दुःखद घड़ी में मानवता की मिसाल: नौती बाई गेरा के मरणोपरांत नेत्रदान से रोशन होंगी दो जिंदगियां

दुःखद घड़ी में मानवता की मिसाल: नौती बाई गेरा के मरणोपरांत नेत्रदान से रोशन होंगी दो जिंदगियां
शामगढ़ । दुःख की अत्यंत विषम परिस्थितियों में भी समाज को नई दिशा दिखाने और मानवता की सेवा करने का एक प्रेरक मामला सामने आया है। पंजाबी कॉलोनी निवासी स्वर्गीय नंदलाल जी गेरा की धर्मपत्नी श्रीमती नौती बाई गेरा का दुःखद स्वर्गवास हो गया। वे स्वर्गीय जमनलाल जी गेरा, किशन लाल, वेदप्रकाश, कैलाश एवं मोहन गेरा की पूजनीय माता जी थीं।इस अपार पारिवारिक शोक की घड़ी में भी गेरा परिवार ने अद्भुत धैर्य, संयम और उदारता का परिचय दिया। रक्षाबंधन और पूर्णिमा के पावन अवसर पर परिवारजनों ने माता जी के मरणोपरांत नेत्रदान करने का साहसिक निर्णय लिया। इस पुनीत कार्य से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में नया सवेरा आएगा और उनकी अंधेरी जिंदगी रोशन हो सकेगी। नेत्र उत्सर्जन के पश्चात गोमाबाई नेत्र चिकित्सालय भेजा गया जहां पर दो अंधेरी जिंदगियों को रोशनी मिलेगी नेत्रदान में सामाजिक कार्यकर्ता राजेश फरक्या (LC)की प्रेरणा रही। डॉ. अमित धनोतिया नेत्र उत्सर्जन का कार्य किया महेश मादलिया और विनोद काला मुकेश दानगढ़ वार्ड पार्षद बंटी अश्क सहयोगी रहे ,शोक में डूबे परिवार के इस अनुकरणीय और मानवीय कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।श्रीमती नौती बाई गेरा की अंतिम यात्रा आज शुक्रवार को शाम 4:00 बजे पंजाबी कॉलोनी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के सामने निज निवास से निकलेगी।



