दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की हैट्रिक, घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6056 वोटों से हराया, नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी मिली मात

2023 के बाद फिर भाजपा हारी। शुरुआती राउंड में 9519 वोट की लीड, अंतिम में 6056 से जीत। जीत पर कांग्रेस में जश्न, मेलोडी बांटकर मनाई खुशी
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा को मात दे दी है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6056 वोटों से हराकर सीट अपने नाम की। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद यह लगातार दूसरी बार है जब दतिया में कांग्रेस ने भाजपा को पटखनी दी है।
नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी हारी भाजपा
इस चुनाव की सबसे बड़ी बात यह रही कि पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के अपने पोलिंग बूथ नंबर 121 पर भी भाजपा हार गई।
इस बूथ पर कांग्रेस को 291 वोट मिले जबकि भाजपा को सिर्फ 264 वोट ही मिल पाए।
शुरुआत में बड़ी लीड, अंत में घटा अंतर
मतगणना के नौवें राउंड तक कांग्रेस की बढ़त 9519 वोट की हो गई थी। वहीं 14वें राउंड में कांग्रेस को 6614 और भाजपा को 3100 वोट मिले, जिससे लीड 7459 वोट रह गई। बाद के राउंड में अंतर कुछ कम हुआ और अंतिम नतीजे में कांग्रेस 6056 वोटों से विजयी घोषित हुई।
जीत के बाद जश्न, हार पर समीक्षा की बात
परिणाम आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। कांग्रेस और सपा नेताओं ने एक-दूसरे को मेलोडी टॉफी खिलाकर बधाई दी। वहीं हार के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि “हार की समीक्षा करेंगे”।
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने कहा कि “भीतरघात के बावजूद हम जीते। अगर ऐसा नहीं होता तो जीत का अंतर और ज्यादा होता”।
मतगणना के दौरान हुई नोकझोंक
नौवें राउंड की गिनती के दौरान ईवीएम रखने के स्थान को लेकर भाजपा और कांग्रेस एजेंटों के बीच थोड़ी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
क्यों हुए थे उपचुनाव
दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक फ्रॉड मामले में 2 साल की सजा होने के बाद खाली हुई थी। 2023 में भारती ने इसी सीट से तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7742 वोटों से हराया था।


