गरोठमंदसौर जिला

हजारों काव्यप्रेमियों की उपस्थिति में 34वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन संपन्न, वीर रस, हास्य और श्रृंगार की कविताओं ने बांधा समां

भारत वर्ष की बेटी हूँ, हरगिज डर नहीं सकती… कविता तिवारी की ओजस्वी हुंकार से गूंजा गरोठ

गरोठ (नि.प्र.)। नवरात्रि के पावन अवसर पर शनिवार, 24 अक्टूबर को शहीद चौक, पुराना बस स्टैंड, गरोठ में आयोजित 34वें अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देशभर से आए ख्यातनाम कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित काव्यप्रेमियों ने देर रात तक कविताओं, हास्य-व्यंग्य, वीर रस और श्रृंगार की रसधारा का आनंद लिया। देशभक्ति के ओजस्वी स्वरों से लेकर हास्य-व्यंग्य की फुहारों तक पूरा आयोजन तालियों और वाहवाही से गूंजता रहा।

 

कविता तिवारी की ओजस्वी हुंकार ने जगाया राष्ट्रप्रेम

 

लखनऊ, उत्तर प्रदेश से आईं सुप्रसिद्ध ओजस्वी कवयित्री कविता तिवारी ने अपनी बुलंद आवाज और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कविताओं से श्रोताओं में जोश भर दिया। उनकी पंक्तियां—

 

”भारत वर्ष की बेटी हूं, हरगिज डर नहीं सकती,

मुझे मालूम है, मरने से पहले मर नहीं सकती।”

 

ने श्रोताओं में अद्भुत उत्साह का संचार किया। उनकी वीर रस से ओतप्रोत प्रस्तुति पर पूरा पांडाल तालियों से गूंज उठा।

 

राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देते हुए उन्होंने सुनाया—

 

”ओ मंदिर और मस्जिद की दीवानगी वालों,

वतन से बढ़कर दुनिया में कोई मजहब नहीं होता।”

 

बेटियों के साहस, सामर्थ्य और बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए उनकी पंक्तियां—

 

”हर क्षेत्र में शक्ति आजमाने लगी बेटियां,

वीर की शहादत पे अर्थी को कंधा देकर,

अब श्मशान तक जाने लगी बेटियां।”

 

ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति में राष्ट्रप्रेम, नारी शक्ति और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला।

 

प्रताप फौजदार के राजनीतिक व्यंग्य पर गूंजे ठहाके

 

नई दिल्ली से आए लॉफ्टर विजेता एवं हास्य-व्यंग्य के लोकप्रिय कवि सरदार प्रताप फौजदार ने अपने चुटीले अंदाज में सामाजिक दिखावे और राजनीतिक पाखंड पर करारा व्यंग्य किया। उनकी पंक्तियां—

 

”आपके कपड़ों से दिखता है कि मयारी हैं आप,

है दिखावा ऊपरी, अंदर से बाजारी हैं आप।

आपका दावा है सच्ची देशभक्ति का मगर,

सच तो ये है, देशभक्ति के ही व्यापारी हैं आप।”

 

ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और सोचने पर मजबूर किया।

 

डॉ. भुवन मोहनी ने श्रृंगार रस से बांधा समां

 

इंदौर से आईं सुप्रसिद्ध श्रृंगार रस की कवयित्री डॉ. भुवन मोहनी ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं के हृदय को स्पर्श किया। उनकी पंक्तियां—

 

”इक अधूरी कहानी तो मुझमें भी है,

धड़के दिल तो जवानी मुझमें भी है।

तुम जो छू लो, शिवाला बनूं प्रेम का,

एक मीरा दीवानी तो मुझमें भी है।”

 

ने श्रोताओं को प्रेम, समर्पण और संवेदनाओं की खूबसूरत दुनिया से रूबरू कराया। उनकी प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों के साथ भरपूर सराहना की।

 

अखिलेश द्विवेदी के हास्य-व्यंग्य ने खूब गुदगुदाया

 

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश से आए देश के सुप्रसिद्ध हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने अपनी व्यंग्यात्मक शैली से समसामयिक राजनीति पर कटाक्ष किया। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं के बीच खूब ठहाके लगे और पूरा वातावरण हास्यरस से सराबोर हो गया।

 

मां की महिमा पर गोविन्द राठी की भावुक प्रस्तुति

 

देश के सफल मंच संचालक एवं हास्य कवि गोविन्द राठी ने मां के महत्व और जीवन में उसके स्थान को रेखांकित करते हुए भावपूर्ण कविता सुनाई—

 

”जमाने भर में उसकी कोई औकात नहीं होती है,

आदमी होकर उसकी आदमी जात नहीं होती है।

बड़ा बदनसीब है वो शख्स,

जिसकी मां जिंदा होकर भी साथ नहीं रहती है।”

 

मां के प्रति प्रेम और संवेदना से ओतप्रोत उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।

 

कवि सम्मेलन में रीवा, मध्य प्रदेश के हास्य कवि अमित शुक्ला तथा भोपाल से आए वीर रस के कवि रुद्र प्रताप सिंह सेंगर ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।

 

*दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कवि सम्मेलन का शुभारंभ*

 

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री सुधीर गुप्ता, गरोठ विधायक श्री चंदरसिंह सिसोदिया, इस्कॉन मंदिर भोपाल के संत श्रीपाद सेवाप्रिय हरिदास प्रभुजी, आयोजन संयोजक श्री जगदीश अग्रवाल, मंदसौर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती मनुप्रिया विनीत यादव, मध्य प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्री सोमिला नाहटा, मंदसौर के वरिष्ठ पत्रकार श्री नरेंद्र अग्रवाल, श्री ब्रजेश जोशी, आगर मालवा शिक्षा विभाग के सहायक संचालक श्री सौरभ जैन, गरोठ मंडल अध्यक्ष श्री गोकुलसिंह चौहान, मंदसौर एम.आर. एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्री दिनेश चंदवानी, श्री अजय मालवीय, श्री निमिष मालवीय, डॉ. संजय पंजाबी एवं श्री राजेन्द्र कुमार भलवारा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 

आयोजन संयोजक श्री जगदीश अग्रवाल ने अतिथियों एवं कवियों का सम्मान चिह्न भेंट कर स्वागत और सम्मान किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में मंच संचालक लक्ष्मीनारायण मांदलिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

इस अवसर पर श्री पंकज सेठिया, श्री संजय गुप्ता, नाना कंठी, श्री अनिल चौधरी, श्री राजेश काला, श्री रविन्द्र पाटीदार, श्री अनुराग मांदलिया, श्री शुभम गुर्जर, श्री प्रफुल्ल चौधरी, श्री बालुसिंह चौहान, सरपंच श्री प्रहलाद मीणा, श्री दिनेश धनोतिया, श्री सचिन धनोतिया एवं श्री सुरेश पालीवाल सहित अनेक गणमान्यजन ने अतिथियों का स्वागत किया।

देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और साहित्यिक संवेदनाओं से सजे इस भव्य आयोजन ने गरोठ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की। देर रात तक काव्यप्रेमियों की उपस्थिति और कवियों की शानदार प्रस्तुतियों ने 34वें अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को यादगार बना दिया।

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