मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 31 जुलाई 2026 शुक्रवार

बाजना एवं शिवगढ़ क्षेत्र में मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया गया

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल एवं कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशन में औषधि निरीक्षक श्री बलराम चौधरी द्वारा लगातार मेडिकल स्टोर्स के औचक निरीक्षण किये जा रहे है।

मंगलवार को सैलाना स्थित पाटीदार मेडिकल, अंबिका मेडिकल, पटेल मेडिकल एवं हैदरी मेडिकल का औचक निरीक्षण किया गया था, उसी तारतम्य में आज बाजना एवं शिवगढ़ क्षेत्र में औषधि निरीक्षक श्री बलराम चौधरी द्वारा औचक निरीक्षण किये गए।

बाजना में त्रिवेणी मल्टीस्पेशलिटी मेडिकल एवं भवानी मेडिकल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों संस्थानों पर फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाए गए एवं त्रिवेणी मल्टीस्पेशलिटी मेडिकल पर नारकोटिक्स औषधि लोपेज इंजेक्शन उपलब्ध पाए गए जिनके क्रय विक्रय संबंधी अभिलेख 2 दिवस में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। दोनों ही संस्थानों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाएगा, जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर निलंबन या निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।

वही शिवगढ़ स्थित शिवाय मेडिकल का औचक निरीक्षण किया गया, शिवाय मेडिकल से नारकोटिक्स औषधि इक्विरेक्स टैबलेट के क्रय विक्रय संबंधी अभिलेख 2 दिवस में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। औषधि निरीक्षक श्री चौधरी ने बताया कि औषधि संस्थानों का सघन निरीक्षण जिले में निरंतर जारी रहेगा।

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रतलाम जिले में 30 जुलाई से उर्वरक वितरण हाइब्रिड मोड में होगा

उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा प्रदेश में उर्वरक वितरण व्यवस्था 01 अप्रेल 2026 ई-विकास प्रणाली के माध्यम से प्रारंभ की गई थी, जिले में सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक उर्वरक वितरण हाइब्रिड मोड में किये जाने का निर्णय लिया गया है।

हाइब्रिड मोड में उर्वरक वितरण के लिए विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि 30 जुलाई 2026 तक ई-विकास प्रणाली से वितरित उर्वरक की मात्रा का अभिलेख संधारित रखें। 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक किसानों को विक्रय किए जाने वाले उर्वरक के लिए किसान के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर तथा कंपनीवार (यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं एमओपी) प्रदाय उर्वरक की मात्रा का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से संधारित किया जाएगा। विक्रय की गई मात्रा का बाद में पोर्टल पर इंद्राज किया जाएगा।

पैक्स, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्र, एम.पी. एग्रो के विक्रय केंद्र तथा निजी उर्वरक विक्रेता निर्धारित प्रपत्र में उक्त जानकारी का संधारण करेंगे।

जिले के समस्‍त कृषकों से अपील की जाती है कि ई-विकास प्रणाली अंतर्गत टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्‍या उत्‍पन्‍न होने पर कृषक अपने आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाईल नंबर तथा संबंधित भू-अभिलेख के सांथ उपस्थित होकर आवश्‍यक उर्वरक क्रय कर  सकते है।

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राजनीतिक दलों के साथ जिला स्तरीय स्टेण्डिंग कमेटी की बैठक संपन्न

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला स्टेण्डिंग कमेटी की बैटक का आयोजन कार्यालय कलेक्टर सभाग्रह रतलाम मे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ किया गया।

बैठक में श्री बृजेंद्र रावत एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रतलाम एसडीएम श्री तरुण जैन, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

बैठक में श्री बृजेंद्र रावत एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने नगरीय पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 अंतर्गत प्राप्त दावा आपत्ति एवं निराकरण तथा सूची में अनुपस्थित, मृत, शिफ्टेड, दोहरी प्रविष्टि की जानकारी से को अवगत कराया। एसडीएम शहर रतलाम ने नगरीय निकाय अंतर्गत नगर पालिका रतलाम के 49 वार्डों की पुनरीक्षण उपरांत अंतिम फोटो युक्त मतदाता सूची का सेट दल प्रमुखों को उपलब्ध करवाये।

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प्रशासन गांव की ओर अभियान में 58 विभागों ने 3464 प्रकरणों में की कार्यवाही

5 दिसंबर से 14 मार्च तक आयोजित शिविरों में लोगो को मिला त्वरित निराकरण
अब मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत मिलेगा विस्तार

रतलाम जिले में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशन में सफलतापूर्वक संचालित “प्रशासन गांव की ओर” अभियान का अगला चरण अब राज्य शासन के मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के रूप में संचालित किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार यह अभियान 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक प्रत्येक सप्ताह के शुक्रवार को आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण एवं जन-संवाद के माध्यम से आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग तथा लोक सेवाओं का समय-सीमा में प्रदाय सुनिश्चित करना है। अभियान के माध्यम से अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेंगे।

उल्लेखनीय है कि रतलाम जिले में “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के अंतर्गत 5 दिसंबर से 14 मार्च तक ग्रामों में शिविर आयोजित किए गए थे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं निराकरण किया गया। अभियान के दौरान 58 विभागों में कुल 3464 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 2258 प्रकरणों का संबंधित विभागों द्वारा निराकरण किया जा चुका है। शेष प्रकरणों के समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए विभागों द्वारा सतत कार्रवाई की जा रही है।

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के दौरान जनसमस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। अभियान के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे।

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शासकीय आईटीआई में प्रवेश के लिए तृतीय चरण की मेरिट सूची जारी

31 जुलाई से 4 अगस्त तक होंगे प्रवेश

 रतलाम जिले की शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 25 जून 2026 से सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। प्रवेश प्रक्रिया के प्रथम एवं द्वितीय चरण में अब तक 199 अभ्यर्थियों ने विभिन्न व्यवसायों में प्रवेश प्राप्त कर लिया है।

शेष 285 रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु तृतीय चरण की मेरिट सूची जारी कर दी गई है। मेरिट सूची में चयनित अभ्यर्थी 31 जुलाई 2026 से 4 अगस्त 2026 तक संबंधित शासकीय आईटीआई में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकते है ।

अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शनिवार एवं रविवार के अवकाश दिवसों पर भी प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि कोई भी पात्र अभ्यर्थी प्रवेश से वंचित न रहे।

प्राचार्य शासकीय आईटीआई ने मेरिट सूची में चयनित सभी अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर संस्थान में उपस्थित होकर समय पर प्रवेश की औपचारिकताएँ पूर्ण करें तथा कौशल आधारित प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएँ। अधिक जानकारी के लिए संबंधित शासकीय आईटीआई अथवा जिला कौशल विकास कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है ।

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एसएनसीयू रतलाम में गंभीर अवस्था में भर्ती नवजात बालिका उपचार के बाद स्वस्थ

एसएनसीयू रतलाम में गंभीर अवस्था में भर्ती 860 ग्राम की नवजात बालिका उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट गई है।

दीपिका पति अनिल निवासी सागरपाड़ा, आलोट, रतलाम का प्रसव समय पूर्व 25 सप्ताह में ही घर पर हो गया था। प्रसव उपरांत महिला एवं नवजात को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से एमसीएच स्थित एसएनसीयू लाया गया। भर्ती के समय नवजात की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उसे सांस लेने में कठिनाई, शॉक तथा अत्यधिक कम वजन की समस्या थी। भर्ती के तुरंत बाद चिकित्सकों एवं नर्सिंग अधिकारियों की टीम द्वारा पुनर्जीवन कर एसएनसीयू प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार प्रारंभ किया गया। समयपूर्व जन्म होने के कारण नवजात के फेफड़े पूर्ण विकसित नहीं थे, जिससे उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी।

सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह के मार्गदर्शन में प्रभारी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक आर्या के नेतृत्व में एसएनसीयू के डॉक्टरों एवं नर्सिंग अधिकारियों की टीम ने फैसिलिटी बेस्ड नियोनेटल केयर गाइडलाइन के अनुसार उपचार शुरू किया। भर्ती के बाद नवजात को 15 दिनों तक सीपैप (CPAP) मशीन से ऑक्सीजन दी गई। इसके बाद नेजल प्रॉन्स एवं ऑक्सीजन हुड के माध्यम से ऑक्सीजन प्रदाय की गई।

भर्ती के कुछ दिनों बाद बच्चे का वजन  690 ग्राम रह गया था। प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार जारी रखा गया। इस दौरान बच्चे को बार-बार एपनिया (सांस रुकना) की समस्या हुई, जिसका सफलतापूर्वक उपचार किया गया। आवश्यक जांच के बाद प्रीमैच्योरिटी एनीमिया होने पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी किया गया। स्थिति में सुधार होने पर लगभग 15 दिन बाद नली के माध्यम से कम मात्रा में मां का दूध देना शुरू किया गया तथा धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाई गई। माता को बच्चे की देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया गया तथा प्रतिदिन कंगारू मदर केयर (केएमसी) कराई गई, जिससे उपचार में काफी सहायता मिली और बच्चे का वजन बढ़ना शुरू हुआ।

करीब 60 दिनों तक एसएनसीयू में उपचार के दौरान दीपिका ने प्रतिदिन अधिक से अधिक केएमसी की तथा नर्सिंग अधिकारियों की निगरानी में कटोरी-चम्मच से दूध पिलाना शुरू किया गया।

नवजात की आंखों की जांच भी कराई गई। नवजात के पूरी तरह स्वस्थ होने, वजन में वृद्धि तथा माता द्वारा दूध पिलाने एवं देखभाल में सक्षम होने के बाद 28 जुलाई 2026 को 60 दिन बाद उसे डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन लगभग 1400 ग्राम था।

बच्चे के परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह, प्रभारी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक आर्या, डॉ. राम कुमार तथा एसएनसीयू के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों एवं सफाई कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। नवजात के उपचार में डॉ. प्रतीक आर्या, डॉ. राम कुमार, नर्सिंग ऑफिसर इंचार्ज भारती गहलोत तथा नर्सिंग अधिकारियों अश्विथि, निशा, लाली, प्रीति, उमा, दीक्षा, राधा, निर्मला, गुड्डी सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई करें

नारकोटिक्स एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम एवं विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के उद्देश्य से कलेक्टर भवन सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अपर कलेक्टर श्री रावत ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने संयुक्त टीमों का गठन कर नियमित जांच एवं रोड पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने तथा स्कूल, कॉलेज एवं छात्रावासों के आसपास नशीली दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने को कहा। औषधि निरीक्षक को लगातार जांच एवं वैधानिक कार्रवाई तथा जिला शिक्षा अधिकारी को शैक्षणिक संस्थानों में नशा मुक्ति के संबंध में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अवैध ढाबों पर कार्रवाई तथा “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी चर्चा की गई।

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जिले में अब तक 300.50 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

जिले में इस वर्ष अब तक औसतन 300.50 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में रतलाम जिले में 6.63 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

पिछले 24 घन्टों में आलोट में 0.00 मि.मी., जावरा में 40.00 मि.मी., ताल में 0.0 मि.मी., पिपलोदा मे 4.0 मि.मी., बाजना में 3.0 मि.मी., रतलाम में 3.0 मि.मी., रावटी में 1.0 मि.मी. एवं सैलाना में 2.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

विगत 1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र आलोट में 322.0 मि.मी., जावरा में 349.0 मि.मी., ताल में 250.0 मि.मी., पिपलोदा में 364.0 मि.मी., बाजना में 192.0 मि.मी., रतलाम में 384.0 मि.मी., रावटी में 242.0 मि.मी. एवं सैलाना में 301.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

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सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायल व्यक्ति के गोल्डन ऑवर मे त्वरित उपचार हेतु राहवीर योजना

सड़क दुर्घटना में पीड़ित घायल व्यक्ति के सही समय पर अस्पताल न पहुंचने के कारण घायल व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने मे आम नागरिकों को यह भय रहता है कि वे भी पुलिस कार्यवाही के भागी बन जायेंगे अर्थात घायल को अस्पताल पहुंचाने की मदद करने वाले व्यक्ति से पुलिस द्वारा पुछताछ की जायेंगी, जिस कारण आम नागरिक चाहते हुवे भी पुलिस कार्यवाही के भय से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में ले जाने से कतराते है किन्तु ऐसा नही है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल लाने वाले राहवीर को राशि 25,000 एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान करने का प्रावधान है।

शासन द्वारा सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार कराने के उद्देश्य से गुड सेमेरिटन योजना लागू की गई है ताकि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से पीड़ित को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन स्वरूप राशि प्रदान की जा सकें। इस योजनांतर्गत सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को राहवीर की परिभाषा मे शामिल किया गया है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल लाने वाले राहवीर को राशि 25,000 एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना से सड़क दुर्घटना मे गम्भीर घायल व्यक्ति का त्वरित उपचार संभव हो सकेगा वही प्रोत्साहन राशि 25,000 के कारण नवयुवा एवं आम आदमी पीड़ित की मदद के लिये तत्पर रहेंगे, जिससे सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति की जान भी बचेगी, सड़क दुर्घटना मे होने वाली मृत्युदर में कमी परिलक्षित हो सकेंगी।

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जावरा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा सुविधाओं का होगा विस्तार

सुजापुर और ढोढर में बालिका छात्रावास भवन निर्माण को मिली स्वीकृति

 

जावरा विधानसभा क्षेत्र को शिक्षा का हब बनाने के उद्देश्य से विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय ने प्रारम्भ से प्राथमिकता से कार्य किया है, जिसके फलस्वरूप सफलता भी मिलती जा रही है। मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप बालिका छात्रावास सुजापुर और ढोढर में भवन निर्माण की सौगात मिल गई है। दोनों भवनों के लिए लगभग सवा छः  करोड़  रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।

उल्लेखनीय है कि विधायक डॉ पांडेय लम्बे समय से क्षेत्र में भवनविहीन स्कूल व छात्रावासो के लिए भवन की स्वीकृति का प्रयास कर रहे है। लगातार प्रयास के चलते बीते दिनों जावरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भी प्राथमिकता से अवगत कराया गया था। जिस पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बालिका छात्रावास सुजापुर व ढोढर के लिए भवन निर्माण की घोषणा की थी।

इस घोषणा के बाद विधायक डॉ पांडेय ने दोनों स्थानों पर भवन निर्माण के लिए प्रक्रिया पूर्ण करवाने का प्रयास किया। विभागीय कार्यवाही के अलावा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदयप्रताप सिंह से भेंट कर बालिकाओ की कठिनाइयों से अवगत कराया। इन प्रयासों के फलस्वरूप राज्य शिक्षा केन्द्र ने 50 सीटर नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास ढोढर एवं 100 सीटर बालिका छात्रावास सुजापुर के लिए 6 करोड़ 30 लाख रु की स्वीकृति जारी कर दी है। इन भवनों से क्षेत्र की सैंकड़ो बालिकाओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।इस स्वीकृति से क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है।

विधायक डॉ पांडेय ने जावरा विधानसभा क्षेत्र में दो सांदीपनि स्कूल, दो औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, दो महाविद्यालय के साथ ही दो बालिका छात्रावास की सौगात दिलाकर जावरा विधानसभा क्षेत्र को शैक्षणिक हब बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किया है। आगामी समय मे जिला स्तरीय दिव्यांग छात्रावास का नवीन भवन भी जावरा विधानसभा क्षेत्र के पिपलौदा में बनाया जाएगा।जिसकी भी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ यादव ने की है, जिसकी स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

विधायक डॉ पांडेय  क्षेत्र में सभी भवन विहीन हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूलों के भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए भी प्रयासरत है। जिसकी प्रक्रिया भी प्रारम्भ हो गई है।

जावरा विधानसभा क्षेत्र को दो बालिका छात्रावासो की बड़ी सौगात मिलने पर  जिला महामंत्री महेश सोनी, मण्डल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह देवड़ा, मांगीलाल पांचाल, दिनेश पाटीदार, राजेश शर्मा, रितेश जैन, अजय पांडेय, अमित पाठक, बालाराम मालवीय, जगदीश माली, राकेश चौहान सहित विभिन्न पदाधिकारियो ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव, शिक्षा मंत्री श्री उदयप्रताप सिंह तथा  विधायक डॉ पांडेय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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अनाधिकृत कट एक माह में बंद किए जाएं, सड़क सुरक्षा के सभी हॉटस्पॉट पर संयुक्त दल करे भ्रमण

लेबड़-जावरा एवं जावरा-नयागांव फोरलेन मार्ग पर झाड़ियों और नालियों की तत्काल साफ-सफाई करें

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, लोक निर्माण विभाग के श्री महेंद्र चौहान अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने लेबड़-जावरा एवं जावरा-नयागांव फोरलेन मार्ग पर झाड़ियों एवं नालियों की तत्काल साफ-सफाई कराने तथा पूर्व बैठकों में एमपीआरडीसी को दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही खराब स्पीड ब्रेकरों का शीघ्र सुधार कराने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के सभी अनाधिकृत कटों की सूची तैयार कर एक माह के भीतर उन्हें बंद किया जाए। जिला परिवहन अधिकारी को स्कूल बसों की नियमित जांच करने, अवैध बस स्टॉप पर कार्रवाई करने तथा ओवर स्पीड वाहनों के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नवीन ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उनका सुधार करने, रेड स्पॉट एवं प्रधानमंत्री राहत योजना की समीक्षा करने तथा सभी हॉटस्पॉट पर पुलिस, परिवहन एवं संबंधित विभागों के संयुक्त दल द्वारा नियमित भ्रमण करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 108 एंबुलेंस सेवा का एक प्रतिनिधि पुलिस कंट्रोल रूम में समन्वय के लिए उपलब्ध रहेगा, जिससे दुर्घटना की सूचना का त्वरित आदान-प्रदान हो सके और घायलों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने मेडिकल कॉलेज के बाहर अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करने, यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

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अपर कलेक्टर श्री रावत द्वारा दत्तक ग्रहण आदेश जारी कर बालिका को नवीन परिवार के सुपुर्द किया

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री  सुभाष जैन द्वारा बताया गया कि अपर कलेक्टर कार्यालय में आज 30 जुलाई 2026 को अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र कुमार रावत द्वारा दत्तक ग्रहण संबंधी प्रकरण में आदेश जारी करते हुए शिशु गृह रतलाम में निवासरत बालिका पूजा (परिवर्तित नाम) को विधिवत दत्तक ग्रहण हेतु दत्तक माता-पिता के सुपुर्द किया गया।

इस अवसर पर दत्तक माता-पिता ने बालिका को स्नेह, सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया। दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के माध्यम से बालिका को एक सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं पारिवारिक वातावरण प्राप्त हुआ, जो उसके समग्र विकास एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिला प्रशासन ने दत्तक ग्रहण की इस प्रक्रिया को बाल अधिकारों के संरक्षण एवं प्रत्येक बालक/बालिका को परिवार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

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मध्यप्रदेश में बाघों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है

नई गणना में बाघों की संख्या 1000 से अधिक होने का अनुमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राज्य सरकार जनभागीदारी से प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण के लिए संकल्पित है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन प्रबंधन के लिए वन विभाग के प्रयासों को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का किया सम्मान
सतपुड़ा की तितलियों पर केंद्रित पॉकेट बुकलेट का किया विमोचन
रातापानी और रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के लोगो का हुआ विमोचन
पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास और पद्मश्री श्री मोहन नागर का हुआ सम्मान
सतपुड़ा में बाहरसिंगा के पुनर्वास पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन
स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बाघ संरक्षण पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और सभी वन्यजीवों के प्रति उदारता की भाव समाहित है। हमारे देवी-देवताओं के वाहन भी अलग-अलग जीवों से जुड़ते हैं। जंगल का राजा बाघ शक्ति की देवी मां दुर्गा का वाहन है। प्रदेश में बाघ, चीता, घड़ियाल, हाथी और जंगली भैंसे सहित अन्य वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल है। प्रदेश में 53 साल पहले बाघों की संख्या दहाई के आंकड़े में सिमटी हुई थी। वर्ष 2016 में बाघों की संख्या लगभग 250 हो गई। वर्ष 2022 की गणना में प्रदेश में 785 बाघ हो गए। अगले साल नई गणना में बाघों की संख्या 1000 से अधिक होने का अनुमान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में समृद्ध जैव विरासत का स्वर्णिम और सुगम काल निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संबोधित कर रहे थे।कान्हा क्षेत्र की घास प्रजातियों पर केन्द्रित पुस्तक का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव संरक्षण के लिये प्राप्त वाहनों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बाघ संरक्षण पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय प्रकाशनों के अंतर्गत सतपुड़ा की तितलियों पर केन्द्रित पुस्तक फ्लटरिंग ज्वेल्स ऑफ सतपुड़ा, कान्हा क्षेत्र की घास प्रजातियों पर केन्द्रित पुस्तक, पिक्टोरियल हरबेरियम ऑफ कान्हा ग्रासेस, वन्यजीवन रेस्क्यू संकलन, बेस्ट प्रैक्टिसेस ऑफ वाईल्ड लाईफ कन्जर्वेंशन इन मध्यप्रदेश और बॉयोडायवर्सिटी ऑफ वाईल्ड मशरूम्स इन पेंच टाइगर रिजर्व आदि का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रातापानी टाइगर रिजर्व और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के लोगो का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक जन-एक पत्ती अभियान में की भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बारहसिंघा को पुन: बसाने पर केन्द्रित वृत्त चित्र और कान्हा टाइगर रिजर्व में टाइगर रिवाइल्डिंग पर केन्द्रित वृत्त चित्रों के टीजर रिलीज किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित सदस्यों डॉ. नारायण व्यास और श्री मोहन नागर का अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव सरंक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली वन सुरक्षा समितियों, ईको विकास समिति, ग्राम वन समिति और वन कर्मियों को पुरस्कार भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व द्वारा जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए आरंभ किए गए ‘एक जन-एक पत्ती – जनभागीदारी, संरक्षण की शक्ति’ अभियान में भाग लिया। इसके अंतर्गत उन्होंने पत्ती के आकार की छोटी-कच्ची सिरेमिक टाइल पर बाघ का चेहरा उकेरा। इस प्रकार की टाइल को पकाकर विभिन्न रंगों में विकसित किया जाता है। इन्हीं टाइलों से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के हिनोती पर्यटन द्वार को सजाया जाएगा। यह गतिविधि जनभागीदारी से वन और वन्य जीवन संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पेंच टाइगर रिजर्व के कलाकारों ने कढाईदार शॉल भेंट किया।

घड़ियाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस और गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बाघ संरक्षण के क्षेत्र में अपने सफल प्रयासों और अटूट प्रतिबद्धता के कारण देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। बाघ हमारे समृद्ध वनों, जैव विविधिता और पर्यावरणीय संतुलन के प्रतीक हैं। राज्य सरकार जनभागीदारी से प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के लिए संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल एशिया में सबसे स्वच्छ जल की नदी है। यहां घड़ियाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। कूनो क्षेत्र की नदियों में भी घड़ियाल छोड़े गए हैं। मध्यप्रदेश में 100 वर्ष पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसे का पुनर्वसाहट का काम सफलतापूर्वक किया गया है।

आधुनिक तकनीक और नवाचारी प्रयासों से हाथियों के संकट से मिली मुक्ति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दो वर्ष पहले तक हाथियों के कारण डरावने संदेश आते थे। वन विभाग ने आधुनिक तकनीक और नवाचारी प्रयासों से हाथियों के संकट से मुक्ति दिलवाई है। प्रदेश में बहुत जल्द गैंडे भी लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को समृद्ध जैव विविधता विरासत में मिली है। वन विभाग ने वन प्रबंधन में अपने अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ वन समितियों, स्थानीय ग्रामीणों को साथ जोड़कर प्रदेश को वन्य जीव संरक्षण में नई ऊंचाईयां प्रदान की हैं।

प्रदेश में प्रतिवर्ष आते हैं 28 लाख वन्य जीव पर्यटक

प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव श्रीमती समिता राजौरा ने कहा कि रुस में लिए गए संकल्प के बाद वर्ष 2011 से लगातार 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जा रहा है। बाघों के संरक्षण में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य सरकार सभी वन्यजीवों के संरक्षण का प्रण लेकर आगे बढ़ रही है। प्रदेश में प्रतिवर्ष 28 लाख वन्य जीव पर्यटक आते हैं, जिनमें 1 लाख विदेशी भी शामिल होते हैं। प्रदेश के सभी 9 टाइगर रिजर्व्स में वर्तमान में बाघ संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बाघ संरक्षण अभियान में वन समितियां और स्थानीय लोगों का भी विशेष योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश बाघों के साथ सभी वन्य जीवों का संरक्षण हो रहा है। बाघ बचेंगे तो हमारे जंगल बचेंगे।

वन्य जीव संरक्षण में मध्यप्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हो रहा है

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री शुभरंजन सेन ने कहा कि मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है। प्रदेश में बाघ और वन्य प्राणियो के संरक्षण का गौरवशाली इतिहास है। मध्यप्रदेश अब चीता स्टेट और लैपर्ड स्टेट भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने नए टाइगर रिजर्व की स्थापना और प्रदेश के इकलौते कंजर्वेशन रिजर्व का भी गठन किया है। वन्यजीव संरक्षण में मध्यप्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हो रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन श्री राघवेन्द्र सिंह, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन समितियों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी और वन और वन्य जीवों में रूचि रखने वाले उपस्थित थे।

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गुरूकुल परम्परा और नवीन तकनीक से गढ़ेंगे भविष्य का मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन में खुलेगी धन्वंतरी मेडिकल यूनिवर्सिटी
गुरू पूर्णिमा पर उज्जैन से हुआ प्रदेश में नए शैक्षणिक युग का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने 1000 प्राथमिक शिक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र
एआई पर केंद्रित मिशन बुनियाद का किया शुभारंभ, प्रदेश के 500 शासकीय स्कूलों में चलेगा मिशन
माधव विज्ञान महाविद्यालय में भव्य गीता भवन ऑडिटोरियम का किया लोकार्पण
बोर्ड परीक्षा में तीन साल से शत प्रतिशत परिणाम देने वाले 6 प्राचार्यों को सांदीपनि अलंकरण से किया अलंकृत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूडीए की 550 करोड़ की विकास योजना का श्रीकृष्ण-सुदामा नगर नामकरण कर किया भूमि-पूजन
उज्जैन जिले को दी 587.23 करोड़ लागत के 9 विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साधु-संतों और गुरुओं का सम्मान कर लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री का नागरिकों ने यूसीसी विधेयक पारित होने पर किया अभिनंदन
गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन में मनाया गया महर्षि सांदीपनि गुरू पर्व

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति इसकी गुरू परम्परा है। जब गुरूकुल के संस्कार आधुनिक विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अतिरिक्त क्षमता से जुड़ेंगे, तब हमारी ऐसी पीढ़ी तैयार होगी, जो ज्ञान में श्रेष्ठ, चरित्र में उत्कृष्ट और राष्ट्र निर्माण के प्रति एकनिष्ठ होगी। यही विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत की सबसे बड़ी नींव है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना आधुनिक शिक्षा और अत्याधुनिक कक्षाओं से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय हमारी पुरातन गुरूकुल शिक्षा पद्धति का नूतन एवं आधुनिक स्वरूप है। इन विद्यालयों के माध्यम से एक बेहतर कल की ओर बढ़ रहे हैं। इन विद्यालयों से हम अपने लाखों विद्यार्थियों का एक सुनहरा भविष्य गढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, संस्कार, तकनीक और सांस्कृति चेतना के अद्भुत समन्वय का संदेश देकर कहा कि मध्यप्रदेश में विकसित हो रहे सांदीपनि विद्यालय भविष्य के भारत के निर्माण की आधारशिला सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ‘गुरू पूर्णिमा महोत्सव’ के अवसर पर उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित ‘महर्षि सांदीपनि गुरू पर्व’ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मौके पर उज्जैन जिले के लिए कुल 587.23 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न श्रेणी के 9 बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते तीन वर्ष तक बोर्ड परीक्षाओं में लगातार शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले 6 प्राचार्यों को सांदीपनि अलंकरण से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग में नव नियुक्त 7500 प्राथमिक शाला शिक्षकों में से 10 शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर केंद्रित ‘मिशन बुनियाद’ का शुभारंभ किया। यह मिशन प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों में चलाया जाएगा। इसमें कक्षा में 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को एआई से पर्सनली पढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘सर्वांग’ एवं ‘श्रीकृष्ण विद्यांजलि’ नामक दो पुस्तिकाओं का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल मीन्स कम मेरिट में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भव्य गीता भवन बनाने का संकल्प लिया है। आज उज्जैन में गीता भवन का लोकार्पण नागरिकों के लिए कई प्रकार से सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यह शिक्षा विभाग का गीता भवन है। नगर निगम और उज्जैन विकास प्राधिकरण के भी अलग-अलग गीता भवन बनाए जाएंगे। सिंहस्थ: 2028 की तैयारियों के साथ ही इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास कार्य भी निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में नई भर्तियों की शुरुआत की है। विगत दो साल में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती का काम पूरा हुआ है। आज 3 संभागों के लगभग 1000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि ये शिक्षक महर्षि सांदीपनि के वंशज के रूप में जाने जाएंगे। शिक्षक भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता के भाव से बच्चों को शिक्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शासकीय विद्यालयों के ऐसे प्राचार्यों को, जिन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में तीन साल तक शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिया है, उन्हें सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ऐसे सभी स्कूलों के प्राचार्यों को 1 लाख रुपए की सम्मान राशि और प्राध्यापकों के साथ स्कूल में विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे स्कूल शिक्षा में और बेहतरी का एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जबलपुर में एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी है। दूसरी की महती आवश्यकता महसूस हो रही है। इसलिए अब उज्जैन में ही नवीन धनवन्तरी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूल से लेकर विदेशों में पढ़ाई तक हर स्तर पर सहायता करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश, पूरे देश का इकलौता राज्य है, जो 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को डॉक्टर बनाने के लिए उनकी फीस के रूप में 70 से 80 लाख रूपए तक खर्च कर रहा है। स्कूली विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों से लेकर गणवेश, साइकिल से लेकर स्कूटी तक हमारी सरकार उपलब्ध करा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों की पढ़ाई के लिए एआई आधारित मिशन बुनियाद अंतर्गत नई शिक्षा योजना की शुरुआत कर दी है। यह प्रदेश की शिक्षा पद्धति में एक नये युग के आरंभ जैसा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘गुरु पूर्णिमा महोत्सव’ के अवसर पर प्रदेशभर में 60 नए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। इनमें 39 स्कूल शिक्षा विभाग और 21 जनजातीय कार्य विभाग के हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का स्मरण कराते हैं। पहले और दूसरे चरण में सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण पर हमारी सरकार करीब 25 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों के लिए हमारे पास धन की कोई कमी नहीं है। अब निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी बड़े पैमाने पर हमारे सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं, लेकिन पहले सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ चुके विद्यार्थियों को मौका दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अवन्तिका नगरी (उज्जैन) दुनिया की 7 पवित्र नगरियों में से एक है, जहां बाबा महाकाल विराजे हैं। जन्म-मृत्यु सब बाबा महाकाल के हाथों में है। उज्जैन ज्ञान-विज्ञान और इतिहास की धरती है। उन्होंने गुरू की महत्ता बताते हुए कहा कि माता-पिता प्रथम गुरू होते है। जीवन में माता-पिता से हम कभी भी ऊऋण नहीं हो सकते हैं। गुरु की महिमा ऐसी है कि उसे भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। लेकिन सांदीपनि गुरु ने अपने परम शिष्य (भगवान श्रीकृष्ण) को जगतगुरू के रूप में देखा। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में ही भगवान श्रीकृष्ण को पुस्तकीय ज्ञान से कहीं अधिक यथार्थ कर्मवाद की शिक्षा मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा ज्ञान कदम-कदम पर अपनी परीक्षा मांगता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सदैव मनुष्यों को आगे बढ़ने और हिम्मत से काम करने की प्रेरणा देता है। पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवत्गीता के 18वें अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जीवन के रहस्य, प्रकृति प्रेम और योग के महत्व का विस्तार से वर्णन किया है।

विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 587.23 करोड़ रुपए की लागत के 9 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि सम्राट वीर विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में 5 करोड़ की लागत से 1 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की आवश्यकता जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि आज 12.70 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन में तीन नये पुस्तकालय भवन निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन, करीब 7.53 करोड़ की लागत से माधव विज्ञान महाविद्यालय में नवीन प्रयोगशाला भवन एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लगभग 453.40 करोड़ रुपए की लागत से श्री काल भैरव मंदिर परिसर, श्री मंगलनाथ मंदिर परिसर तथा महर्षि सांदीपनि आश्रम के विकास एवं विस्तार परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना क्र. 3,4,5 एवं 6 के अंतर्गत करीब 550 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन सभी निर्माण कार्यों को ‘श्री कृष्ण-सुदामा नगर’ के रूप में नामकरण कर इसका भी भूमि-पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 78.75 करोड़ रुपए की लागत से महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के मुख्य कैंपस निर्माण का भूमि-पूजन भी आज ही कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदी की आयु तो लगभग एक हजार साल की है, लेकिन अति प्राचीन संस्कृत भाषा की धारा में शब्द ही ब्रह्म है। दुनिया में लोग जब भौतिकता को चुन रहे थे, तब भारतवर्ष में हमारे पूर्वज नैतिकता को चुन रहे थे। भारतीय संस्कृति दान करने वाली रही है। भारत में ‘भा’ का अर्थ ज्ञान का प्रकाश और ‘रत’का अर्थ लीन होना है। हम उस धरती के वासी हैं, उस प्राचीन संस्कृति के लोग हैं, जो युगों-युगों से ज्ञान की साधना में लीन और सदमार्ग पर चलने वाले हैं।

उज्जैन विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि ‘गुरु पूर्णिमा महोत्सव’ अपने गुरुओं को नमन करने का अवसर है। उनके आशीर्वाद से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज और अधोसंरचना विकास के कार्य निरंतर जारी हैं। शिप्रा मैया पर 24 पुल बनाए जा रहे हैं। साइफन के सिद्धांत के अनुसार सीवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है। कान्ह डक्ट प्रोजेक्ट जैसे प्रोजेक्ट का भी काम जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उज्जैन को भव्य गीता भवन और आईटी पार्क की अनुपम सौगात मिली है। हमारे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर आईटी सेक्टर में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

संत डॉ. रामेश्वर दास ने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु ऐसे हों, जो ज्ञान बांटते-बांटते शिष्य को अपने जैसा बना दें। गुरुओं के नख में दिव्य दृष्टि होती है। गुरु के चरण स्पर्श करने से उनकी ऊर्जा हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है। गुरु ही हमारे सच्चे मार्गदर्शक होते हैं, जो मोक्ष की राह की दिखाते हैं। मनुष्य के जीवन में सबसे पहले उत्तम स्वास्थ्य, शिक्षा ग्रहण करने और ईर्ष्या के त्याग का विशेष महत्व है।

समारोह में मप्र हाउसिंग डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रविन्द्र सोलंकी, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग के डॉ. संजय गोयल, महंत श्री विद्या भारती सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत, सम्मानित प्राचार्यगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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