गरोठमंदसौर जिला

मां दुधाखेड़ी माताजी बरखेड़ा गंगासा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, 30वें विशाल भंडारे में उमड़े हजारों श्रद्धालु

 शरद पूर्णिमा पर भव्य आयोजन, कन्या पूजन व आरती के साथ हुआ शुभारंभ; 12 भट्टियों पर 72 रसोइयों ने तैयार की भोजन प्रसादी

खड़ावदा। तहसील गरोठ के ग्राम बरखेड़ा गंगासा स्थित प्रसिद्ध मां दुधाखेड़ी माताजी मंदिर परिसर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 30वें विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। माता रानी के जयकारों, श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माताजी के दर्शन किए तथा भोजन प्रसादी ग्रहण की। सुबह से लेकर शाम तक मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही और पूरा क्षेत्र माता रानी की भक्ति में सराबोर नजर आया।

आयोजन के दौरान ग्रामीणों, कार्यकर्ताओं और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता की भावना के साथ संपन्न हुए इस आयोजन ने ग्राम बरखेड़ा गंगासा की धार्मिक परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

कन्या पूजन और आरती के साथ हुआ शुभारंभ—

विशाल भंडारे का शुभारंभ सुबह 8 बजे कन्या पूजन एवं मां दुधाखेड़ी माताजी की आरती के साथ किया गया। ग्रामवासियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी वितरण प्रारंभ किया गया, जो शाम तक निरंतर चलता रहा।

ग्रामवासियों एवं आसपास के धर्मप्रेमी बंधुओं के सहयोग से आयोजित इस भंडारे में हर वर्ग के लोगों ने सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारी निभाई। कोई भोजन तैयार करने में जुटा रहा, तो कोई प्रसादी वितरण और श्रद्धालुओं की सहायता में लगा रहा।

30 वर्षों से चली आ रही भंडारे की परंपरा—

ग्राम बरखेड़ा गंगासा में अश्विन नवरात्रि के पश्चात शरद पूर्णिमा पर मां दुधाखेड़ी माताजी के दरबार में विशाल भंडारे के आयोजन की परंपरा पिछले 30 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। इस वर्ष 30वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसे लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली।

ग्रामवासियों के लिए यह आयोजन किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है। इस अवसर पर अनेक ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों को विराम देकर सेवा और भक्ति में योगदान देते हैं। परंपरा के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग घरों में भोजन बनाने के बजाय माता रानी के दरबार में पहुंचकर भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं।

सुबह 5 बजे से शुरू हुई तैयारियां, 12 भट्टियों पर 72 रसोइयों ने संभाला मोर्चा—

विशाल भंडारे की व्यवस्थाओं के लिए कार्यकर्ताओं ने विशेष तैयारियां कीं। मंदिर परिसर में सुबह 5 बजे से ही भोजन प्रसादी बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार, 12 भट्टियों पर 72 रसोइयों ने मिलकर श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया।

सुबह से शाम तक भोजन बनाने और प्रसादी वितरण का कार्य लगातार चलता रहा। भंडारा समिति एवं ग्रामवासियों ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। सामूहिक सहयोग और सेवा भावना के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी ग्रहण कराई गई।

लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, ग्रहण की भोजन प्रसादी

आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, मां दुधाखेड़ी माताजी के दरबार में सुबह से शाम तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे। गरोठ तहसील सहित आसपास के गांवों और मंदसौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भक्तों ने पहुंचकर माताजी के दर्शन किए तथा भोजन प्रसादी ग्रहण की।

गरोठ से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बरखेड़ा गंगासा का यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। अनेक श्रद्धालु अपनी व्यक्तिगत मान्यताओं और मनोकामनाओं के साथ भी माता के दरबार में पहुंचते हैं।

यात्रियों को आमंत्रित कर कराया भोजन, सेवा भाव ने जीता दिल—

भंडारे के दौरान सेवा की एक विशेष मिसाल भी देखने को मिली। समिति के कुछ सदस्य गरोठ, साठखेड़ा और खड़ावदा की ओर जाने वाली बसों के यात्रियों से आग्रह कर उन्हें भोजन प्रसादी ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करते रहे। यात्रियों ने भी माता रानी के दरबार में पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की और फिर अपनी आगे की यात्रा के लिए रवाना हुए।

इस पहल ने आयोजन की सेवा भावना को और मजबूत किया। श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार में जाति, वर्ग और क्षेत्र से ऊपर उठकर सभी के प्रति समान भाव से सेवा करने की परंपरा दिखाई दी।

भंडारे के साथ सजा मिनी मेला, बच्चों में दिखा उत्साह—-

धार्मिक आयोजन के साथ मंदिर परिसर में मिनी मेले का भी आयोजन किया गया। मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न साधन लगाए गए, वहीं घरेलू उपयोग की छोटी-मोटी वस्तुओं की दुकानें भी सजाई गईं। इससे बच्चों और परिवारों में खासा उत्साह देखने को मिला।

भंडारे के साथ मिनी मेले ने आयोजन को धार्मिक उत्सव के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक मिलन का स्वरूप भी प्रदान किया।

सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा पुलिस प्रशासन—

विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए गरोठ टिआई बलवीर सिंह यादव के नेतृत्व में पुलिस टिम भी मौजूद रही। पुलिस प्रशासन की उपस्थिति से आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिला और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू रखने के प्रयास किए गए।

ग्रामवासियों की एकजुटता और सेवा भावना बनी आयोजन की पहचान—-

मां दुधाखेड़ी माताजी के दरबार में आयोजित 30वां विशाल भंडारा केवल भोजन प्रसादी वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामवासियों की एकता, सहयोग, सेवा और धार्मिक आस्था का प्रतीक बनकर सामने आया। सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओं ने निस्वार्थ भाव से सेवाएं देकर श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी ग्रहण कराई।

माता रानी के जयकारों और श्रद्धालुओं की अपार आस्था के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन ग्राम बरखेड़ा गंगासा की धार्मिक परंपरा और सामूहिक एकजुटता की यादगार मिसाल बना। पत्रकार विनोद धाकड़, पत्रकार, बरखेड़ा गंगासा

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