सम्मान निधि नहीं, शिकायत वापस लेने का दबाव! किसान बोला- पैसा छोड़ो, पहले सीएम हेल्पलाइन कटवाने पर जोर

7 महीनो से अटका पीएम व मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का भुगतान, समाधान की जगह शिकायत बंद कराने का आरोप
बंशीदास बैरागी
मगराना- मंदसौर-मामला मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बूढा मंडल गांव पिपल्या जोधा का जहाँ सरकार एक ओर किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बूढ़ा मंडल के ग्राम पिपल्या जोधा का एक किसान 7 महीनो से सम्मान निधि की राशि का इंतजार कर रहा है। किसान का आरोप है कि राशि दिलाने के बजाय संबंधित तहसील स्तर के अधिकारी उस पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायत बंद कराने का दबाव बना रहे हैं।
ग्राम पिपल्या जोधा निवासी प्रकाश पिता अम्बाराम दर्जी ने बताया कि उन्होंने करीब 7 माह पूर्व प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए आवेदन किया था। उनकी भूमि सर्वे क्रमांक 142 बिल्लोद हल्के में दर्ज है तथा बैंक खाता स्टेट बैंक शाखा नाहरगढ़ में है। इसके बावजूद आज तक उनके खाते में एक भी किस्त नहीं पहुंची।
निराश होकर किसान ने सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 39710655 दर्ज कराई। शिकायत में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि आवेदन के बावजूद भुगतान नहीं होने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान का आरोप है कि सम्मान निधि की राशि दिलाने के बजाय तहसील स्तर से लगातार सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने या कटवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जबकि आवेदन दिये किये 7 माह बीत गए अभी तक राशि जारी नहीं हुई है
सीएम हेल्पलाइन की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार पहले जांच का आश्वासन दिया गया, फिर आधार कार्ड लेकर पीएम किसान पोर्टल पर स्टेटस जांचने की बात कही गई। 6 अगस्त को शिकायतकर्ता की असंतुष्टि के बाद मामला उच्च स्तर के अधिकारी को भेज दिया गया। फिलहाल शिकायत लंबित है और किसान अब भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है।
ग्रामीणों व प्रकाश पिता अम्बाराम दर्जी का कहना है कि किसानों के लिए सम्मान निधि केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि खेती-किसानी के कठिन समय में आर्थिक सहारा है। यदि पात्र किसानों को समय पर राशि नहीं मिले और शिकायत करने पर भी केवल औपचारिक कार्रवाई हो, तो योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।



