समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 30 अप्रैल 2026 गुरुवार

विधायक जावरा डॉ राजेन्द्र पांडे ने भरा स्व गणना पत्र
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,

जनगणना निदेशालय भारत सरकार के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के प्रथम चरण ” मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के अंतर्गत जिले में स्व गणना 30 अप्रैल तक की जा रही है। प्रत्येक नागरिक घर बैठे आसानी से https://se.census.gov.in/ लिंक से फार्म भरकर ” स्व गणना ” सुविधा का लाभ उठा रहे है। इसी क्रम में विधायक जावरा डॉ राजेन्द्र पांडे द्वारा अपनी स्व गणना करते हुए सभी से, पूरी निश्चिंतता के साथ स्व गणना करने तथा सही सही जानकारी प्रदान करने की अपील की गई।
डॉ राजेन्द्र पांडे ने कहा कि इस जानकारी का उपयोग राष्ट्र के विकास की योजना निर्माण के महत्वपूर्ण कार्य में किया जायेगा। यह जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी, इसका उपयोग किसी भी तरह से कही भी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता है। पूरी तरह से निश्चिंत हो कर अपनी सही सही जन गणना कराए।
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एसडीएम आर्ची हरित ने किया हकीमी एग्रिको एंड वेयर हाउस का निरीक्षण
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में जिले में उपार्जन केन्द्रो पर समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन किया जा रहा है । आज एसडीएम आर्ची हरित द्वारा हकीमी एग्रिको एंड वेयर हाउस का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में पाया गया कि आज कुल 22 स्लॉट बुक किए गए थे, जिनमें से 19 की खरीदी पूर्ण हो चुकी है तथा शेष की खरीदी भी आज ही पूर्ण होने की संभावना है। केंद्र पर लाया गया समस्त गेहूं एफएक्यू गुणवत्ता का पाया गया।
केंद्र पर कुल 178 किसानों से खरीदी की गई, जिनकी कुल राशि 2,42,81,181 रुपये है। तौल का सत्यापन किया गया ।
केंद्र पर पानी एवं छाया की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है तथा समस्त स्टाफ उपस्थित पाया गया। कुल 5 तौल मशीनों में से 4 मशीनों से कार्य किया जा रहा है, केन्द्र पर कुल 6 तौल मशीनें लगाने के निर्देश दिए गए।
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क्षेत्रीय वन अमले द्वारा वन क्षेत्रों में बैठक आयोजित
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह द्वारा पर्यावरण पार्क रतलाम स्थित नगर वन क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान दिये गये निर्देशानुसार
वनमंडल अधिकारी डॉ. अनुभा त्रिवेदी के निर्देशन में क्षेत्रीय वन अमले द्वारा वन क्षेत्रों में लगातार बैठकें आयोजित कर पशुहानि, जनहानि एवं घायल होने की स्थिति में मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि के बारे में ग्रामीण जनो को जानकारी दी जा रही है। साथ ही, ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल निकटस्थ वन अमले को देने के लिए ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है। आज सैलाना क्षेत्र में मुण्डारी,लालगुवाडी बीट क्षेत्र में ग्रामीण को वन विभाग के क्षेत्रीय अमले द्वारा वन्य प्राणियों से स्वयं की सुरक्षा करने के संबंध में जानकारी दी गई ।
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एसडीएम रतलाम एवं आलोट ने उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में जिले में उपार्जन केन्द्रो पर समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन किया जा रहा है । आज एसडीएम रतलाम ग्रामीण श्री विवेक सोनकर ने उपार्जन केंद्र बिरमावल का निरीक्षण किया। एसडीएम आलोट श्रीमती रचना शर्मा ने सांवरिया वेयरहाउस ताल रोड आलोट ,उपार्जन केन्द्र तालोद,उपार्जन केन्द्र भोजाखेड़ी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तौल कांटों का सत्यापन किया गया तथा किसानों से संवाद कर उपार्जन प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं एवं केंद्रों पर की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। उपार्जन मे आ रही समस्याओं का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। केंद्रों पर किसानों की संख्या को देखते हुए तौल-कांटे एवं हम्माल बढाने के लिए निर्देशित किया गया। भीषण गर्मी के चलते केन्द्रों पर ओ आर एस के पैकेट रखवाने के निर्देश दिए गये ।
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जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत स्टेशन रोड के नाले की सफाई
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,

शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जल स्त्रोतों तथा नदी, नालो, तालाबों, कुंआ, बावड़ी तथा अन्य जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान‘‘ संचालित किया जा रहा है।
जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत नगर पालिका परिषद रतलाम द्वारा कमिश्नर नगर निगम श्री अनिल भाना के नेतृत्व में स्टेशन रोड स्थित नाले की सफाई एक दिन एक नाला अभियान के तहत की गई।
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एसडीएम सैलाना ने किया उपार्जन केंद्र शिवगढ़ का आकस्मिक निरीक्षण
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में जिले में उपार्जन केन्द्रो पर समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन किया जा रहा है । आज एसडीएम सैलाना श्री तरूण जैन द्वारा उपार्जन केंद्र शिवगढ़ का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र पर कुल 201 स्लॉट बुक किए गए थे, जिनमें से 142 किसानों से खरीदी की जा चुकी है। केंद्र पर एफएक्यू गुणवत्ता का गेहूं खरीदा जा रहा है। कुल खरीदी मात्रा 5071 क्विंटल दर्ज की गई है।
एसडीएम द्वारा बोरों का वजन समक्ष में तुलवाकर सत्यापन किया गया। केंद्र पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान 3 तौल कांटे संचालित अवस्था में मिले तथा 10 हम्माल कार्यरत पाए गए। सिंगल यूज बोरों की संख्या 4800 पाई गई। एसडीएम ने केंद्रों पर अतिरिक्त हम्माल एवं तौल कांटे लगाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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सार्वननिक स्थानों पर मदिरापान के विरूद्ध कार्यवाही
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशन में तथा सहायक आबकारी आयुक्त डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी के मार्गदर्शन में रतलाम आबकारी की टीमों द्वारा रतलाम शहर के साथ-साथ जिले मे अन्य नगरों मे भी संचालित कंपोजिट मदिरा दुकानों के आसपास खड़े होकर शराब पीने एवं गंदगी फैलाने वालो के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
अभियान के अंतर्गत रतलाम शहर की शराब दुकानों – महू बस स्टेण्ड, शहर शराय, सज्जन मिल, बड़बड़, साला खेड़ी, पावर हाउस, स्टेशन रोड दुकानों एवं जावरा, सैलाना, नामली, आलोट’ नगरों में भी शराब दुकानों पर सघन चेकिंग की गई तथा दुकान के आसपास रोड पर एवं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की गई । रतलाम शहर में 4, जावरा में 2, परगना में 3, सैलाना में 3, आलोट में 2 कुल 14 प्रकरण’ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत पंजीबद्ध किए गए।
सहायक आयुक्त डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा जिले में नियमित रूप से सार्वजनिक स्थानों पर मदिरापान करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है तथा उनके विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किए जा रहे हैं।
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एमपीटास पोर्टल पर सत्र 2025-26 नवीनीकरण विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026
सहायक संचालक पिछडा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण द्वारा बताया गया कि एमपीटास पोर्टल पर सत्र 2025-26 नवीनीकरण विद्यार्थियों के आनलाईन आवेदन प्रस्तुत करने हेतु 31 मई तक पोर्टल खोला गया है। शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों/औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग के नवीनीकरण विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन भरकर अपनी संस्था में जमा करवाने संबंधित कार्यवाही करना सुनिश्चित करें जिससे शासन की पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ विद्यार्थियों को प्राप्त हो सके।
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रोजगार ,अप्रेंटिसशिप व स्वरोजगार मेले में 52 प्रतिभागियों का चयन
रोजगार मेले मे रक्तदान शिविर का भी आयोजन, 28 रक्तदाताओं ने किया 101 यूनिट रक्तदान
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भोपाल एवं रोजगार संचालनालय, भोपाल द्वारा जारी आदेशानुसार जिला प्रशासन, कौशल विकास और रोजगार विभाग एवं जिला रोजगार कार्यालय, मध्य प्रदेश डे ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वाधान में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, सज्जन मिल के सामने, सैलाना रोड, रतलाम में युवा संगम अंतर्गत संयुक्त रूप से रोजगार मेला, स्वरोजगार मेला, प्रधानमंत्री नेशनल अप्रेंटिसशिप मेला, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना एवं मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजनांतर्गत मेले का आयोजन किया गया। जिसमे भाग लेने वाली कुल 11 कंपनियों द्वारा निर्धारित मापदंड एवं इंटरव्यू के उपरांत कुल 52 प्रतिभागी प्राथमिक रूप से चयनित हुए जिसमे से रोजगार हेतु 47 एवं अप्रेंटिसशिप हेतु 05 आवेदकों का चयन किया गया।
रोजगार मेले में प्रतिभागी का चयन करने वाली कम्पनियों में जी.आर. इण्डस्ट्रीज-निरंक, गादिया वायर्स प्रा.लि. इण्डस्ट्रीज द्वारा 04 प्रतिभागी, डी.पी वायर्स लिमिटेड द्वारा 01, पैरामेडिकल एंड रिसर्च सोसाईटी द्वारा 06, भारतीय एकसा द्वारा 02, जे.बी.एम.प्रा.लि. विठ्ठलपुर अहमदाबाद द्वारा 08, एम.आर.एफ लिमिटेड दहेज गुजरात द्वारा 03, ग्रीन लेब डायमंड सूरत द्वारा 06, एस.आर.एफ लिमिटेड (कीन इण्डिया) पीथमपुर द्वारा 02 ,एचडीएफ़सी लाइफ इंसोरेंस द्वारा 20 प्रतिभागियों का प्राथमिक रूप से चयन किया गया। इसके अतिरिक्त जिले में संचालित लोन से सम्बंधित विभिन्न योजनाओं 11 प्रकरणों में 18890000 रूपये के स्वीकृति पत्र भी हितग्राहियों को वितिरत किये गये तथा जिले में संचालित लोन से संबंधित समस्त योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई, मेले में सम्मिलित होने के लिये कुल 61 आवेदकों ने अपना पंजीयन किया ।
मेले में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा हाइजीन/सीपीआर पर अपना प्रस्तुतिकरण देकर आईटीआई के प्रशिक्षणार्थियों को परामर्श दिया गया। मेले के दौरान रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें एनसीसी/आईटीआई के बच्चों/अधिकारियों ने भाग लेकर कुल 28 रक्तदाताओं ने 101 यूनिट रक्तदान किया ।
संस्थान के प्रशिक्षण अधीक्षक श्री एच. के. बाथम द्वारा उपस्थित युवक युवतियों को आत्म निर्भर होने के लिए उनका मनोबल बढ़ाया, साथ ही अधिक मेहनत कर उच्च पद की ओर अग्रसर होने के लिए प्रोत्साहित किया, जिला रोजगार कार्यालय के श्री अनुप खटवानी द्वारा आभार व्यक्त किया गया । उक्त जानकारी संस्था प्राचार्य श्री यू.पी. अहिरवार द्वारा प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण
किसी भी समय,कहीं भी उतर सकता है मुख्यमंत्रीजी का हेलीकॉप्टर
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया का आने वाले दिनों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और किसानों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह भी देखेंगे कि निर्देशानुसार शासन-प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं किसानो को प्राप्त हो रही है या नहीं।
किसानों भाइयों के लिये उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाएँ
• उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं।
• किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
• किसानों को गेहूँ की तौल के लिये इंतजार नहीं करना पड़े इस हेतु उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है और अधिक तौल कांटे बढ़ाने की सुविधा अब जिलो को दी गई है ।
• गेहूँ के लिये एफएक्यू मापदंड में शिथिलता प्रदान की गई है। चमक विहीन गेहूँ की सीमा 50 प्रतिशत तक की गई है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है।
• किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
• उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल किया गया है , इसे जिले और अधिक बढ़ा कर प्रति केन्द्र 3000 क्विंटल कर सकते हैं।
• किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।
• किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा।
• किसानों के हित में सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी किसानों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किये गये पोस्टर एवं बैनर उपार्जन केन्द्रों में लगाये गये हैं।
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’मसाला फसलों के उत्पादन में हम अव्वल, उद्यानिकी फसलों के रकबे का करें विस्तार -मुख्यमंत्री डॉ. यादव’
’किसानों की आय वृद्धि का बड़ा जरिया हैं उद्यानिकी फसलें’ ’मध्यप्रदेश फूल-सब्जी की पैदावार में देश में तीसरे और फलोत्पादन में है चौथे स्थान पर’ ’फूलों की खेती के लिए उज्जैन में खुलेगा सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर’ ’मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं एवं फील्ड गतिविधियों की समीक्षा’
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्यानिकी फसलें छोटी जगह से बड़ी कमाई करने का प्रभावी माध्यम है। प्रदेश के अधिकाधिक किसानों को इससे जोड़ा जाये। किसानों को सीज़नल और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्राकृतिक खाद का उपयोग कर जैविक खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों की वास्तविक आय बढ़ाई जाए। किसानों की आय वृद्धि और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिये योजनाबद्ध तरीके से उद्यानिकी फसलों और इनके जोत रकबे का साल-दर-साल विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी उद्यानिकी एवं मसाला फसलों की अंतर्राष्ट्रीय मांग बढ़ रही है। इसकी पूर्ति के लिए बाजार तलाशें, उद्यानिकी उत्पादों की भरपूर ब्रांडिग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यहां औषधीय गुणों से भरपूर फसलों की खेती भी बहुतायत में की जाती है। इनकी बड़ी संभावनाएँ है। औषधि निर्माण के लिए जरूरी इन फसलों की इन्टरनेशनल मार्केट में मांग अनुसार आपूर्ति के लिए पूरी सप्लाई चेन तैयार की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर साल नये-नये आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल खोले जा रहे हैं। इनमें देशी/आयुर्वेदिक दवाईयों की आपूर्ति में प्रदेश की औषधीय फसलों एवं उप-उत्पादों का भरपूर उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि मसाला फसलों के उत्पादन में हम पूरे देश में पहले स्थान पर है। यह उपलब्धि हमें इस क्षेत्र में और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रालय में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय संचालित योजनाओं की प्रगति और हितग्राहियों को लाभ प्रदाय पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ – 2028 के मद्देनजर उज्जैन में फूलों की खेती को प्रोत्साहन एवं विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर की स्थापना की जा रही है। सेंटर स्थापना के लिए उज्जैन शहर के पास एक गांव में 19 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर समुचित समन्वय भी किया जा रहा है।
दुनिया में मिलेगी मप्र की उद्यानिकी फसलों को पहचान
बैठक में बताया गया गया कि वर्ष 2030 तक उद्यानिकी क्षेत्र का रकबा 30 लाख हेक्टेयर तक पहुंच जाएगा। बागवानी फसलों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिएप्रदेश में हॉर्टिकल्चर प्रमोशन एजेंसी की स्थापना करने की कार्रवाई जारी है।
मध्यप्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों को दुनिया में पहचाना जाएगा। इसके लिए जी आई टैग दिलवाने की प्रक्रिया जारी है। विशेष रूप से जबलपुरी मटर, गुना का कुंभराज धनिया, बुरहानपुर का केला, रतलाम का रियावन लहसुन, खरगोन की मिर्च, इंदौर का मालवी आलू, बरमन भटा, छतरपुर का पान जैसे उद्यानिकी उत्पादों को जल्दी ही विशिष्ट भौगोलिक पहचान मिल जाएगी।
मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन एवं देश में स्थान
मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मसाला फसलों के उत्पादन में देश का कुल उत्पादन 129.52 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें मध्यप्रदेश का योगदान 57.72 लाख मीट्रिक टन है और इस क्षेत्र में प्रदेश का देश में पहला स्थान है। पुष्प उत्पादन की बात करें तो देश में कुल उत्पादन 32.26 लाख मीट्रिक टन है, जबकि मध्यप्रदेश में 4.88 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है, जिससे प्रदेश का तीसरा स्थान है। सब्जी उत्पादन में देश का कुल उत्पादन 2177.96 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें मध्यप्रदेश का उत्पादन 259.52 लाख मीट्रिक टन है और इस क्षेत्र में भी प्रदेश तीसरे स्थान पर है। फल उत्पादन के मामले में देश का कुल उत्पादन 1176.48 लाख मीट्रिक टन है, जबकि मध्यप्रदेश में 102.44 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है, जिससे प्रदेश को देश में चौथा स्थान प्राप्त है।
मध्यप्रदेश में हो रही मखाना की खेती, इस साल और बढ़ाएंगे रकबा
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। मखाना क्षेत्र विस्तार योजना के तहत प्रदेश के 14 जिलों यथा नर्मदापुरम, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, रीवा, शहडोल, रायसेन, अनूपपुर, पन्ना एवं सतना में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मखाना उत्पादन का रकबा इस वर्ष बढ़ाकर 85.00 हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार द्वारा मखाना उत्पादन की कुल परियोजना लागत (एक इकाई) पर 40 प्रतिशत तक की अनुदान सहायता दी जाती है।
जून में भोपाल में होगा आम महोत्सव
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इसी वर्ष जून माह में भोपाल में आम महोत्सव, जुलाई में खरगौन में मिर्च महोत्सव, सितम्बर में बुरहानपुर में केला महोत्सव, अक्टूबर में इंदौर में सब्जी महोत्सव, नवम्बर में ग्वालियर में अमरूद महोत्सव मनाया जाएगा। साथ ही दिसंबर में ग्वालियर में मधुमक्खी पालन व्यवसाय के प्रोत्साहन एवं जागरूकता के लिए एक कार्यशाला/सेमिनार भी आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को संतरा महोत्सव भी आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव के दौरान प्रदेश के सभी 10 संभागों में आम के 10 बाग लगाने के प्रयास किए जाएं। केला महोत्सव में केले के तने से रेशे बनाने वाले उद्यमियों/उद्योगपतियों को जोड़ा जाये। सब्जी महोत्सव के दौरान नागरिकों को अपने घरों में किचन गार्डन लगाने के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाए।
40 नर्सरियां हो रहीं हाईटेक
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में प्रेसराईज इरीगेशन वाले जिलों में 15 हज़ार हैक्टेयर रकबे में सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र का विस्तार भी किया जा रहा है। दो स्मार्ट बीज फार्म का विकास, सागर में झिला फार्म एवं देवास में कन्नौद फार्म विकसित किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग के अधीन 40 नर्सरियों का उन्नयन कर इन्हें पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है। धार जिले के बदनावर के समीप रूपाखेड़ा गांव में युवाओं द्वारा फूलों की खेती की जा रही है। यह गांव मध्यप्रदेश में स्विट्जरलैंड के किसी गांव की तरह फूलों की खेती में विशेष पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां उद्यानिकी फसलों के लिए बेहद अनुकूल हैं, इसका पूरा लाभ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्रवार विशेष फसलों की पहचान कर किसानों को उनकी खेती के लिए प्रोत्साहित करें। उद्यानिकी फसलों के रकबे में तेजी से वृद्धि के लिए किसानों को जोड़कर एक व्यापक कार्य योजना तैयार की जाए। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं और बाजार उपलब्ध कराने के लिए कृषि एवं उद्यानिकी से सम्बद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उद्यानिकी क्षेत्र में ठोस और परिणामोन्मुखी कदम उठाए जाएं। पारम्परिक खेती के साथ-साथ किसानों को फल, फूल, सब्जी, मसाला, औषधीय एवं सुगंधित फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसी फसलों से जोड़ना जरूरी है, जो उन्हें त्वरित और अधिक नकद आय प्रदान कर सकें। खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए किसानों को जोड़कर सभी उपाय किये जायें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाकर इन्हें और प्रभावी बनायें। योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार की योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न होने पाए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यानिकी फसलों एवं इनके उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास से किसानों की आय भी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दिशा में छोटे-छोटे स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना ही हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। राज्य सरकार कृषि को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण से हम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की ओर बढ़ेंगे। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को विभागीय अनुदान योजनाओं की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती-बाड़ी के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
बैठक में सामाजिक न्याय, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक कुमार सिंह, संचालक उद्यानिकी तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
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सामाजिक सुरक्षा पेंशन इस विश्वास का अंतरण है कि सरकार हर घड़ी जरूरतमंदों के साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- जरूरतमंदों को सम्मान और पारदर्शिता के साथ सहायता देना ही हमारा संकल्प
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 33.45 लाख से अधिक हितग्राहियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक पेंशन राशि का अंतरण
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 29, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी निर्धन, निराश्रित, वृद्धजनों, कल्याणी, परित्यक्ता, अविवाहिता एवं दिव्यांगजनों के कल्याण एवं आर्थिक सहायता के लिए विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली यह सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, यह सरकार के उस विश्वास का अंतरण है, जो इस बात का प्रतीक है कि सरकार हर परिस्थिति में हर घड़ी जरूरतमंदों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रालय से समग्र पेंशन योजना के तहत प्रदेश के 33 लाख 45 हजार 231 हितग्राहियों के बैंक खातों में मार्च पेड अप्रैल की 200 करोड़ 71 लाख रुपये की पेंशन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। केन्द्र सरकार की ओर से सभी पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यह हमारे लिए एक सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत दी जा रही यह पेंशन राशि उनके जीवनयापन में सहारा बनने के साथ-साथ उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, आयुक्त नि:शक्तजन कल्याण सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के सभी कमिश्नर्स-कलेक्टर्स एवं पेंशन हितग्राहियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में सहभागिता की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का संकल्प है कि अंतिम पंक्ति में खड़े समाज के हर व्यक्ति तक सहायता समय पर, सम्मान के साथ और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, जिससे कोई भी नागरिक अपने आपको असहाय महसूस न करे। सरकार हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमंदों के हित में पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि समाज के कमजोर वर्गों को नियमित रूप से आर्थिक सहायता मिले और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इस सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 2 हजार 857 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा का आधार भी मिल रहा है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन की पेंशन योजनाओं में मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना में 62 हजार 594 हितग्राहियों को, मानसिक रूप से अविकसित/बहु दिव्यांग को आर्थिक सहायता योजना में 77 हजार 120 हितग्राहियों को और समग्र सामाजिक सुरक्षा (वृद्धजन, कल्याणी, परित्यक्ता, अविवाहिता एवं दिव्यांगजन) पेंशन योजना में 32 लाख 5 हजार 517 हितग्राहियों को, इस प्रकार कुल 33 लाख 45 हजार 231 हितग्राहियों को 600 रुपए प्रतिमाह की दर से आज कुल 200.71 करोड़ रूपए की पेंशन राशि से लाभांवित किया गया है।
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