अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: 2 करोड़ की 120 भैंसें चुराने वाला ‘कालिया’ गैंग चढ़ा निकुम्भ पुलिस के हत्थे
मंदसौर जिले की कालिया गैंग’ धरा: 3 राज्यों में फैला था नेटवर्क, 40 वारदातों का पर्दाफाश
चित्तौड़गढ़।राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में आतंक का पर्याय बन चुके अंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह का निकुम्भ पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना आरिफ कालिया सहित चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से तीन राज्यों में हुई लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 120 भैंसों की चोरी की 40 वारदातों का खुलासा हुआ है।*
शातिराना अंदाज: रेकी के बाद आधी रात को वारदात
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य दोपहिया वाहन से मुल्तानपुरा (एमपी) से निकलते थे और पहले से तय रास्तों की रेकी करते थे। रात 9 से 10 बजे के बीच सुनसान बाड़ों को निशाना बनाकर पिकअप वाहन को गड्ढे में सेट कर भैंसों को लाद लेते थे। चोरी के बाद वाहन में केवल चालक रहता था जो पहचान छिपाने के लिए मुंह ढंककर बिना नंबरी पिकअप से निकलता था, जबकि बाकी सदस्य मोटरसाइकिल से चलते थे। चुराई गई भैंसों को मंदसौर के घूंदड़का पशु मेले में बेचकर रकम आपस में बांट ली जाती थी।*
हादसे के बाद भी पुलिस ने नहीं मानी हार
28 जुलाई को गरदाना गांव से हुई चोरी के बाद एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देश पर थानाधिकारी प्रभुसिंह चूण्डावत की टीम ने जांच शुरू की। 31 जुलाई की रात एमपी से लौटते समय पुलिस टीम का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद पुलिस का मनोबल कम नहीं हुआ। टीम ने मुखबिर और तकनीकी मदद से मालनखेड़ी के पास जाल बिछाकर गिरोह को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी:आरिफ कालिया (25) – गिरोह सरगना (मुल्तानपुरा, मंदसौर) सरफराज (25) – निवासी मुल्तानपुरा, मंदसौर शहजाद (33) – निवासी मुल्तानपुरा, मंदसौर आसिफ (25) – निवासी मुल्तानपुरा, मंदसौर
कार्रवाई जारी पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त पिकअप और मोटरसाइकिलें जब्त कर ली हैं। आरोपियों ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़; गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर तथा एमपी के उज्जैन, रतलाम, मंदसौर सहित कई जिलों में चोरी की बात कबूल की है। फिलहाल पुलिस अन्य साथियों की तलाश और बरामदगी में जुटी है।



