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समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 30 अगस्त 2826 रविवार

विकास की नई रोशनी की ओर बढ़ रहा है बालाघाट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा 225 करोड़ से एक साथ बदलेंगी 100 गांवों की तस्वीर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे बालाघाट जिले के दूरस्थ गांव बोंदारी
मुख्यमंत्री बैठे अपनों के बीच, लिया क्षेत्र के कल्याण का संकल्प
जनजातीय समाज के साथ किया आत्मीय संवाद, समस्याओं का किया निवारण
जिले के विकास के लिए जताई प्रतिबद्धता
बैगा समाज के कल्याण का लिया संकल्प
लाड़ली बहनों ने अपने भैया मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बांधी राखी, खिलाई मिठाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को बालाघाट जिले के दूरस्थ गांव बोंदारी पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इस बोंदारी गांव में ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ग्रामीणों के बीच ज़मीन पर बैठे, जनजातीय समाज की समस्याएं सुनीं और उन्हें मौके पर ही हल किया। उन्होंने पशुपालन में बढ़ावा, आवास सुविधा, पोषण आहार के उपयोग की आदत विकसित करने के लिए जन जागृति अभियान, वन विभाग के सहयोग, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ये सभी सुविधाएं ग्रामीणों को मुहैया कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित रहे बोंदारी और कोरका गांवों में ग्रामवासियों से मिलने पहुंचे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और यहां के बैगा समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बालाघाट जिले के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इससे विकास कार्यों के साथ रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका सृजन के विभिन्न कार्य किया जा सकेंगे। इससे नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। कार्यक्रम से पहले बालाघाट जिले की लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भी बांधी और मिठाई खिलाई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प ‘सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार’ का है। नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हुए क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 225 करोड़ रुपये की विकास पहल के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, आयुष, खाद्य, मत्स्य, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, जनजातीय कार्य एवं पर्यटन सहित विभिन्न विभागों के माध्यम से अधोसंरचना विस्तार सहित सामाजिक एवं आर्थिक विकास के सभी कार्य किए जाएंगे।

युवाओं को जोड़ना है अवसरों से

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अब केवल सड़क बनाने का ही नहीं, बल्कि सड़कों को बाजार से, गांव को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ने का है। बालाघाट जिले में एमएसएमई, ग्रामोद्योग तथा स्थानीय रोजगारपरक उद्योगों को और भी बढ़ावा देकर युवाओं के लिए अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे। कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास रहेगा कि गांव में तैयार होने वाले उत्पादों का स्थानीय स्तर पर ही मूल्य संवर्धन हो और उन्हें देश के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जोड़कर परिवारों की आय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। यहां के युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला स्व-उद्यमी और उद्योगपति बनाने के लिए कौशल, प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिले की प्राकृतिक सम्पदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए यहां पर्यटन, ईको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को भी नई ऊंचाई देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

नक्सल से विकास की ओर – सुरक्षित बालाघाट, समृद्ध बालाघाट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिला अब एक नई उम्मीद, नए संकल्प के साथ विकास की नई रोशनी की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ऐसा बालाघाट, जो नक्सलमुक्त भी हो और विकास एवं रोजगार के नए अवसरों से परिपूर्ण भी हो। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त बालाघाट यक़ीनन हमारी उपलब्धि है, लेकिन हमारा अगला लक्ष्य बालाघाट को समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल ज़िला बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि यहां के हर गांव में विकास, हर युवा को अवसर, हर परिवार की आय में वृद्धि और हर समाज को मान-सम्मान मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षित बालाघाट को समृद्ध बालाघाट में बदलने के लिए सामाजिक अधोसंरचना और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में विकास की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक ले जाना सरकार की प्राथमिकता है। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाएंगे।

बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम बोंदारी में बैगा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बैगा समाज मध्यप्रदेश की गौरवशाली जनजातीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। बैगा परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैगा समाज की पारम्परिक कला, संस्कृति, ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को आजीविका तथा बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। हमारी सरकार का उद्देश्य बैगा “समुदाय को आदर, सम्मान, अधिकार और अवसर के साथ विकास की मुख्यधारा में लाना है। उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय के बच्चों का भविष्य बेहतर हो, युवाओं को रोजगार मिले, महिलाओं की आय बढ़े और प्रत्येक बैगा परिवार के जीवन में खुशहाली आए, इसके लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री तथा बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके, बालाघाट की सांसद श्रीमती भारती पारधी, स्थानीय विधायक श्री संजय उईके, विधायक श्री मधु भगत, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, जनप्रतिनिधि, सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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अल्कापुरी में आयोजित जन विश्वास शिविर में जनसंवाद के साथ हुआ समस्याओं का निराकरण

हितग्राहीमूलक योजनाओं का मंच से सीधे हितलाभ प्रदान, युवा उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शनिवार को अलकापुरी स्थित कम्युनिटी हॉल (अटल सभागृह) में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जनसंवाद के माध्यम से नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर ही समस्याओं के निराकरण की कार्रवाई की गई। शिविर का उद्देश्य आमजन को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ सहज एवं सरल रूप से उपलब्ध कराना रहा। शिविर में नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री मनोहर पोरवाल, एल्डरमैन श्री प्रभु नेका, डीआईजी श्री निमिष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, रतलाम शहर आयुक्त श्री अनिल भाना, रतलाम शहर एसडीएम श्री तरुण जैन सहित जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी, आम नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि अंतिम व्यक्ति एवं पात्र हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। शिविर के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और उनका निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है।

विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री मनोहर पोरवाल ने कहा कि जनता के प्रति विश्वास रखने वाली सरकार जनता के बीच पहुंचकर जनता के लिए कार्य कर रही है। आम नागरिकों के कार्य आसानी से और समय पर हो सकें, इसके लिए इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन जनता के प्रति सजग होने के साथ-साथ संवेदनशील और सरल भी है।

युवा उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

शिविर में युवा उद्यमी संवाद का आयोजन भी किया गया। इसमें युवा उद्यमी यशराज राठौर, रोहित मालपानी, अर्चित पोरवाल, शैलेंद्र टंडन, कुलदीप भाटी एवं शांतिलाल ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। युवा उद्यमियों ने कहा कि उद्योग विभाग के माध्यम से उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध ऋण एवं अन्य योजनाएं युवाओं के लिए काफी उपयोगी हैं। योजनाओं के माध्यम से युवाओं को अपना व्यवसाय एवं उद्योग स्थापित करने में सहायता मिल रही है।

युवा उद्यमियों ने कहा कि उद्योग विभाग के माध्यम से विभिन्न कार्यों में सहयोग मिलने से उद्योगों का संचालन सुगम हो रहा है। उन्होंने युवाओं से उद्योग एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर युवा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

मंच से सीधे हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा मंच से ही विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के हितग्राहियों को सीधे लाभ प्रदान किया गया। पीएम स्वनिधि योजना, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को चेक एवं स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।

शिविर के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई भी की गई। जनसंवाद के दौरान नागरिकों द्वारा रखी गई समस्याओं को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।

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ट्राईसिकल मिली तो दिव्यांग रोहित के चेहरे पर आई मुस्कान, अब आसान होगी रोजमर्रा की राह


मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर बना रोहित के लिए उम्मीद और सहारे का माध्यम

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत अलकापुरी स्थित कम्युनिटी हॉल (अटल सभागृह) में आयोजित शिविर दिव्यांग रोहित कछावा, निवासी टैगोर कॉलोनी, अलकापुरी रतलाम के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। चलने-फिरने में असमर्थ रोहित को शिविर में ट्राईसिकल प्रदान की गई। ट्राईसिकल मिलते ही उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले रोहित के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। चलने में असमर्थता के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी दूसरों की सहायता पर निर्भर रहना पड़ता था। मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में उनकी जरूरत को समझते हुए उन्हें ट्राईसिकल उपलब्ध कराई गई।

ट्राईसिकल मिलने के बाद रोहित ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनके लिए घर से बाहर आना-जाना काफी आसान हो जाएगा। पहले कहीं आने-जाने में काफी परेशानी होती थी और दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी, लेकिन अब वे अधिक आसानी से आवागमन कर सकेंगे।

रोहित के चेहरे पर दिखाई दे रही खुशी इस बात की गवाही दे रही थी कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं और जनविश्वास जैसे शिविर जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहे हैं। उनके लिए यह ट्राईसिकल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई राह है।

मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के माध्यम से शासन-प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। रोहित कछावा की कहानी इसी जनकल्याणकारी पहल की एक प्रेरक मिसाल है, जहां एक छोटी-सी सहायता ने उनके जीवन में बड़ी सुविधा और चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला दी।

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