पिपलिया मंडी: रेलवे अंडरपास (141) का कार्य शुरू, नगर के दो हिस्सों को मिलेगी नई ‘लाइफलाइन’

पिपलिया मंडी: रेलवे अंडरपास (141) का कार्य शुरू, नगर के दो हिस्सों को मिलेगी नई ‘लाइफलाइन’
पिपलिया मंडी नगर के बीचों-बीच से गुजरने वाली रेलवे लाइन के कारण शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ था। रेलवे अंडरपास क्रमांक 141 का निर्माण कार्य अब आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो चुका है, जिससे नगरवासियों में हर्ष की लहर है। निर्माण के पहले चरण में रेलवे ट्रैक के दोनों ओर साइडों की खुदाई का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
प्रमुख लाभ: क्यों जरूरी है यह अंडरपास?
यह अंडरपास केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि नगर की कनेक्टिविटी का मुख्य आधार बनेगा। इसके पूर्ण होने से निम्नलिखित क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आएगा
धार्मिक जुड़ाव: नगर की आस्था का केंद्र माँ पावागढ़ वाली का मंदिर रेलवे लाइन के दूसरी ओर स्थित है। अंडरपास बनने से अब महिलाओं और बुजुर्गों को दर्शन के लिए लंबी दूरी तय करने या खतरनाक तरीके से पटरी पार करने की जरूरत नहीं होगी।
शिक्षा की सुगमता: शहर का मुख्य कॉलेज भी इसी क्षेत्र में है। अब तक छात्रों को रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता था, जो उनकी पढ़ाई को प्रभावित करता था। अब वे बिना किसी बाधा के समय पर कॉलेज पहुँच सकेंगे।
अंतिम संस्कार में आसानी: नगर का मुक्तिधाम (श्मशान घाट) भी दूसरी ओर ही स्थित है।,
स्कूली बच्चों की सुरक्षा: छोटे बच्चों को स्कूल ले जाने वाली बसों और वैन के लिए यह अंडरपास एक सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा, जिससे अभिभावकों की चिंता कम होगी।
वर्तमान स्थिति और आगामी योजना
महत्वपूर्ण अपडेट: वर्तमान में मशीनों द्वारा रिटेनिंग वॉल और फाउंडेशन के लिए खुदाई की जा रही है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून के मुख्य सीजन से पहले बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया जाए ताकि आवागमन में बाधा न आए।
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