टेट परीक्षा निरस्त न होने पर 5 जून से प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल, भोपाल में उमड़ा अध्यापक शिक्षकों का जनसैलाब

भोपाल/मंदसौर: मध्य प्रदेश के अध्यापक शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर शनिवार, 18 अप्रैल 2025 को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ का विशाल आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश भर के लाखों शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस महाआंदोलन में शिक्षकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने टेट (TET) परीक्षा निरस्त करने सहित उनकी अन्य प्रमुख मांगों को स्वीकार नहीं किया, तो आगामी 5 जून से पूरे प्रदेश में क्रमिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस विशाल प्रदर्शन में मंदसौर जिले का विशेष प्रभाव देखने को मिला, जहाँ से गरोठ, भानपुरा, शामगढ़, सुवासरा, सीतामऊ, नाहरगढ़, कयामपुर, दलोदा, मंदसौर और मल्हारगढ़ जैसे क्षेत्रों से लगभग 3000 से अधिक शिक्षक साथी भोपाल पहुँचे।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजकगण गजराज सिंह सिसोदिया, पी एल सूर्यवंशी, रोहित सिंह चौहान, सुरेश भेसावल, दुर्गेश शर्मा, दिलीप मेहता, रोशन नीलगर, चंद्र प्रकाश जैन, अनिल सांखला और गोविंदराम गहलोत के नेतृत्व में मंदसौर की टीम ने मजबूती से अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान ब्लॉक संयोजकों में दीनदयाल सिंह शक्तावत, हेमंत सुथार, प्रहलाद खटोड़, विनोद चौहान, प्रकाश चंद पहाड़िया, देवकिशन जाटव, प्रह्लाद व्यास, वीरेन्द्रसिंह शक्तावत, कैलाश चौहान, कुंदन साँखला, गोविंद माधव तिवारी, राजकुमार गुप्ता, गोपालसिंह अंजना, दीनदयाल बैरागी, मनोज बिलोनिया, मनोज जामलिया, मनोज देतरिया, दिनेश मालवीय, बलवन्तसिंह जगावत, रियाज मोहम्मद मंसूरी, कोमल राठौर, संगीता देतरिया, राजेस् पुरोहित, माया जेन, गोपाल सोनी, विक्रमसिंह देवड़ा, विमल भाचावत, सत्यनारायण सोनी, प्रह्लाद यादव, विपिन बर्डेजा, धनराज मेहता, संजय बंसल, नेपालसिंह तोमर, ऋतुराज श्रीवास्तव, भुवनिराम सिन्हा, मुकेश धाकड़, कृपालसिंह सिसोदिया, दशरथ सिंह परमार, गोविंद माली, राजाराम जोशी, भीमसेन वाधवा, मुकेश वशिष्ठ, वीरेंद्र लोहार, यशवंत चंदेल, कीर्तिपालसिंह सिसोदिया और करणसिंह दायमा सहित ममता नीमा, गिरधारीलाल राठौड़, हिदायत अफगानी, गेंदालाल शर्मा तथा महिला मोर्चा जिला संयोजक श्रीमती विमल वाणी दुबे, सदस्य मंजू तोमर और वंदना परमार सहित सैकड़ों महिला शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के प्रांताध्यक्षों ने माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे अध्यापकों की न्यायोचित मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें। शिक्षकों की मुख्य मांगों में टेट परीक्षा से पूर्ण मुक्ति, नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का निर्धारण, ग्रेच्युटी का लाभ और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली शामिल है। सभा में वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक अनिल सांखला ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यदि सरकार का रुख सकारात्मक नहीं रहा तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। भोपाल की सड़कों पर शिक्षकों के इस भारी हुजूम ने प्रशासन और सरकार को अपनी एकजुटता का परिचय दे दिया है।



