समाचार मध्यप्रदेश नीमच 30 अप्रैल 2026 गुरुवार

/////////////////////////////////
प्रदेश सरकार सभी वर्गो के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है- डॉ.यादव
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा प्रदेश के 33.45 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों को 200 करोड़ की पेंशन अंतरित
मुख्यमंत्री ने भोपाल से सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की पेंशन राशि
नीमच 29 अप्रेल 2026, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने बेवकास्ट के जरिये भोपाल से प्रदेश के 33 लाख 45 हजार 231 हितग्राहियों को 200.71 करोड़ की पेंशन राशि उनके बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा व सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायणसिह कुशवाह एवं वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अपने उदबोधन में इस मौके पर कहा, कि प्रदेश सरकार सभी वर्गो के कल्याण के लिए काम कर रही हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से मानसिक एवं बहु दिव्यांग हितग्राहियों को भी हितलाभ दिलाने का प्रयास किया गया हैं। समाज कल्याण मेलो के माध्यम से भी जरूरतमंद हितग्राहियों को लाभांवित किया जा रहा हैं।
नीमच के एनआईसी कक्ष में इस वी.सी.में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, उप संचालक सामाजिक न्याय श्री पराग जैन एवं पेंशन योजनाओं के हितग्राही एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
==================
जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक आज
नीमच 29 अप्रेल 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में आज 30 अप्रेल 2026 को दोपहर 12.15 बजे जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में समिति के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गये है।
===================
विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य सुधार की पहल
कलेक्टर की अध्यक्षता में मानसिक स्वास्थ्य निगरानी समिति की बैठक संपन्न
स्कूलों, कॉलेजों में योग-खेलकूद, का आयोजन एवं हेल्पलाइन प्रचार के निर्देश
नीमच 29 अप्रैल 2026, विद्यार्थियों में आत्महत्या एवं निराशा की प्रवृत्ति की रोकथाम तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के निराकरण हेतु मंगलवार 28 अप्रैल 2026 को कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में जिला मानसिक स्वास्थ्य निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव, जिला महिला बाल विकास अधिकारी सुश्री अंकिता पंड्या, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.एम.मांगरिया, सीएमओ श्रीमती दुर्गा बामनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दिनेश प्रसाद, लीड कॉलेज प्राचार्य श्री प्रशांत मिश्रा, मानसिक रोग परामर्शदाता श्री गिरिराज सिंह चौहान, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाति वधवा एवं प्राध्यापक, मानसिक रोग विभाग मेडिकल कॉलेज नीमच उपस्थित थे।
लीड कालेज के प्राचार्य श्री प्रशांत मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया, कि इस बैठक में उपस्थितजनों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए है।
नियमित परामर्श: विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य पर निरंतर परामर्श देने हेतु नियमित कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।
शारीरिक गतिविधियां: विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित योग, व्यायाम, खेलकूद व गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
शिक्षक पालक योजना: सभी संस्थाओं में शिक्षक पालक योजना लागू की जाए।
हेल्पलाइन का प्रचार: Govt. Mental Hospital हेल्पलाइन 18005990019, Tele MANAS 18008914416/14416, UMANG 1800115246 को सभी संस्थाओं में प्रदर्शित किया जाए।
अन्य सुझाव: परिसरों के आसपास नशे की रोकथाम, अकादमिक सुधारों के द्वारा परीक्षा का तनाव कम करना, कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के द्वारा रोजगार संबंधी परामर्श, विद्यार्थी एवं पालकों के बीच संवादहीनता को कम करना, विद्यार्थियों में मोबाइल का अनावश्यक उपयोग कम करना एवं मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग एप का प्रचार-प्रसार कर आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों को स्क्रीनिंग हेतु प्रेरित करने के सुझाव भी प्राप्त हुए है।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, खेलकूद की गतिविधियों में भाग लेने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा एवं संस्कृति से जोड़ने का सुझाव दिया। जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थाओं से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित करने की अपील की है। स.क्र./737/200/मालवीय/फोटो
=================
स्कूलों में दाखिले से कोई भी बच्चा शेष ना रहे, ड्रापआउट प्रतिशत शुन्य रहे- मुख्य सचिव
मुख्य सचिव श्री जैन ने वी.सी. के माध्यम से जिलो को दिए आवश्यक निर्देश
नीमच 29 अप्रैल 2026, म.प्र.के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बुधवार को वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी सम्भागायुक्त एवं जिलो के कलेक्टर्स से चर्चा कर, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, वन, आदिम जाति कल्याण, लोक स्वा.या.विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य योजनाओं, कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
मुख्य सचिव श्री जैन ने वी.सी.में विद्यार्थियों के स्कूलों में नामांकन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए, कि शतप्रतिशत शाला जाने योग्य विद्यार्थियों का स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित करें। कोई भी विद्यार्थी ड्राप आउट ना रहे। आंगनवाडी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की जानकारी एप्प पर अपलोड की जाए। सुनिश्चित किया जाए, कि उसे 6 वर्ष तक के बच्चे या तो आंगनवाडी में दर्ज होकर केंद्र पर आए या किसी शाला में दर्ज हो। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी असाक्षरों को साक्षर बनाने पर विशेष ध्यान दे। उन्होने ग्राम पंचायतों में नये राजस्व स्त्रोत सृजित करने पर जोर देते हुए कहा, कि सभी नल जल योजनाएं सुचारू रूप से संचालित हो और आमजनों को पर्याप्त पेयजल का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
मातृ एवं शिशु कल्याण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा, कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं, कार्यक्रमों को ग्राम स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाए। आम आदमी को स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हो। उन्होने कहा, कि सभी नवीन चिहिंत सेम एवं मेम एवं एस.यू.डब्ल्यू श्रेणी के बच्चों का मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत पंजीयन सुनिश्चित करवाए। उनका नियमित फालोअप भी करें।
मुख्य सचिव ने वी.सी. में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए, कि चयनित सभी ग्रामों में पांच वर्षीय विजन डाक्यूमेंट अनुसार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, नवीन दुग्ध समितियों के गठन, दुग्ध संग्रहण केंद्र की स्थापना के साथ ही कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, उद्यानिकी के माध्यम से इन ग्रामों में निवासरत ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने का विशेष प्रयास किया जाए। मुख्य सचिव ने वी.सी. में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कार्य की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। वी.सी.में बताया गया, कि उपार्जन के लिए स्लाट बुकिंग की तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। वी.सी. में ज्ञान भारतम मिशन के तहत दुर्लभ, प्राचीन, पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण एवं संकलन कर पोर्टल पर अपलोड करवाने के निर्देश भी सभी जिलो को दिए गये। जनगणना मकान सूचीकरण कार्य को भी सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करवाने के निर्देश सभी जिलों को दिए गए है।
====================
खनिज के अवैध परिवहन पर जिला प्रशासन की कार्रवाई
जावद व मनासा में बिना रायल्टी एवं अधिक मात्रा में खनिज परिवहन करते दो ट्रैक्टर जप्त, वाहन मालिकों पर कुल 42,013 रुपये का जुर्माना
नीमच 29 अप्रेल 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा खनिज के अवैध परिवहन के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जिले में एक ही दिन दो अलग-अलग प्रकरणों में सख्त कार्रवाई की गई है। दोनों मामलों में वाहन मालिकों पर कुल 42,013/- रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
प्रकरण-1: जावद में अधिक मात्रा में खण्डा परिवहन करते 26. अप्रैल 2026 को प्रभारी खनि निरीक्षक नीमच द्वारा ग्राम जावद में आकस्मिक भ्रमण के दौरान ट्रेक्टर क्रमांक MP44AA4896 में खनिज खण्डा भरा पाया गया। जांच में वाहन चालक के पास वैध रायल्टी पास तो थी, परंतु रायल्टी में अंकित मात्रा से अधिक मात्रा में खनिज का परिवहन किया जा रहा था।
वाहन को जप्त कर पुलिस थाना जावद में रखा गया। म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के तहत अनावेदक वाहन मालिक अशोक पिता जगदीश यादव, निवासी सुवाखेडा, तहसील जावद पर 13,263/- रु. की शास्ति अधिरोपित की गई। इसमें खनिज रायल्टी का 15 गुना 2,700/- रु. एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति 10,563/- रु. शामिल है।
प्रकरण-2 मनासा में बिना रायल्टी रेत परिवहन करते 24. अप्रैल.2026 को ग्राम हांसपुर, तहसील मनासा में भ्रमण के दौरान ट्रैक्टर नंबर MP44AC0352, चेचिस क्रमांक BXRSJ114904553 में खनिज रेत भरा पाया गया। जांच में वाहन चालक के पास रेत परिवहन हेतु कोई वैध रायल्टी पास नहीं पाया गया।
वाहन को जप्त कर पुलिस थाना मनासा की अभिरक्षा में रखा गया है। उक्त नियमों के तहत अनावेदक वाहन मालिक भीमाशंकर पिता बगदीराम रावत, निवासी डांगड़ी, तहसील मनासा पर 28,750/- रु. की शास्ति अधिरोपित की गई। इसमें खनिज रायल्टी का 15 गुना 3,750/- रु. एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति 25,000/- रु. शामिल है।
वाहन मुक्ति की शर्त:-दोनों प्रकरणों में आदेश दिया गया है कि अधिरोपित जुर्माना राशि चालान से 15 दिवस के भीतर शासकीय कोष में जमा होने की पुष्टि पर ही जप्तशुदा वाहन मुक्त किए जाएं। समयावधि में राशि जमा न करने पर भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत वसूली की जाएगी।
कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा, कि जिले में रेत, खण्डा एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन व भण्डारण पर सतत निगरानी रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त दण्डात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
=============
खेतों में सोलर पंप से चमका किसानों का भविष्य,
”प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” के तहत नीमच जिले में240 सोलर पंप स्थापित
1525 किसानों को मिलेगा सोलर पंप का लाभ
नीमच 29 अप्रैल 2026, प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत नीमच जिले में किसानों के खेतों पर सोलर पंप स्थापना का कार्य तेजी से किया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने हेतु अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण किया जा रहा है।
स्थल निरीक्षण: अक्षय ऊर्जा विभाग के नीमच जिले के प्रभारी अधिकारी श्री संतोष कुमार ने बताया किसान गोविन्द पाटीदार भड़भड़िया,राजेन्द्र पाटीदार कैलाश चंद्र पाटीदार भड़भड़िया, लक्ष्मी नारायण राम सुख पाटीदार भड़भड़िया, भगतराम बाबूलाल मोड़ी तहसील जावद, मनोहर लाल शर्मा ग पिपलोंन, मदन लाल मथुरालाल पाटीदार पिपलोन, शिवा बाई नानुगीर गोस्वामी पीपलोन, कमला बाई शालिग्राम गांव रेवली देवली के खेत पर स्थापित सोलर पंपों काअधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया।
मौके पर स्थापित सोलर पैनल संरचना एवं पंप सिस्टम सुचारू रूप से कार्यशील पाया गया है। किसान द्वारा योजना का लाभ लेकर अपने खेत में सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई शुरू कर दी गई है।
जिले में योजना की स्थिति: ”प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” के अंतर्गत नीमच जिले में अब तक 240 किसानों के खेतों में सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं। कुल 1525 किसानों को कार्यादेश जारी किए गए हैं, जिनमें से 1227 किसानों के खेतों में पंप स्थापना का कार्य वेंडर एजेंसियों द्वारा प्रगति पर है।
शासन का सहयोग: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप योजना के तहत पात्र किसानों को सोलर पंप स्थापना हेतु 90% अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों को डीजल व बिजली के खर्च से राहत मिली है तथा वे निर्बाध सिंचाई कर पा रहे हैं।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने कहा, कि सोलर पंप पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक है। जिले के सभी पात्र किसान योजना का लाभ लेकर ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनें। अक्षय ऊर्जा विभाग एवं वेंडर एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं, कि शेष कार्यादेशों पर शीघ्र कार्य पूर्ण कर किसानों को लाभान्वित किया जाए।
=============
अवैध खनन पर कलेक्टर नीमच की बड़ी कार्रवाई- 19 लाख 18 हजार 500 रुपये का जुर्माना
शासकीय भूमि से 1279 घनमीटर पत्थर का अवैध उत्खनन पर कार्रवाई
नीमच 29 अप्रैल 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा जिले में अवैध खनन के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खननकर्ता पर 19,18,500/- रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
प्रकरण का विवरण: खनिज अधिकारी के प्रतिवेदन एवं मौका पंचनामा के अनुसार ग्राम मोरवन डेम के पास शासकीय भूमि सर्वे नंबर 977/2, 974/2 व 977/1/1 पर पत्थर का अवैध उत्खनन होना पाया गया।
ग्राम मोरवन स्थित भूमि सर्वे नंबर 977/4 में निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसकी बाउण्ड्री वाल का निर्माण एक निर्माण एजेंसी द्वारा पेटी कान्ट्रेक्ट पर किया जा रहा है। मौके पर जांच में पाया गया कि मोरवन डेम के पास से उत्खनित पत्थर बाउण्ड्री वाल निर्माण हेतु विक्रय करना पाया गया।
उपयोग की गई मात्रा: बाउण्ड्री वाल निर्माण में उपयोग किए गए खनिज की कुल मात्रा 2065 घनमीटर थी, जिसमें रेत एवं सीमेंट (मोर्टार) की मात्रा 786 घनमीटर होना पाई गई। इस प्रकार 1279 घनमीटर पत्थर का उपयोग बिना रायल्टी के अवैध रूप से किया गया है।
अधिरोपित शास्ति: मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 अध्याय पांच नियम 18(2) के तहत निम्नानुसार शास्ति अधिरोपित की गई:- खनिज रायल्टी का 15 गुना अर्थशास्ति राशि: 9,59,250/- रु.- पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि: 9,59,250/- रु.- कुल शास्ति राशि: 19,18,500/- रु.जुर्माना।
खनिज अधिकारी को निर्देशित किया है, कि अधिरोपित जुर्माने की राशि 19,18,500/- रु. चालान से 15 दिवस के अन्दर शासकीय कोष में जमा होने की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। अनावेदक द्वारा जुर्माना राशि निश्चित समयावधि में जमा नहीं कराने पर उसके विरुद्ध भू-राजस्व संहिता में निहित प्रावधानों के तहत कार्यवाही कर भू-राजस्व के समान वसूली की जावेगी।
कलेक्टर श्री चंद्रा ने स्पष्ट किया, कि शासकीय भूमि से अवैध उत्खनन गंभीर अपराध है। जिले में अवैध खनन के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है। शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
===========
दो पीडित परिवार को आठ लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत
नीमच 29 अप्रेल 2026, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उपखण्ड नीमच श्री संजीव साहु द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र भाग 6(4) के तहत सर्पदंश एवं कुए में डूबने से पीडित परिवारो को आठ लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई हैं। एसडीएम नीमच द्वारा नीमच निवासी कमलेश पिता प्यारचंद की कुए में डूबने से मृत्यु हो जाने पर मृतक के वारिस पत्नि रूकमणबाई को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई हैं।
इसी तरह भेरूगढ़ निवासी ककूडी पति कालू की सर्पदंश से मृत्यु हो जाने पर मृतका के वारिस पुत्र मुकेश पिता कालू को 4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। तहसीलदार नीमच द्वारा आर्थिक सहायता का प्रकरण तैयार कर स्वीकृति के लिए एसडीएम नीमच को प्रस्तुत किया गया था।
=============



