आध्यात्ममंदसौर जिलासीतामऊ

तन को स्वस्थ रखने के लिए मन को भगवान में लगाना चाहिए- राजयोगिनी श्यामा दीदी 

ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सीतामऊ में शिव बाबा कि पूजन कर गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया 

सीतामऊ। गुरु का अर्थ गु अंधकार से प्रकाश और रु से रुप गुरु मतलब अंधकार से प्रकाश का रुप ज्ञान देने वाला जीवन को आगे बढ़ाने वाला होता है। गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः अर्थात गुरु ब्रह्मा है गुरु ही देव हैं। उक्त उद्बोधन मंदसौर केंद्र संचालिका राजयोगिनी बीके श्यामा दीदी ने कही।

श्यामा दीदी ने कहा कि परमात्मा शिव बाबा ब्रह्म बाबा के तन में आकर इस श्रष्टि को साकार बनाया है। जितनी यहां कि संख्या है वह सब नहीं आएं मुट्ठी भर आए हम सब शिव बाबा के दीपक है।हम परमात्मा शिव बाबा के आलौकिक दिपक को फ़ैलाने वाले हो हम सब बाबा कि श्रष्टि को फ़ैलाने वाले अभी संगम युग चल रहा जिसमें सहयोगी है। हममें परमात्मा का संस्कार भरा हुआ है। जब हमें ज्ञान देने कि भाव पैदा करता है। तो हम देने कि भावना करते हैं तो हम प्रकृति को क्या दें संसार को क्या दें। यह भाव होता है। आगे कहा कि गुरु का दिया महावाक्य थकना नहीं रुकना नहीं निराश नहीं होना बैठना नहीं, सोना नहीं जब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हो निरंतर बढ़ना।जब व्यक्ति लक्षय प्राप्त कर लेता है तो गुरु और मदद करने वाले को धन्यवाद देना चाहिए।जब भी परमात्मा कि प्राप्ति का आधार संत होते हैं।तो उनको भूलना नहीं चाहिए।आज गुरु पूर्णिमा का दिन सर्व शिरोमणि गीता महाभारत का भगवान गणेश जी कि मदद से व्यास ने रचना किया उन वेदव्यास का आज जन्म दिन है। श्यामा दीदी ने कहा कि तन को स्वस्थ रखने के लिए मन को भगवान में लगाना चाहिए।जिस प्रकार से मटके का पानी उपर लाने के लिए कौवा पत्थर डालता गया और पानी पिता गया ऐसे ही आज गुरु पूर्णिमा पर गुरु दक्षिणा कि इस मटकी में हर रोज कम से कम पांच मिनट का पत्थर रुपी नाम भजन पूजन डालकर तन को स्वस्थ और जीवन में शांति सुखी का पानी मिलता रहेगा और आत्मा को तृप्त होती रहेगी।

अपने स्वागत उद्बोधन में बीके कृष्णा दीदी ने कहा कि गुरु के रुप में परम पिता परमात्मा शिव बाबा है।

शिव बाबा ने आज गुरु कि गद्दी बहनों को दी है।शिव बाबा कहते हैं कि जो मुझसे जुड़े हुए होते हैं वो तो चुनें हुए फुल है। शिव बाबा कि जिस पर कृपा होती है वो ही यहां तक पहुंचता है। शिव बाबा कहते हैं कि बच्चे अभी मैं तुम्हें लेने आया हूं। वहीं जहां मैं रहता हूं वही तुम्हारा सच्चा धाम है। बाबा जब तक आप लायक नहीं बन जाते तब तक अपने धाम नहीं ले जाता है। परमात्मा को पाने के लिए भौर का समय होता है उस समय याद करते हैं तो बाबा तुरंत सुनता कृपा करता है।

उमा दीदी ने कहा कि गुरु के बिना ज्ञान मिलना असंभव है। रामकृष्ण परमहंस शिवाजी को गुरु नहीं मिलते तो आज हम उन्हें याद नहीं करते थे।गुरु वह है जो जीवन के भार को कम कर देते हैं और जीवन को संवार देते हैं। हमें अपने बच्चों को आध्यात्म राह कि और मोड़ देते हैं तो वह चाहे मोबाइल देख रहा है उसमें अच्छा ही देखेगा ज्ञान प्राप्त करेगा और बच्चियां भी जानें से पहले सोचेंगी। भजन –गुरु मन ऐसो दि जो ज्ञान म्हारो जीवन सफल हो जाए….सुनाया।

नपं सभापति सुशीला राठौर ने कहा कि यहां आकर शांति का अनुभव होता है। और शांति नहीं है। बहार तो चारों और टेंशन ही टेंशन हैं। बाहर जो समय देते हैं वह हमारा दायित्व है पर यहां आकर समय हम देते यह स्वयं का फर्ज है।

कार्यक्रम में आनंद सोसायटी अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मांदलिया सेवानिवृत्त शिक्षिका गुणवति कोठारी , भाजपा नेत्री सुनीता पालिवाल, मोडीराम भोई ने संबोधित किया।

इस अवसर पर बहन प्रिती, पूजा पंथी, नवीन विश्वास द्विवेदी, रमेशचंद्र सिसोदिया, यशवंत माली, राधेश्याम जाट शिवनारायण सोनी उमा बहन दिनेश सेठिया जगदीश मालवीय, दिलीप हायरी सहित सीतामऊ, लदुना, दलावदा, सुरखेड़ा रावटी, खेड़ा गलिहारा नाटाराम कयामपुर आदि स्थानों से बड़ी संख्या भाई एवं बहनों ने श्रष्टि के देव शिव बाबा का पूजन कर आशिर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में आए सभी का ब्रह्माकुमारी सेंटर द्वारा उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन गौरव जैन ने किया।

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