
सेवानिवृत्ति पर उमड़ा स्नेह—नगर में जगह-जगह हुआ आत्मीय स्वागत, स्नेह मिलन समारोह में जुटे बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
ताल। शिक्षा के क्षेत्र में 42 वर्ष 7 माह तक अपनी सेवाएं देकर विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय खारवाखुर्द के शिक्षक बृजेन्द्र सिंह सिसोदिया सोमवार को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति का अवसर केवल विदाई का नहीं, बल्कि उनके लंबे सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा और आत्मीय व्यवहार के सम्मान का अवसर बन गया। विद्यालय परिवार एवं शिक्षक साथियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।
सर्व शिक्षक संघ के तत्वावधान में जन शिक्षा केंद्र कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने श्री सिसोदिया के 42 वर्ष 7 माह के सेवाकाल को याद करते हुए उनके कार्य, व्यवहार, कर्तव्यनिष्ठा एवं शिक्षा के प्रति समर्पण की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक सेवानिवृत्त होता है, लेकिन उसके द्वारा विद्यार्थियों एवं समाज के निर्माण में दिया गया योगदान कभी सेवानिवृत्त नहीं होता।
चल समारोह में दिखा अपार स्नेह
विदाई समारोह के पश्चात श्री सिसोदिया को जन शिक्षा केंद्र से उनके निवास सिसोदिया पूरा तक समारोहपूर्वक चल समारोह के रूप में ले जाया गया। इस दौरान नगर में जगह-जगह नागरिकों, शिक्षकों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने पुष्पमालाओं से उनका स्वागत एवं सम्मान किया। सेवानिवृत्त शिक्षक के प्रति उमड़ा आत्मीय स्नेह पूरे समारोह को यादगार बना गया।
स्नेह मिलन समारोह में जुटे गणमान्य नागरिक
मंगलवार को आयोजित सेवानिवृत्ति सम्मान एवं स्नेह मिलन समारोह में विधायक प्रो. डॉ. चिंतामणि मालवीय, जनपद पंचायत अध्यक्ष कालूसिंह परिहार, मंडल अध्यक्ष शुभम राठौड़, गोपाल डांगी, लालसिंह डोडिया, महेंद्रसिंह सोलंकी विक्रमगढ़, आलोट मंडल अध्यक्ष दिलीपसिंह डोडिया, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रमेश पाठक, वरिष्ठ शिक्षाविद एवं वरिष्ठ पत्रकार तथा पूर्व प्रधानाध्यापक शिवशक्ति शर्मा, सरोज शर्मा, पेंशनर्स संगठन के जिला अध्यक्ष रामेश्वर पाटीदार, रामप्रसाद धाकड़, संकुल प्राचार्य प्रमोद भट्ट, विनोद कुमार शर्मा, सेवानिवृत्त शिक्षक राम शर्मा, कृष्णसिंह सिसोदिया, ललित दुबे, अरुण दुबे, राजू माहेश्वरी, श्याम माहेश्वरी, जितेंद्रसिंह मंडावल, बापूसिंह टुंगनी, दरबारसिंह डोडिया आक्याकला, अमित काला, विशाल काला, प्रतापनारायण दीक्षित, शुजाअत मोहम्मद खान, देवेंद्रनारायण दीक्षित, राजेश सेठिया, जगदीश राठौड़, सुरेशचंद्र सिसोदिया, कांतिलाल सिसोदिया, सत्यनारायण चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उपस्थित अतिथियों एवं शुभचिंतकों ने श्री सिसोदिया का पुष्पमालाओं से स्वागत कर सम्मान किया तथा उनके सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं। इसके पश्चात सभी ने सामूहिक स्नेहभोज का आनंद लिया।
समारोह का संचालन वीरेंद्र सिंह सिसोदिया ने किया तथा आभार एल्डरमैन नरेंद्र सिंह राठौड़ ने व्यक्त किया।
सेवा का अंत नहीं, नई पारी की शुरुआत
श्री सिसोदिया की सेवानिवृत्ति पर आयोजित समारोह ने यह संदेश दिया कि शासकीय सेवा की अवधि भले ही समाप्त हो जाए, लेकिन शिक्षक द्वारा समाज और विद्यार्थियों के जीवन में बोए गए संस्कार एवं ज्ञान के बीज सदैव जीवित रहते हैं। यही कारण रहा कि उनकी विदाई में औपचारिकता से अधिक आत्मीयता और सम्मान दिखाई दिया।



