मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 02 म ई 2026 शनिवार

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नई दिल्ली द्वारा आयोजित नीट परीक्षा 3 मई को होगी

परीक्षा केन्द्रों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी

मंदसौर 1 मई 26 / नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नई दिल्ली द्वारा आयोजित नीट परीक्षा 3 मई 2026 को मंदसौर नगर के तीन परीक्षा केन्द्र 1 लाल बाहादुर शास्त्री, शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. स्टेशन रोड मंदसौर 2 महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उ.मा.वि. गाँधी चौराहा मंदसौर 3- पीएम श्री केन्‍द्रीय विद्यालय मंदसौर 4- राजीव गाँधी शासकीय महाविद्यालय महू-नीमच रोड़ मंदसौर पर 3 मई 2026 को दोपहर 02:00 बजे से 05:00 बजे तक होगी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नई दिल्ली द्वारा आयोजित नीट परीक्षा 2026 के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने एवं परीक्षा की पवित्रता तथा विश्वसनीयता सुनिश्चित करने हेतु उक्त परीक्षा आयोजन तिथि 3 मई 2026 को उक्तानुसार परीक्षा केन्द्रों के आस-पास के 100 मीटर क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की जाना आवश्यक है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नई दिल्ली द्वारा आयोजित नीट परीक्षा 2026 3 मई 2026 को परीक्षा की पवित्रता, पारदर्शिता, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग द्वारा मंदसौर जिले के समस्त परीक्षा केन्द्रों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई है।

1-परीक्षा प्रारम्भ होने के पूर्व प्रातः 08:00 बजे से सॉंय 06:00 बजे तक परीक्षा केन्द्रों से 100 मीटर की दूरी के अन्दर किसी अनाधिकृत व्यक्तियों का बिना किसी उद्देश्य के प्रवेश व घूमने, कागज या अन्य वस्तुओं का वितरण या प्रचार-प्रसार, ऐसी वस्तुओं का उपयोग जिसका प्रयोग आक्रामक आयुध के रूप में किया जा सकता है, परीक्षा से संबंधित अधिकारी/वीक्षक (इन्वीजिलेटर) कर्मचारीगण को डराने का प्रयास आदि अवांछनीय गतिविधियों तथा अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्णतः रोक रहेगी।

2- परीक्षा हेतु नियत किए गए परीक्षा केन्द्रों से 100 मीटर की दूरी के अन्दर किसी प्रकार के हाथ ठेला, खोमचा, लारी लगाकर व्यवसाय करने वाले लोगों का खड़ा होना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

3- म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-10 के तहत परीक्षा केन्द्रों से 200 मीटर की दूरी के अन्दर ध्वनि विस्तारक यंत्रो का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा, तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाऊडस्पीकर/डी.जे./सम्बोधन प्रणाली) के अनियंत्रित व नियम विरुद्ध प्रयोग पर नियंत्रण/कार्यवाही के संबंध में जारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

यह आदेश सर्वसाधारण आम जनता को संबोधित है और चूँकि इसकी तामिली प्रत्येक व्यक्ति पर सम्यकरूपेण करना और उसकी सुनवाई संभव नहीं है, अतः भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (2) के तहत यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया जाता है। इस आदेश की सूचना सर्वसाधारण जनता को समाचार पत्रों/इलेक्ट्रानिक मिडिया या अन्य माध्यम से की जाए और सहगोचर सावर्जनिक स्थलों पर आदेश की प्रति चस्पा की जाए।

उक्त आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के तहत कार्यवाही की जावेगी।

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जिला कोषालय अधिकारी कार्यालय द्वारा वाहन ( स्विफ्ट डिजायर ) किराये पर लेने हेतु निविदाएं 8 मई तक आमंत्रित

मंदसौर 1 मई 26 / वरिष्‍ठ कोषालय अधिकारी द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु जिले में कार्यालय जिला कोषालय अधिकारी जिला मंदसौर हेतु 01 वाहन टैक्सी ( स्विफ्ट डिजायर ) कोटे में अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से रजिर्स्टड वाहन किराये पर लिये जाने हेतु सीलबंद निविदाएं फर्मो / संस्थाओं / व्यक्तियों से निर्धारत प्रपत्र में 8 मई 2026 दोहपर 01:00 बजे तक कार्यालय जिला कोषालय जिला मंदसौर में आमंत्रित की जाती है।

उक्त प्राप्त निविदाएं उसी दिन 8 मई 2026 को समय अपरान्ह 04:00 बजे जिला कोषालय कार्यालय सुशासन भवन पार्ट ब मंदसौर के जिला कोषालय अधिकारी के कक्ष में उपस्थित निविदाकारों के समक्ष खोली जावेगी।

अधिक जानकारी के लिए जिला कोषालय कार्यालय मंदसौर पर संपर्क करें।

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कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने चारा एवं भूसे के निर्यात पर 31 मई तक प्रतिबंध लगाया

उल्लंघन पर म.प्र. पशु चारा निर्यात नियंत्रण प्रावधानों के तहत होगी दण्डात्मक कार्यवाही

मंदसौर 1 मई 26 / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती अदिती गर्ग ने जिले में चारा एवं भूसे के निर्यात को रोकने के लिए पर 31 मई तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। मंदसौर जिला अंतर्गत चारा/भुसा के निर्यात होने व अन्‍य कारणों से पशुओं के भुसा एवं चारा आदि की कमी होने की आशंका है।

जिले मे उत्‍पादित भुसा एवं चारे को पशुओं हेतु पर्याप्‍त मात्रा में आपूर्ति एवं संग्रहण करना आवश्‍यक है। म०प्र० पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के निहित प्रावधानों के अधीन प्रदत्‍त शक्तियों को प्रयोग करते हुए पशुओं के आहार में आने वाले सभी प्रकार के चारा, भुसा, घास, ज्‍वार आदि पशु चारे का उपयोग ईंट भट्टे में जलाने, फैक्ट्रियों में जलाने एवं जिले की सीमा से बाहर निर्यात को तत्‍काल प्रभाव से 31 मई 2026 तक के लिए प्रतिबन्ध लगाया गया है।

समस्‍त प्रकार के भुसा, चारा, घास, कड़वी आदि को कोई भी कृषक, व्‍यापारी, व्‍यक्ति या निर्यातक संस्‍था किसी भी प्रकार के वाहन, नाव, मोटर-ट्रक, बैलगाड़ी एवं रेल्‍वे अथवा अन्‍य साधन द्वारा जिले के बाहर बिना कार्यपालिक मजिस्‍ट्रेट की लिखित अनुमति के निर्यात नहीं करेगें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उक्त आदेश का उल्लंघन होने पर म.प्र. पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के निहित प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।

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श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित मध्यप्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर श्रमिकों को दी बधाई

मंदसौर 1 मई 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर श्रमिक बन्धुओं को बधाई देते हुए कहा है कि राज्य शासन श्रमिकों की गरिमा का पूरा सम्मान करती है। श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई है.

संबल योजना में अब तक 1.80 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। अब तक 8 लाख से अधिक प्रकरणों में ₹7720.07 करोड़ की सहायता दी गई है। संबल योजना में अब गिग वर्कर्स भी शामिल किए गए है। श्रमिक हितैषी प्रावधानो में DBT एवं बैंक/चेक से वेतन भुगतान द्वारा पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था की गई है।

240 दिवस कार्य करने पर सवैतनिक अवकाश की सुविधा के स्थान पर 180 दिन का एवं सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष हुई। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से 1.93 करोड़ से ज्यादा श्रमिक पंजीकृत हैँ। श्रमिक संरक्षण के अंतर्गत 14 वर्ष तक के बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध तथा 18 वर्ष तक खतरनाक उद्योगों में कार्य पर रोक लगाई गई है।

श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा एवं कौशल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, JEE/NEET एवं रक्षा सेवाओं में चयन के अवसर दिए गए हैँ।

श्रमोदय विद्यालय में निःशुल्क तकनीकी प्रशिक्षण एवं आवास, रियायती दर पर भोजन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा हेतु शैक्षणिक शुल्क की व्यवस्था की गई है। विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता, आवास एवं स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ दिया जा रहा है। श्रमिकों के लिए विश्राम गृह/रैन बसेरा तथा बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को बनाएं रोल मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में जोड़ें नए आयाम

रीवा से सर्वाधिक 24 हजार यात्रियों ने लिया हवाई सेवाओं का लाभ

मंदसौर 1 मई 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश का रोल मॉडल बनाने के प्रयास किए जाएं। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों के साथ ही पड़ौसी राज्यों के यात्रियों को भी विमानन सेवाएं लाभान्वित करती हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र का महत्व बढ़ाने की दृष्टि से भी ये सेवाएं महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई बैठक में विमानन विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विकसित होने वाले मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के परिसर में हैलीपेड निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। हैली सेवाओं के विस्तार के लिए हैलीपेड निर्माण में निजी क्षेत्र का सहयोग प्राप्त किया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए संचालित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि उज्जैन एयरपोर्ट में एयरफील्ड का कुल क्षेत्रफल 95 एकड़ है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार उज्जैन एयरपोर्ट 2700 मीटर लंबाई के रनवे के साथ कुल 4 हजार 100 मीटर लंबाई में विकसित होगा। इसके लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के लिए 590 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सिंहस्थ:2028 के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए एयरपोर्ट उपयोगी होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि एयरपोर्ट के विकास के सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के संचालन के संबंध में भी चर्चा हुई।

रोजगारपरक एविएशन पाठ्यक्रम का लाभ युवाओं को दिलवाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विमानन सेवाओं के विस्तार के साथ दक्ष पायलट और अन्य प्रशिक्षित अमले की आवश्यकता होगी। नई शिक्षा नीति में एविएशन पाठ्यक्रम को रोजगारपरक शिक्षा की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा एविएशन कोर्स का लाभ युवाओं को दिलवाने के लिये प्रयास करने के ‍निर्देश दिये।

सफल है प्रदेश की विमानन नीति, रीवा से 24 हजार यात्रियों ने उठाया हवाई सेवा का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 गत फरवरी 2025 में जारी की गई थी। नीति में विमानन क्षेत्र की समग्र वैल्यू चैन के लिए कई तरह के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में नए आयाम जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन नीति की सफलता के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के एयरपोर्ट से नए गंतव्यों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता भी शिड्यूल्ड ऑपरेटर्स को दी जा रही है। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 की सफलता का ही यह प्रमाण है कि गत छह माह में रीवा से 24 हजार यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया है। रीवा से दिल्ली, रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन और रीवा से इंदौर प्रतिदिन फ्लाइट उपलब्ध है। गत चार माह में रीवा से इंदौर की ऑक्यूपेंसी 85 प्रतिशत और गत डेढ़ माह में रीवा से रायपुर की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक है। रीवा- नई दिल्ली फ्लाइट की ऑक्यूपेंसी भी 70 प्रतिशत से अधिक है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक कुमार सिंह, सचिव वित्त श्री लोकेश जाटव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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किसानों के हित में समर्पित होकर कार्य करें कृषि कर्मयोगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड प्रारंभ, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि महाअभियान का भी हुआ शुभारंभ

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरू की किसानों के लिए टोल फ्री – 155253 सीएम किसान हेल्पलाइन

मंदसौर 1मई 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के दौरान सोलह विभाग समन्वित रूप से किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं। यह एक समग्र पहल है, जिसमें कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य विभागों को जोड़कर किसानों के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला से प्रदेश में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी किसानों के समर्पण भाव के साथ नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाते हुए कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवींद्र भवन, भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष में किसानों के सशक्तिकरण और उनकी आय वृद्धि के उद्देश्य से कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों की शुरूआत की गई, जिनमें मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि महाअभियान और सीएम किसान हेल्पलाइन शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेल्पलाइन से जुड़कर कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त की और इसकी उपयोगिता का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की सेवा के लिए सीएम किसान हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है। किसान भाई टोल फ्री नम्बर 155253 के माध्यम से इस नवाचारी पहल का लाभ ले सकेंगे। इस हेल्पलाइन से किसानों को त्वरित मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपस्थित सभी कृषि कर्मयोगियों से किसान हितैषी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए पवित्र और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए कार्य करते हुए नए प्रयोगों के साथ अपने मन के नए अंकुरण और कोमलता को जीवंत रखने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बल पर अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। राज्य सरकार ने कई असंभव कार्यों को लक्ष्य तक पहुंचाया है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति हो रही है। वर्तमान में किसानों को प्रति लीटर दूध पर पहले की तुलना में 7 से 8 रुपए तक अधिक मूल्य मिल रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अब व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहे है। पहले रबी फसल वर्षा पर निर्भर रहती थी, लेकिन अब समय बदल रहा है। नहरों और विद्युत सुविधाओं के विस्तार से खेत-खेत तक सिंचाई पहुंच गई है। इसके परिणामस्वरूप किसान अब वर्ष में 2 के स्थान पर 3 फसलें लेने लगे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के लिये प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इस वर्ष राज्य सरकार किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं उपार्जित कर रही है। राज्य सरकार ने उड़द की फसल पर समर्थन मूल्य के साथ देने की शुरुआत की है।

किसानों की अतिरिक्त आय का साधन बना एग्री वेस्ट मैनेजमेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान अब एग्री वेस्ट मैनेजमेंट अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। मक्के के डंठल, गेहूं और धान की नरवाई से भूसा बनाकर किसान लाभ कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। इजरायल में सीमित संसाधनों के बावजूद वहां खेती को अत्यंत आधुनिक और लाभकारी बनाया गया है। इजरायल में कम बारिश के बाद भी खेती में तकनीक का उपयोग प्रेरणास्पद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार के लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर हैं। कृषक परिवारों से आने वाले युवा डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं, लेकिन खेती को भी लाभ का जरिया बनाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है।

पीकेसी परियोजना के लिए हमारी सरकार के आभारी है राजस्थानवासी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश को तीन-तीन नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात मिली है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई जिले लाभान्वित होने वाले हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार ने लागत की 90 प्रतिशत राशि दी है। पीकेसी परियोजना पर सहमति के लिए राजस्थान के 15 जिलों के लोग मध्यप्रदेश सरकार को कोटि-कोटि धन्यवाद दे रहे हैं। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और यहां जलराशी का पर्याप्त भंडार है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मां नर्मदा के आशीर्वाद से अपने गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में गुजरात को विकसित और अग्रणी राज्य बनाया। अब हमारी सरकार भी नर्मदा के जल से प्रदेश को समृद्ध बना रही है। आज पानी की बूंद-बूंद को बचाकर खेती-किसानी को आगे बढ़ाने का प्रयास करने की आवश्यकता है।

कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि हर जिले में कृषि मेले आयोजित किये जा रहे हैं। इस कार्यशाला के माध्यम से कृषि कर्मयोगियों के साथ मंथन हो रहा है। राज्य में किसान हितैषी सरकार है, मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की परेशानियों के लिए चिंतित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारा है। इस कार्य में सभी कृषि कर्मयोगियों को सहयोग प्राप्त हो रहा है।

सचिव कृषि श्री निशांत वरवड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लोकसेवकों को कर्मयोगी की संज्ञा दी है। कृषक कल्याण वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन से आज सभी 55 जिले, विकासखंड, क्लस्टर लेवल और ग्राम पंचायतों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1627 चुनिंदा अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में आमंत्रित किया है। इसमें कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, मार्केटिंग फेडरेशन, बीज निगम, कृषि अभियांत्रिकी विभाग एवं अन्य विभाग शामिल हैं। कार्यशाला में किसानों की समस्याओं को बिना देरी के हल करने और किसान हेल्पलाइन की शुरुआत होगी। कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में अलग-अलग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यशाला में पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री लखन पटेल, प्रशासक अपेक्स बैंक श्री महेंद्र सिंह यादव, प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव श्री श्री डीपी आहूजा, संचालक कृषि कल्याण एवं कृषि विकास श्री उमाशंकर भार्गव सहित संपूर्ण प्रदेश से आए अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये भी कहा :-

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त किया। वे राज्यों को 90% राशि परियोजना कार्यों के लिए दे रहे हैं। यह कृषि क्षेत्र में किसानों के हित में बहुत बड़ा निर्णय है।

पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना, मप्र सहित राजस्थान के किसानों के जीवन में समृद्धि लाएगी। हाल ही में राजस्थान यात्रा में किसानों ने इस परियोजना की मंजूरी पर हर्ष व्यक्त किया।

डिजिटल साधनों का प्रयोग किसानों के लिए हितकारी है। इस कार्य को पवित्रता और एकात्म भाव से कर से असंभव कार्य भी संभव हो सकेंगे। किसान हेल्पलाइन सेवा से किसान लाभान्वित होंगे। किसान नई तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।

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मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषक कल्याण वर्ष में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर अनेक किसान, कार्य करने के लिए प्रेरित हुए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि बुधवार को खरगोन जिले में ऐसे किसानों से भेंट हुई जो आधुनिक मशीनों से फसल कटाई के कार्य के साथ नरवाई का बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल रही है।

राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पं. कमल किशोर नागर द्वारा संचालित गौसेवा और नशा मुक्ति अभियान का व्यापक प्रभाव है

प्रदेश में गेहूं का उत्पादन दोगुना हुआ : किसानों से एक-एक दाना खरीदेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. कमल किशोर नागर द्वारा प्रस्तुत श्रीमद्भगवत् कथा में हुए शामिल

मंदसौर 1मई 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य जीवन में जिस तरह शरीर को भोजन आवश्यक है, उसी प्रकार आत्मा की शुद्धि के लिए भक्ति और सत्संग बहुत जरूरी है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में धर्म-संस्कृति की धारा को निरंतर प्रवाहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय है। हमारे किसान अपने कठोर परिश्रम से देशवासियों को अन्न और सभी आवश्यक भोजन सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है। किसानों को उनके परिश्रम का उचित सम्मान देने के लिए राज्य सरकार ने गेहूं का उपार्जन शुरू किया है। प्रत्येक गेहूं उपार्जन केंद्र पर किसानों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश के किसानों ने गेहूं की फसल लगाई और धरती माता की कृपा से इस वर्ष गेहूं का उत्पादन दोगुना हो गया है। समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदने के साथ-साथ किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस का भी लाभ दिया जा रहा है। अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते राज्य सरकार इस वर्ष 2 हजार 625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रही है। किसानों से उनकी उपज का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को शुजालपुर स्थित हाटकेश्वर धाम सेमली घाट में संत श्री पंडित कमल किशोर नागर जी द्वारा प्रस्तुत श्रीमद्भगवत् कथा में सम्मिलित होकर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इससे पहले शाजापुर जिले के शुजालपुर में गेंहू उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया।

संतानों को संस्कारित बनाना जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत समाज ने सदैव देवताओं के समान हमारे समाज का मार्गदर्शन किया है। महाराज श्री कमल किशोर नागर ने अध्यात्म और धर्म के माध्यम से पूरी पीढ़ी को जीवन जीना सिखाया है। गुरूदेव गौशाला के लक्ष्य के साथ सिर्फ रचनात्मक कार्यों में ही आस्था रखते हैं। उन्होंने सनातन संस्कृति की धारा प्रवाहित करते हुए समाज के बीच से अशिक्षा और नशे जैसी बुराईयों को खत्म करने का संकल्प लिया है। उनके गौसेवा और समाज सुधार कार्यों का व्यापक प्रभाव है। हमारी संतानें वंश और गौत्र की अमरता की निशानी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर संतान संस्कारित हैं तो उनके रूप में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का आशीर्वाद मिल जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगली पीढ़ी को संस्कार, शिक्षा देने के लिए उपस्थित जनसमुदाय को प्रेरित किया।

भारतीय संस्कृति त्याग और दान की संस्कृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के प्रसंग से संदेश मिलता है कि जीवन में धन, सुख, संपदा कितनी भी मिल जाए, लेकिन मन का प्रेम इन सबसे ऊपर और महत्वपूर्ण है। परमात्मा ने हमें समाज के लिए कुछ अच्छा करने का अवसर दिया है। हमारी संस्कृति त्याग और दान की संस्कृति है, हमें मूल्यों को अपनाने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उज्जैन के पास जानापाव और सांदीपनि आश्रम सहित भगवान श्रीकृष्ण के प्रत्येक लीला स्थल को पवित्र तीर्थ के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन और जनपदों में एक-एक आदर्श वृंदावन ग्राम बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने काशी में ऐतिहासिक वैदिक घड़ी का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाया है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण कराया था और मध्यप्रदेश सरकार ने वहां वैदिक घड़ी स्थापित की है। बुधवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस ऐतिहासिक घड़ी का अवलोकन किया। भारतीय संस्कृति में सभी धर्मों का सम्मान बराबर है। गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। प्रदेश में नई गोशालाएं खोलने के साथ ही इन्हें सर्व सुविधा युक्त बनाया जा रहा है। गौमाता के दूध से बच्चों का कुपोषण दूर होता है और पशुपालन से किसानों को भी अपनी आय बढ़ाने में सुविधा मिलती है। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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