समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 01 मई 2026 शुक्रवार

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जिले के सीतामऊ थाने में हनी ट्रैप का मामला…
आरोपी युवती पर रेलवे कर्मचारी को प्रेम जाल में फंसाने का आरोप है… पीड़ित की पत्नी ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई…आरोप है कि युवती ने ब्लैकमेल कर लगभग 21 लाख रुपए ऐंठे..
पीड़ित रेलवे का कर्मचारी है.. सोशल मीडिया के जरिए युवती ने नजदीकियां बढ़ाईं और जाल में फंसाया… नशीला पदार्थ देकर अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप…
पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, आरोपी युवती की तलाश जारी है.।
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शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 के तहत सेना एवं पुलिस भर्ती हेतु 45 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण
11 मई तक आवेदन आमंत्रित
मंदसौर 30 अप्रैल 26 / पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक द्वारा बताया गया कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सैन्य बल, पुलिस एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों में भर्ती हेतु सक्षम बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026’ शुरू की गई है। मंदसौर जिले के पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों के लिए इस 45 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
नि:शुल्क सुविधाएं: चयनित अभ्यर्थियों को रहने, भोजन एवं शिक्षण सामग्री की निःशुल्क सुविधा दी जाएगी।
शिष्यवृत्तिः प्रशिक्षण अवधि के दौरान नियमानुसार शिष्यवृत्ति (Stipend) का भुगतान बैंक खाते में किया जाएगा।
विशेष प्रशिक्षणः शारीरिक दक्षता एवं लिखित परीक्षा हेतु अनुभवी ट्रेनर्स द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।
पात्रता:
श्रेणी: मध्यप्रदेश का मूल निवासी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC – नॉन क्रीमीलेयर)।
शारीरिक मापदण्डः न्यूनतम ऊँचाई पुरुष 168 सेमी, महिला 155 सेमी।
आयुः संबंधित भर्ती एजेंसी के मापदण्डों के अनुसार।
चयन प्रक्रिया 12वीं के अंकों की मेरिट एवं जिला स्तरीय चयन समिति के निर्णयानुसार संपन्न होगी।
आवेदन की प्रक्रिया पुर्णत: ऑफलाइन एवं नि:शुल्क रहेगी। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित आवेदन प्रारूप विभागीय वेबसाइट www.bcwelfare.mp.gov.in एवं कार्यालय पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मंदसौर से प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन समस्त दस्तावेजों सहित 11 मई 2026 को शाम 6:00 बजे तक कार्यालय सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, कक्ष क्र. 315, द्वितीय तल, सुशासन भवन, लाड़ली लक्ष्मी पथ, मंदसौर – 458001 पर जमा किए जा सकते हैं।
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जिला स्तरीय रोजगार मेले में 240 युवाओं में से 130 का हुआ प्राथमिक चयन
मंदसौर 30 अप्रैल 26 / जिला रोजगार अधिकारी द्वारा बताया गया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, रोजगार विभाग एवं तकनीकी शिक्षा कौशल विकास विभाग म.प्र. के संयुक्त तत्वाधान में शासकीय आईटीआई नयाखेड़ा मंदसौर में जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले में कुल 240 युवाओं ने पंजीयन कराया। रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों ने अपने स्टाल लगाए। 43 युवाओं का अप्रेन्टिशीप के लिए चयन व 130 युवाओं का प्राथमिक तौर पर चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को विभिन्न रोजगार अवसरों की जानकारी प्रदान की गई तथा उन्हें स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं से भी अवगत कराया गया।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा संबल 2.0 योजना अंतर्गत
मंदसौर जिले के कुल 564 श्रमिक परिवारों को राशि 12 करोड़ 38 लाख रूपये का वितरण किया गया
मंदसौर 30 अप्रैल 26 / श्रम अधिकारी मंदसौर द्वारा बताया गया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना अंतर्गत 27 हजार 167 श्रमिक परिवारों को राशि 600 करोड़ रूपये की अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया है।
मंदसौर जिले के कुल 564 श्रमिक परिवारों को राशि 12 करोड़ 38 लाख रूपये का वितरण किया गया है। जिला स्तर पर कार्यक्रम NIC कक्ष में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी/ कर्मचारी एवं सम्बल योजना के हितग्राहीयों ने उपस्थित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन सुना और देखा।
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मंदसौर कृषि उपज मंडी में किसान श्री जीवनलाल डांगी ने दिखाई ईमानदारी, गलती से मिले लाखों रुपये लौटाए
मंदसौर 30 अप्रैल 26 / मंदसौर कृषि उपज मण्डी सचिव द्वारा बताया गया कि कृषि उपज मण्डी समिति मंदसौर में 28 अप्रैल 2026 को मल्हारगढ़ तहसील के बोरखेडी निवासी कृषक श्री जीवनलाल डांगी कृषि उपज सोयाबीन विक्रय हेतु लाये थें। उक्त कृषि उपज घोष नीलामी में 6 हजार 110 रूपये प्रति क्विंटल की दर से फर्म धीरेन्द्र सोया एग्रो प्रा.लि. द्वारा क्रय किया गया था। जिसका तौल अनुसार वजन 2.635 क्विंटल 6 हजार 110 रूपये प्रति क्विंटल की दर से हम्माल तुलाई की राशि का कटौत्रा कर कुल भुगतान योग्य राशि 16 हजार 57 रूपये फर्म द्वारा देनी थी। किन्तु फर्म के प्रतिनिधि द्वारा उक्त किसान को 1 लाख 60 हजार 57 रूपयों का गलती से भुगतान कर दिया गया था।
किसान श्री जीवनलाल डांगी, द्वारा ईमानदारी का परिचय देते हुये 29 अप्रैल 2026 को मंदसौर कृषि मण्डी में पहुंच कर फर्म धीरेन्द्र सोया एग्रो प्रा.लि. के प्रतिनिधि को अतिरिक्त राशि रू. 1 लाख 44 हजार रूपये कृषि उपज मण्डी समिति के समक्ष वापस किये गये।
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कैलीग्राफी एवं ग्राफिक डिजाइन सेंटर में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 22 जून तक
मंदसौर 30 अप्रैल 26 / मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी (संस्कृति परिषद) द्वारा संचालित “कैलीग्राफी एवं ग्राफिक डिजाइन सेंटर” में सत्र 2026-28 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 22 जून 2026 निर्धारित की गई है।
इस दो वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष कैलीग्राफी और द्वितीय वर्ष ग्राफिक डिजाइन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी अकादमी से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त कर कार्यालय समय में जमा कर सकते हैं। सीटें सीमित होने के कारण अंतिम तिथि के पूर्व ही आवेदन प्रक्रिया पूर्ण हो सकती है।
प्रवेश के लिए इच्छुक उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक उत्तीर्ण या उसके समकक्ष होना आवश्यक है। साथ ही उर्दू भाषा का ज्ञान और आयु 15 से 35 वर्ष के मध्य होना चाहिए। आवेदन के साथ आवश्यक प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड संलग्न करना अनिवार्य रहेगा।इस प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क देय नहीं है। प्रशिक्षण से संबंधित सामग्री एवं पुस्तकें भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
विस्तृत जानकारी मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन, बाणगंगा रोड, भोपाल स्थित कार्यालय से कार्यालयीन समय में प्राप्त की जा सकती है।
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ट्रॉली पर चढ़कर सीएम डॉ. मोहन ने किसानों से जाना हाल, दिए दिशा-निर्देश
– उपार्जन केंद्र की व्यवस्था देखने शाजापुर-खरगोन पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
– किसानों से आत्मीय संवाद कर जाना कैसी मिल रहीं सुविधाएं
– अन्नदाता को पसंद आया प्रदेश के मुखिया का किसान रूप
– अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
मंदसौर 30 अप्रैल 26 / मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 30 अप्रैल को अनोखा अंदाज दिखाई दिया। उन्होंने आज शाजापुर-खरगोन के उपार्जन केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। वे शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयर हाउस पहुंचे। उन्होंने यहां बाकायदा ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गेहूं का वजन भी तुलवाकर देखा। उनके इस अंदाज की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
शाजापुर से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है।
उचित व्यवस्था के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने खरगोन में कलेक्टर और मंडी सचिव को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन-खरीदी केंद्रों पर पूरे 6 तौल कांटे लगाए जाएं। गेहूं खरीदी के आज से नए मापदंड जारी हुए है वह लागू हो जाएं। किसानों के लिए उपार्जन-खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त छाया और शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर अन्नदाता को सम्मान और सुविधा के साथ उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित निराकरण किया जाए। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए पर्याप्त संख्या में बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, स्लॉट बुकिंग हेतु कंप्यूटर, नेट कनेक्शन, कंप्यूटर ऑपरेटर, आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर हमेशा उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि सभी केंद्र के सभी 6 तौल कांटों पर निरंतर तुलाई कार्य चलता रहे। उन्होंने केंद्र पर कृषकों की सुविधा के लिए पेयजल, टेंट, बैठक, इत्यादि व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए।
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कल जो कहा आज वो किया: सीएम डॉ. मोहन यादव अचानक पहुंचे गेहूं उपार्जन केंद्र, किसानों से किया संवाद
– खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र पहुंचे प्रदेश के मुखिया
– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा
– केंद्र से संबंधित लोगों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश
मंदसौर 30 अप्रैल 26 / किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल यानी 29 अप्रैल को जो कहा था, वैसा ही 30 अप्रैल को किया। उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं। और, हुआ भी यही। वे आज सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर में 29 अप्रैल को रात्रि विश्राम किया था।
बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अब तक इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी
गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।
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कॉलेज चलो अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ
उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए दिशा निर्देश, विद्यार्थियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन और टोल फ्री नंबर जारी
मंदसौर 30 अप्रैल 26 / उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विद्यार्थियों को महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए प्रेरित करने के लिए कॉलेज चलो अभियान का दूसरा चरण चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा इस संबंध में दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिकतम पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ना तथा प्रवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाना है। विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देश अनुसार सभी महाविद्यालयों में प्रवेश सहायता केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों से संपर्क कर उनका पंजीयन सुनिश्चित किया जाएगा। एनसीसी/एनएसएस के सहयोग से ड्रॉप-आउट विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही विकासखंड स्तर पर “प्रवेश मेले” आयोजित किए जाएंगे तथा ePravesh ऐप व पोर्टल के माध्यम से पंजीयन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, छात्राओं एवं कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग की यह पहल अधिकाधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिला स्तर पर मजबूत समन्वय, अब हर विद्यार्थी तक पहुंचेगी प्रवेश सुविधा
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए महाविद्यालयीन प्रवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के लिए जिला स्तरीय प्रवेश नोडल अधिकारियों को समन्वय संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के तहत विद्यार्थियों को प्रत्येक चरण में समयबद्ध मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही महाविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए हेल्प सेंटर , जागरूकता अभियान एवं सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इससे अधिकाधिक छात्र-छात्राओं के उच्च शिक्षा से जुड़ सकेंगे।
विभाग ने जारी किए हेल्पलाइन एवं हेल्पडेस्क
प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से करने के लिए विभाग ने हेल्पलाइन व्यवस्था बनाई है। 24×7 घंटे हेल्पडेस्क का संचालन किया जाएगा। साथ ही ई प्रवेश संबंधित जानकारी के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 8000063632 और टोल-फ्री नंबर 18008908399 जारी किए हैं।
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