
भारत की पहली वंदे भारत ट्रेन का कोटा-शामगढ़ के बीच 115 कि स्पीड में ट्रायल
कोटा। कोटा रेल मंडल में भारत की पहली अल्सटॉम-प्रणोदन वंदे भारत चेयकार ट्रेन का ट्रायल शुरू किया गया है।ट्रायल के पहले दिन सोमवार को इस 16 डिब्बे के रेक को कोटा-शामगढ़ के बीच अधिकतम 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। यह ट्रायल अभी 20 दिन ओर चलेगा, जिसमें ट्रेन को 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर देखा जाएगा।
रेलवे अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन आरडीएसओ लखनऊ के निदेशक (परीक्षण) धीरेन्द्र कुलश्रेष्ठ और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता राघवेन्द्र सिंह की निगरानी में सोमवार को प्रथम परीक्षण में 60 से 115 किमी प्रति घंटे की गति तक ट्रॉयल किया गया। जिसमें ब्रेक कार्यक्षमता सत्यापन और प्रणाली एकीकरण परीक्षण सम्पन्न किए गए।
ट्रेन ने नागदा-कोटा खंड पर सभी स्थाई एवं अस्थाई गति प्रतिबंधों का पूर्णतः पालन करते हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ट्रायल पूरा किया। सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि ट्रायल रैक को अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर देखा जाएगा। यह परीक्षण कोटा मंडल के अनुभवी दल कर रहा है।
इसमें मुख्य लोको निरीक्षक वाई के शर्मा, लोको पायलट विपिन कुमार सिंह, सह-लोको पायलट घनश्याम जोशी, मुख्य यातायात निरीक्षक सुशील कुमार जेठवानी तथा ट्रेन प्रबंधक रवि अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके साथ अल्सटॉम और वाबटेक की विशेषज्ञ तकनीकी टीमें भी शामिल हैं।ट्
रॉयल से पहले सेक्शन को किया सूचित: वंदे भारत चेयरकार ट्रेन के ट्रॉयल से पहले कोटा से शामगढ़ के सेक्शन के स्टेशन मास्टर्स व अन्य तकनीकी स्टाफ को सूचित किया गया, ताकि स्पीड से ट्रॉयल होने पर किसी प्रकार का व्यवधान नहीं हो। कोटा रेल मंडल में वंदे भारत चेयरकार व स्लीपर कोच की ट्रेन का तीसरी बार ट्रॉयल हो रहा है। पूर्व में इंट्रीगल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ कोच ) चैन्नई की ओर से निर्मित कोचों की ट्रेन का ट्रॉयल हुआ था। अब रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का ट्रॉयल हो रहा है। एक बार वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का भी ट्रॉयल हो चुका है। चेयकार ट्रेन में फ्रांस की विश्वविख्यात अल्सटॉम कंपनी की भारतीय अनुषंगी इकाई अल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड की ओर से सप्लाई की गई अत्याधुनिक ट्रेन कंट्रोल एवं ट्रैक्शन सिस्टम प्रणाली लगी है।
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