नीमचमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश नीमच 30 अगस्त 2826 रविवार

13 रुद्राक्षों पर उकेरे 12 ज्योतिर्लिंग, बीच में पशुपतिनाथ महादेव

एक-दो बाल वाले ब्रश से की सूक्ष्म चित्रकारी, बिना लेंस के नग्न आंखों से तैयार की अनोखी शिव-राखी

नीमच। रक्षाबंधन के अवसर पर नीमच जिले के ग्राम कुंचड़ोद निवासी चित्रकार राहुल कुमार लोहार ने कला, आस्था और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हुए ‘रुद्राक्ष शिव-राखी’ तैयार की है। इस विशेष राखी में 13 रुद्राक्षों का उपयोग किया गया है। इनमें 12 रुद्राक्षों पर भारत के द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अति सूक्ष्म चित्र उकेरे गए हैं, जबकि बीच में रखे 13वें रुद्राक्ष पर मंदसौर के प्रसिद्ध अष्टमुखी पशुपतिनाथ महादेव का चित्र बनाया गया है।

राहुल ने रुद्राक्ष की छोटी और प्राकृतिक सतह को ही अपना कैनवास बनाया। उन्होंने प्रत्येक रुद्राक्ष पर एक-एक ज्योतिर्लिंग का स्वरूप उकेरने के लिए एक या दो बाल वाले बारीक ब्रश का इस्तेमाल किया। कलाकार के अनुसार इस सूक्ष्म चित्रकारी के दौरान उन्होंने किसी मैग्नीफाइंग ग्लास या लेंस की सहायता नहीं ली, बल्कि नग्न आंखों से ही चित्र तैयार किए।

12 ज्योतिर्लिंगों को एक सूत्र में जोड़ा

राखी में सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंगों को स्थान दिया गया है। इन 12 रुद्राक्षों को गोलाकार रूप में एक-दूसरे से जोड़कर राखी का स्वरूप दिया गया है। इनके ठीक मध्य में 13वें रुद्राक्ष पर मंदसौर के अष्टमुखी पशुपतिनाथ महादेव को स्थान दिया गया है।

कलाकार का कहना है कि इस कलाकृति के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंगों को एक ही सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया गया है। साथ ही मध्य में पशुपतिनाथ महादेव को स्थान देकर भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश देने की कोशिश की गई है।

राहुल लोहार के अनुसार इस कलाकृति की सबसे बड़ी विशेषता 13 रुद्राक्षों की संरचना, अत्यंत सूक्ष्म मिनिएचर चित्रकारी और बिना किसी लेंस के नग्न आंखों से किया गया चित्रांकन है। रक्षाबंधन पर तैयार यह अनोखी शिव-राखी कला और आस्था के अनूठे मेल के रूप में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

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सिंगोली में तिलस्वां महादेव घाट के पास सड़क हादसे में जैन समाज के मां-बेटे की दर्दनाक मौत

सिंगोली -रक्षाबंधन का पावन पर्व सिंगोली नगर और जैन समाज के लिए एक गहरी त्रासदी लेकर आया। बिजोलिया से राखी बंधवाकर लौट रहे मां-बेटे की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक हादसा कल शाम 6 से 7 बजे के बीच तिलस्वा घाट से कास्या के बीच तिलस्वा रोड पर बने पुल के पास हुआ।

मृतक मनीष मोहिवाल (44 वर्ष) और उनकी माता लाड़ बाई (65 वर्ष) मोटरसाइकिल पर सवार होकर सिंगोली लौट रहे थे। इसी दौरान तिलस्वा रोड स्थित पुल के पास यह दुर्घटना हो गई, जिससे दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना कैसे हुई (वे खुद बाइक से गिरे या किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आए) इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

मानवता की मिसाल और चिकित्सा प्रयास

दुर्घटना के समय बूंदी से रक्षाबंधन मनाकर लौट रहे सिंगोली के समाजसेवी शुभम चतुर्वेदी और निक्कू बरदास वहां से गुजर रहे थे। भीड़ देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी और मानवता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को तुरंत अपनी गाड़ी में बैठाया। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिंगोली को सूचना देकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर हितेश व्यास अपना रक्षाबंधन पर्व बीच में ही छोड़कर अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने घायलों का तुरंत प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर में गंभीर चोटें होने के कारण दोनों को तुरंत कोटा रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें निजी साधन से कोटा लेकर गए, जहां देर रात्रि चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में समाजसेवी और स्थानीय लोग एकत्र हो गए।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़- मृतक मनीष मोहिवाल, प्रतिष्ठित समाजसेवी हरकचंद जैन मोहिवाल (बर्तन भंडार) के सुपुत्र थे। इस हादसे में मनीष मोहिवाल के दो मासूम बच्चों—13 वर्ष की बड़ी पुत्री और 8 वर्ष की छोटी पुत्री—के सिर से पिता का साया उठ गया है। एक ही परिवार में मां और बेटे की एक साथ हुई मौत से पूरे सिंगोली नगर और संपूर्ण जैन समाज में शोक की लहर व्याप्त है।

अंतिम यात्रा- दोनों की अंतिम यात्रा आज 29 अगस्त को उनके निज निवास वार्ड नंबर 13 से निकाली जाएगी, जिसके पश्चात सिंगोली मोक्षधाम पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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भांजे को बचाने आए मामा की गर्दन पर लगी तलवार घायल उदयपुर रेफर, आरोपी फरार

जिले के जीरन थाना क्षेत्र के ग्राम दलपतपुरा में शुक्रवार रात आपसी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया। आरोपी ने भांजे पर तलवार से वार किया, लेकिन बीच-बचाव करने आए मामा की गर्दन पर तलवार लग गई। गंभीर रूप से घायल मामा को प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया है। आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गया।जानकारी के अनुसार, दलपतपुरा निवासी रमेश पिता प्रभुलाल भील (35) हथियार लेकर गणेश पिता जगदीश भील पर हमला करने पहुंचा था। रमेश ने गणेश पर तलवार से वार किया, लेकिन गणेश बच निकला। पास बैठे उसके मामा बंसीलाल पिता रामलाल भील (40) की गर्दन और शरीर पर तलवार के गंभीर वार लगे। बंसीलाल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।जीरन पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है। आरोपी रमेश भील के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(1), 296, 351(3) और 109 के तहत जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रहीं टीमें।

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घर में अवैध अफीम रखने वाले आरोपी को 15 वर्ष का सश्रम कारावास

 

मनासा। एन.डी.पी.एस. एक्ट विशेष न्यायाधीश श्री दिनेश कुमार प्रजापति, मनासा, जिला-नीमच द्वारा अपने निर्णय में वैध लाईसेंस के अतिरिक्त 25 किलो 850 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम का तस्करी किये जाने के उद्दैश्य से घर में संग्रह करने वाले आरोपी मूलचंद पिता मोहनलाल मेघवाल, उम्र-42 साल, निवासी-ग्राम खेड़ली, तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 8/18(ख) एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत 15 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 01 लाख रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

 

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना दिनांक 19.03.2020 को सुबह के लगभग 9 बजे ग्राम खेड़ली स्थित आरोपी के घर की हैं। कार्यालय उपनारकोटिक्स आयुक्त नीमच में मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी मूलचंद द्वारा अफीम पट्टों से उत्पादित वैध अफीम के अतिरिक्त 20 से 30 किलोग्राम अवैध अफीम तस्करी के उद्दैश्य से घर में छिपा रखी हैं। मुखबीर सूचना पर से निवारक दल का गठन कर ग्राम खेड़ली स्थित आरोपी के घर पर पँहुच कर उसके घर की तलाशी लिये जाने पर घर में अफीम की चार बाल्टियां मिली जो कि आरोपी स्वयं मूलचंद, उसके पिता मोहनलाल, गंगाबाई एवं दाखीबाई के अफीम लायसेंस से उत्पादित अफीम होना पाया गया। इसके बाद मकान में उसी कमरे में पलंग के नीचे प्लास्टिक की तीन बाल्टियां मिली थी, जिसमें क्रमशः 11.700 किलोग्राम, 9.900 किलोग्राम, 4.250 किलोग्राम, इस प्रकार कुल 25.850 किलेाग्राम अफीम मिली, जो कि सरकार द्वारा दिये गये लायसेंस से उत्पादित एवं विभाग में दर्ज वैध अफीम के अतिरिक्त था। इस प्रकार आरोपी के पास वैध लाईसेंस के अतिरिक्त तस्करी हेतु अवैध मादक अफीम संग्रहित होने से आरोपी को गिरफ्तार किया गया व अफीम को जप्त किया गया। इसके पश्चात् सभी आवश्यक अनुसंधान उपरांत परिवाद माननीय विशेष न्यायालय, मनासा में प्रस्तुत किया गया।

विचारण के दौरान सी.बी.एन. के विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन द्वारा की गई तथा सहयोग अधिवक्ता अरूण कुमार शर्मा एवं दिपशीखा रावल द्वारा किया गया।

 

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