मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 21 अगस्त 2026 शुक्रवार

 

रतलाम में 21 अगस्त से शुरू होगा 3 दिवसीय जिला स्तरीय राखी मेला

आत्मनिर्भर भारत और लोकल फॉर वोकल की तर्ज पर स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी

आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और ‘लोकल फॉर वोकल’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (म.प्र. शासन) के अंतर्गत दीनदयाल अन्त्योदय योजना – म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु तीन दिवसीय जिला स्तरीय ‘राखी मेले’ का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 21 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक सज्जन प्रभा हॉल (होटल अजंता पैलेस), रतलाम में आयोजित होगा।

विभिन्न प्रकार के स्वदेशी उत्पाद होंगे उपलब्ध

जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेले में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न स्वदेशी एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। मेले में मुख्य रूप से:

आकर्षण: आकर्षक हस्तनिर्मित राखियां, रेशम की चूड़ियां, लाख की चूड़ियां, झूमर और भगवान की सुंदर पोशाकें।

घरेलू व सजावटी सामान: ब्लॉक प्रिंटिंग चादरें, फैंसी झाड़ू, सुगंधित धूपबत्ती और रुई की अगरबत्ती।

खाद्य सामग्री: शुद्ध मसाले, दालें, अचार, चिप्स, स्वादिष्ट नमकीन के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक ज्वार, बाजरा और मक्का का आटा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना को साकार करते हुए स्थानीय स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है। इससे स्वदेशी उत्पादों की बिक्री से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और जीवन स्तर में सुधार आएगा। साथ ही, मेले के माध्यम से स्थानीय व्यवसायियों एवं व्यापारियों से समूहों का सीधा व्यावसायिक संपर्क स्थापित होगा।

प्रशासन ने की स्वदेशी अपनाने की अपील

जिला प्रशासन ने शहर के सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक व व्यापारिक संगठनों एवं आम जनता से अपील की है कि वे इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर ‘लोकल फॉर वोकल’ को प्रोत्साहन दें, स्वदेशी राखी व उत्पादों की खरीदारी करें और स्व-सहायता समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करें।

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युवाओं के सहयोग से टीबी के प्रति चलाया जाएगा जनजागरूकता अभियान

मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. किरण वाडिवा ने बताया कि टीबी मुक्‍त भारत अभियान को जन जन तक पहुंचाने तथा जिले के युवाओ की कार्यक्रम में सक्रिय भुमिका सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से राष्‍ट्रीय क्षय उन्‍मूलन कार्यक्रम तथा मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार से जिले को पायलेट प्रोजेक्‍ट में नामांकित होने पर जिले के माय भारत वालेन्टियर के साथ विकासखण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी, विकास खण्‍ड कार्यक्रम प्रबंधक, बी सी एम तथा टीबी कार्यक्रम के कर्मचारियो हेतु जिला स्‍तरिय ‘अनुभवात्‍मक शिक्षण कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के आपसी समन्‍वयन से जिले के पॉच नामांकित जावरा से अजर्ला, आलोट से निपानिया लीला, सैलाना से कांगसी, रतलाम ग्रामीण से काण्‍डरवासा, बाजना से ठिकरिया गावों में पायलेट प्रोजेक्‍ट के रूप में माय भारत वालेन्टियर का सहयोग लेकर टीबी मुक्‍त भारत अभियान में सामाजिक जागरूकता, स्‍वच्‍छता, नशामुक्‍ति टी बी रोग को लेकर भ्रांतियो के संबंध में जन अभियान चलाया जायेगा

इस अभियान में युवा साथियो के साथ स्‍वास्‍थ्‍य विभाग से सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, कार्यकर्ता ग्राम स्‍तर में मुख्‍य भुमिका में होगे।

विकास खण्‍ड स्‍तर से आवश्‍यक तकनीकि सहयोग स्‍वास्‍थ्‍य शिविर का आयोजन कर पोर्टबल हेण्‍ड हेल्‍ड एक्‍स रे मशीन से त्‍वरित जॉच सुविधा इस अभियान में दी जाएगी।

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फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही पर पटवारी श्री महेश सिंघाड़ निलंबित

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उपखंड जावरा जिला रतलाम द्वारा हल्का क्रमांक 08 ग्राम पिपलीयासीर के पटवारी श्री महेश सिंघाड़ को फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

अपर कलेक्टर, जिला रतलाम द्वारा 12 अगस्त 2026 को फार्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा में संबंधित पटवारी हल्के में कार्य की प्रगति 30 प्रतिशत से कम पाए जाने पर पटवारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। किन्तु उनके द्वारा सूचना पत्र का कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।

इसके अतिरिक्त नायब तहसीलदार ढोढर द्वारा पटवारी श्री सिंघाड़ की कार्यप्रणाली एवं कार्य में लापरवाही से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए थे। इन प्रतिवेदनों के आधार पर कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उपखंड जावरा द्वारा पूर्व में भी पृथक-पृथक कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद पटवारी द्वारा किसी भी सूचना पत्र का लिखित उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।

पटवारी श्री सिंघाड़ द्वारा अपने पदेन दायित्वों एवं शासकीय कर्तव्यों का समुचित रूप से निर्वहन नहीं किया जाना तथा पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतना मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन किया गया।

मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 नियम 9(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उपखंड जावरा जिला रतलाम द्वारा पटवारी श्री महेश सिंघाड़, हल्का क्रमांक 08, ग्राम पिपलीयासीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय जावरा नियत किया गया है। वे सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

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खाद्य सुरक्षा विभाग की जावरा में कार्यवाही, घी एवं कुकिंग मीडियम के नमूने लिए

मिलावट की शंका पर 29 हजार 930 रुपये की सामग्री जप्त, नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे गए

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के निर्देशन में जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं मिलावट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति बघेल द्वारा जावरा स्थित फर्म ज्ञानी ट्रेडर्स, 62 कोठी बाजार का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान मिलावट की शंका के आधार पर श्री अंजनी बफेलो घी पैक एवं एस कुकिंग मीडियम के नमूने मानक स्तर की जांच के लिए लिए गए। मौके पर श्री अंजनी बफेलो घी के 9 लीटर, कीमत 4,050 रुपये तथा एस कुकिंग मीडियम के 72 लीटर, कीमत 20,880 रुपये की सामग्री जप्त की गई। इस प्रकार कुल 29,930 रुपये मूल्य की सामग्री जप्त की गई।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा लिए गए दोनों नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही पर पटवारी श्री परमानन्द खेडड़ा निलंबित

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सैलाना द्वारा हल्का नम्बर 48 खेड़ीकला के पटवारी श्री परमानन्द खेडड़ा को फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

श्री परमानन्द खेडड़ा, पटवारी द्वारा हल्का नम्बर 48 खेड़ीकला के ग्राम खेड़ीखूर्द एवं ग्राम हल्दूपाड़ा में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में मात्र 12.7 प्रतिशत लगभग प्रगति की गई, जिससे जिलास्तर पर तहसील सैलाना की फार्मर रजिस्ट्री की कार्यप्रगति प्रभावित हो रही है। उक्त संबंध में कार्यालय कलेक्टर (भू-संसाधन प्रबंधन) रतलाम द्वारा श्री परमानन्द खेडड़ा, पटवारी को कारण बताओ सूचना पत्र 12 अगस्त 2026 को जारी किया गया था, किन्तु श्री खेडड़ा द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब/स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।

इस प्रकार श्री परमानन्द खेडड़ा, पटवारी, तहसील सैलाना द्वारा अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया गया एवं पदेन कर्तव्यों का पालन नहीं किया गया, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। शासन की महत्वपूर्ण योजना एवं शासकीय कार्यों में की गई लापरवाही के कारण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सैलाना रहेगा। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

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शुक्रवार को मांगलिक भवन पिपलौदा में होगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर

जनसंवाद, जनसुनवाई एवं उद्यमी संवाद के साथ किसानों से भी होगा सीधा संवाद

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को मांगलिक भवन, पिपलौदा में जन-विश्वास शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में क्षेत्र के आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुना जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर ही समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शिविर में जनसंवाद एवं जनसुनवाई के साथ उद्यमी संवाद का आयोजन होगा। इसके अलावा क्षेत्र के उद्यमियों एवं जागरूक किसानों से भी सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली जाएगी। विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं को सुनेंगे तथा पात्र मामलों में मौके पर ही समाधान की कार्रवाई करेंगे। जिला प्रशासन ने पिपलौदा क्षेत्र के अधिक से अधिक नागरिकों से जन-विश्वास शिविर में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखने तथा शासन की इस पहल का लाभ उठाने की अपील की है। शिविर के बाद अधिकारी करेंगे स्थल निरीक्षण जन-विश्वास शिविर के पश्चात जिला एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों का स्थल निरीक्षण भी किया जाएगा।

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संत श्री रविदास महाराज ने सभी को साथ लेकर समरसता का संदेश दिया : महाराज श्री विशोकानंद

श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं कलश रथ यात्रा का गुलाब चक्कर से हुआ शुभारंभ

संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर उनके जीवन दर्शन तथा समता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय एवं मानवता के संदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं कलश रथ यात्रा का शुभारंभ गुरुवार को गुलाब चक्कर से हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आमजन उपस्थित रहे।

शुभारंभ अवसर पर बीकानेर राजगुरु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती महाराज, श्री देवस्वरूप महाराज, जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य श्री प्रदीप उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लाला बाई शंभुलाल चंद्रवंशी, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री मनोहर पोरवाल, कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

यात्रा गुलाब चक्कर से प्रारंभ होकर नगर निगम, महलवाड़ा, पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, माणक चौक, घास बाजार एवं हरमाला रोड होते हुए संत रविदास चौक पहुंची, जहां संत रविदास मंदिर पर यात्रा का समापन हुआ। रविदास मंदिर में आरती भी की गई। यात्रा के दौरान संत रविदास महाराज के विचारों एवं सामाजिक समरसता के संदेश से आमजन को अवगत कराया गया।

संत रविदास महाराज ने सभी को साथ लेकर समरसता का संदेश दिया

शुभारंभ अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती महाराज ने कहा कि संत रविदास महाराज ने सभी को साथ लेकर समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सांसारिक कार्यों में व्यस्त रहते हुए ईश्वर को अलग समझते हैं, जबकि हम सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों को समझना चाहिए और अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए। सभी मिल-जुलकर रहें और रतलाम के विकास के लिए सामूहिक रूप से चिंतन करें।

जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य श्री प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि यह कलश रथ यात्रा पूरे जिले में भ्रमण करेगी। प्रदेश के साथ देशभर में संत रविदास महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज ने सामाजिक समरसता एवं समानता का संदेश दिया, जिसे प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा से जुड़ने का आह्वान किया।

विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री मनोहर पोरवाल ने कहा कि शासन द्वारा महापुरुषों के सिद्धांतों एवं विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। संत रविदास महाराज के जीवन दर्शन और उनके सिद्धांत समाज के लिए प्रेरणादायी हैं।

10 सितंबर तक जिलेभर में पहुंचेगी यात्रा

श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं कलश रथ यात्रा 20 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामों में पहुंचेगी। यात्रा के दौरान संत रविदास महाराज के जीवन दर्शन, सामाजिक समरसता, समानता, सेवा एवं मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। यात्रा का उद्देश्य समाज में समरसता, समानता एवं सामाजिक सद्भाव की भावना को और मजबूत करना है। कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष दशोत्तर द्वारा किया गया एवं आभार श्री देवेंद्र कोठारी द्वारा माना गया।

इसके साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि में श्री जयवंत कोठारी, श्री रमेश मालवीय, श्री प्रताप सिह चौहान, श्री शैलेन्द्र डागा, श्री बजरंग पुरोहित उपस्थित थे।

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मध्यप्रदेश में तेजी से हो रहा है नई औद्योगिक इकाइयों से युवाओं को रोजगार देने का कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रही है नई गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर में 850 करोड़ रुपये निवेश की 2 अत्याधुनिक विनिर्माण इकाइयों का किया शुभारंभ
क्षेत्र और आसपास के सैकड़ों युवाओं को मिला रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आज विकास और आत्मनिर्भरता के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। वर्ष 2014 के पहले के भारत और उसके बाद के भारत में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। आज भारत का नवीन स्वरूप पूरी दुनिया के सामने उभरकर आया है। मध्यप्रदेश भी इसी विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित 2 आधुनिक औद्योगिक इकाइयों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से प्रारंभ हुई नई औद्योगिक इकाइयां विकास और समृद्धि की नई धारा को आगे बढ़ाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 850 करोड़ रुपये निवेश की प्रताप ग्रुप की 2 अत्याधुनिक विनिर्माण इकाइयों कॉर्सिस इंडस्ट्रीज एवं वोल्टर्स टेक्नोलॉजी का शुभारंभ किया। इन इकाइयों से सैकड़ों युवाओं को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत भी विशेष रूप से मौजूद थे।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती नीना वर्मा, श्री निलेश भारती, प्रताप ग्रुप के चेयरमैन श्री देवेंद्र सिंह शेखावत, श्रीमती मानकुंवर, डॉ. जितेंद्र सिंह शेखावत, मैनेजिंग डायरेक्टर प्रताप ग्रुप श्री शक्ति सिंह, श्री मोहन शेखावत, श्री प्रपन्ना आदि भी मौजूद थे।

युवाओं को रोजगार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से शुरू हुई दोनों इकाइयां उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को और मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और मध्यप्रदेश भी युवा शक्ति से समृद्ध है। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग करने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर और लिथियम बैटरी जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम है। जर्मन तकनीक के सहयोग से स्थापित हो रही ये इकाइयां अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तकनीक और उत्पादन क्षमता का केंद्र बनेंगी। इन उद्योगों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण भी मिलेगा और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में युवाओं के प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इन औद्योगिक गतिविधियों प्रत्यक्ष औरपरोक्ष रूप से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की संभावना है, इसकी शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ें, जिससे प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को नई गति मिल सके।

हर क्षेत्र में उद्योगों को सरकार का सहयोग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए सरकार द्वारा प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बिजली, पानी, सड़क और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

औद्योगिक विकास से मध्यप्रदेश को मिल रही है नई पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत एक माह में दूसरी बार प्रदेश के पीथमपुर को नई औद्योगिक इकाइयों की सौगात मिलना सरकार के तेज गति से रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का वातावरण लगातार बेहतर हो रहा है और नए उद्योगों की स्थापना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। उन्होंने नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उद्योग समूह और इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों के विस्तार के साथ मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई औद्योगिक इकाइयों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और मध्यप्रदेश आर्थिक समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

भारत की बदलती औद्योगिक तस्वीर का प्रतीक हैं ये इकाइयां : केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पीथमपुर में बैटरी स्टोरेज प्लांट और ऑप्टिकल फाइबर केबल के बैकवर्ड इंटीग्रेशन के तहत कोर निर्माण इकाई का शुभारंभ मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दोनों इकाइयों में लगभग 850 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि ये इकाइयां केवल 2 कारखानों का उद्घाटन नहीं, बल्कि भारत के तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक हैं।

केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि बैटरी स्टोरेज प्लांट देश की बढ़ती ग्रीन एनर्जी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जबकि ऑप्टिकल फाइबर इकाई डिजिटल कनेक्टिविटी और संचार अधोसंरचना को मजबूती देगी। ऊर्जा भंडारण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और पीथमपुर की यह इकाई निर्बाध विद्युत आपूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। भारत अब वैश्विक विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत भूमिका बना रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने बताया कि इस समूह के विभिन्न प्रयासों से लगभग 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार मिल रहा है। समूह द्वारा स्थापित कौशल विकास केंद्रों में वर्तमान में 2 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और आने वाले समय में लगभग 5 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली, जल, कच्चा माल, बेहतर सड़क एवं लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना तथा निवेश अनुकूल नीतियों के कारण औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और बेहतर एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक हैं।

केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिए की जा रही पहल से बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत ने विश्वास व्यक्त किया कि पीथमपुर की दोनों इकाइयां मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और डिजिटल अधोसंरचना को नई गति देंगी तथा विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत करेंगी।

 

कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रताप ग्रुप के श्री देवेंद्र सिंह शेखावत ने औद्योगिक इकाइयों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीथमपुर के प्लॉट नं. 98 पर कोर्सिस इंउस्ट्रीज द्वारा अत्याधुनिक आप्टिकल फाईवर मैन्युफेक्चरिंग प्लांट स्थापित किया गया है। लगभग 8,067 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5.5 मिलियन फाइबर किलोमीटर है। इकाई से लगभग 300 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नये अवसर मिले है।

 

इस संयंत्र में निर्मित ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, 5जी नेटवर्क, एफटीटीएच, डेटा सेंटर, स्मार्ट सिटी, रक्षा एवं अन्य रणनीतिक संचार अवसंरचना में किया जाएगा। यह परियोजना डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को गति प्रदान करेगी।

वाल्टर्स टेक्नोलॉजिस प्रायवेट लिमिटेड लगभग 20,505 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 3 GWh है तथा इससे लगभग 250 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।

संयंत्र में इंडस्ट्री 4.0 आधारित स्वचालन एवं रोबोटिक असेंबली लाइन का उपयोग किया गया है। यह इकाई रिन्युएबल एनर्जी इंटीग्रेशन, कामर्सियल एवं इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस तथा भारत के क्लिन एनर्जी ट्रांजिशन।

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