समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 13 सितंबर 2026 रविवार

पोलीटेक्निक महाविद्यालय में प्रवेश के लिए 14 सितम्बर तक आवेदन करें
मंदसौर 12 सितम्बर 2026 / कार्यालय अध्यक्ष काउंसलिंग समिति, आयुक्त, तकनीकी शिक्षा संचालनालय भोपाल व्दारा शासकीय पोलीटेक्निक महाविद्यालय मंदसौर में त्रिवर्षीय डिप्लोमा इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष एवं लेटरल एंट्री- डिप्लोमा (आईटीआई / 12वीं पास) में प्रवेश हेतु की अंतिम तिथि में वृद्धि कर ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन की तिथि 14 सितम्बर 2026 दोपहर 12:30 बजे तक निश्चित की गई है।
रजिस्ट्रेशन उपरांत 27,29,31 अगस्त 2026 एवं 02,05,08,10,12 व 14 सितम्बर, 2026 को उपस्थित होकर प्रवेश करवा सकते है। महाविद्यालय में संचालित ब्राचों में रिक्तियाँ निम्ननुसार है:- कम्प्युटर साईंस एंड इंजीनियरिंग-21, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग-35, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग-00 एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग-04। विद्यार्थी मनचाही ब्रांच में पंजीयन के लिए 10वींए 12वीं अथवा आईटीआई उत्तीर्ण की अंकसूची, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की फोटो कॉपी तथा अपना पासपोर्ट साईज का फोटो एवं निर्धारित फीस साथ लेकर आए।
संस्था में प्रवेश संबंधित जानकारी के लिए प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार शर्मा मो.नं. 9826747125 या प्रवेश शाखा प्रभारी श्री आकाश तिवारी मो.नं. 7987519842 और श्री पुलकित जोशी मो.नं. 9424033264 से संपर्क किया जा सकता है। संस्था में प्रवेशित पात्र विद्यार्थियों को शासन के नियमानुसार फीस में छुट और छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाता है।
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पत्नी-पति की बस दुर्घटना में मौत पर 55.03 लाख रुपये का अवॉर्ड
पेंशनधारी की आय को माना नियमित एवं पक्का स्रोत, गृहिणी के घरेलू कार्य को भी दी मान्यता
मंदसौर। न्यायालय पंचम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, मंदसौर की विद्वान न्यायाधीश श्रीमती मंजू सिंह मैडम ने बस दुर्घटना में पति-पत्नी की मृत्यु से जुड़े दो प्रकरणों में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कुल 55 लाख 3 हजार 856 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का अवॉर्ड पारित किया है। न्यायालय ने पेंशन को परिवार की नियमित एवं पक्की आय का स्रोत माना, वहीं गृहिणी के घरेलू कार्य को भी आर्थिक मूल्य प्रदान करते हुए उसकी भूमिका को मान्यता दी।
प्रकरण के अनुसार प्रयागराज कुंभ से दर्शन कर बस से लौट रहे यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में मंदसौर निवासी 64 वर्षीय किशोरीलाल राठौर तथा उनकी पत्नी कैलाशीबाई की मृत्यु हो गई थी। मृतक के दो पुत्र एवं पुत्री की ओर से अधिवक्ता संजय राठौर द्वारा मंदसौर न्यायालय में क्लेम आवेदन प्रस्तुत किए गए थे।
पेंशन को माना नियमित आय का स्रोत
मामले में महत्वपूर्ण तथ्य यह था कि मृतक किशोरीलाल सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और उन्हें पेंशन प्राप्त होती थी। उनकी मृत्यु के बाद पेंशन पात्रता भी समाप्त हो चुकी थी। अधिवक्ता संजय राठौर की ओर से तर्क दिया गया कि पेंशन पिछली सर्विस से मिलने वाली नियमित एवं पक्की आय है, जो मृत व्यक्ति से जुड़े आर्थिक लाभ का जरूरी हिस्सा है और इसका लाभ केवल पत्नी तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति से भी जुड़ा होता है।
न्यायालय ने इन तर्कों से सहमत होते हुए 64 वर्षीय किशोरीलाल जी की मृत्यु पर 29,47,856 रुपये का अवॉर्ड पारित किया।
गृहिणी के घरेलू कार्य को भी माना आर्थिक योगदान
इसी दुर्घटना में मृतक की पत्नी 60 वर्षीय कैलाशीबाई, जो गृहिणी थीं, के संबंध में भी न्यायालय ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। न्यायालय ने माना कि परिवार के प्रति गृहिणी द्वारा किए जाने वाले घरेलू कार्य की भूमिका अदृश्य होने के बावजूद अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। न्यायालय ने कहा कि अब समय आ गया है कि गृहिणी के घरेलू कार्य को वास्तविक रूप में मान्यता दी जाए।
कैलाशीबाई की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानते हुए न्यायालय ने उनके निधन पर 25,56,000 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का अवॉर्ड पारित किया। साथ ही अवॉर्ड राशि पर दावा आवेदन की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तथा निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर 9 प्रतिशत की दर से ब्याज दिए जाने का आदेश भी पारित किया गया।
दोनों प्रकरणों में न्यायालय द्वारा पारित कुल अवॉर्ड राशि 55,03,856 रुपये है। प्रकरण में सफल पैरवी अधिवक्ता नंदलाल राठौर, संजय राठौर एवं गोवर्धनलाल राठौर, एडवोकेट मंदसौर द्वारा की गई।


