेवा पर प्रशासन ने रोक लगाई। वैसे ही ठेकेदार के कर्मचारियों ने कॉफर डेम में डाले गए पाइप निकाल दिए। इससे डेम कट गया और चंबल का तेज बहाव सीधे आगे बढ़ने लगा। तेज हवाओं व बहाव के चलते उठ रहीं लहरें लगातार डेम से टकराकर मिट्टी काट रही हैं, जिससे यह और कमजोर होता जा रहा है। जिससे घटना का अंदेशा बना हुआ था।

जिस पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी शिवानी गर्ग ने स्थल का निरीक्षण कर आवागमन के इस ख़तरनाक मार्ग पर कट पाईट को जेसीबी से गहरा करवा कर तत्काल रोक लगाई।

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