सीतामऊ रतकुंड पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव का हुआ आयोजन

बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन पूजन आशिर्वाद एवं भोजन महाप्रसादी लाभ प्राप्त किया
सीतामऊ। भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी उच्च स्थान प्रदान किए गए हैं गुरु ही वह दिव्य शक्ति है जो ज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं उपनिषदों और गुरु परंपरा अनुसार गुरु को ब्रह्मा विष्णु और महेश के समान को जिन्हें बताए गए हैं गुरु के मार्गदर्शन के बिना आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति करना कठिन है आध्यात्मिक दृष्टि से गुरु पूर्णिमा आत्म शुद्धि और ज्ञान प्राप्ति का पर्व है। यह दिन केवल गुरु शिक्षकों का सम्मान करने तक सहित नहीं है बल्कि उन सभी जनों के प्रति प्रयत्न व्यक्त करने का अवसर है जिन्होंने जीवन की सही राह दिखाई है।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव का पर्व प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी रतनकुंड चारभुजा नाथ मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति अनुसार बड़े ही हर्ष के साथ मनाया गया।इस अवसर पर प्रातः कालीन बैला में लदुना भक्त मंडली द्वारा हनुमान चालीसा पाठ किया गया तत्पश्चात चारभुजा नाथ हनुमान जी तथा देवलोक वासी रामधनीदास जी महाराज के सानिध्य में गुरुवर महंत जितेंद्र दास जी महाराज का पुजन अर्चन फुल माला अर्पित कर गुरु पुजन कर गुरु पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।आयोजन में मंदसौर जिले के साथ रतलाम इंदौर उज्जैन जिले से आए बड़ी संख्या में भक्तों ने गुरुदेव का वंदन अभिनंदन कर आशिर्वाद प्राप्त किया। गुरु पूजन कार्यक्रम में भक्तों ने महा भोजन प्रसादी का भी लाभ प्राप्त किया।इस अवसर पर महंत जितेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म ही एक ऐसा धर्म है जो अज्ञानता से ज्ञान कि ओर ले जाता है। सनातन धर्म के सभी ग्रंथ वेद पुराण रामायण कथा भागवत, गीता जी उपनिषद रामायण महाभारत सभी केवल कहने का धर्म ग्रंथ नहीं है इनसे ज्ञान, योग, औषधि, संस्कार , तथा रहन सहन प्रकृति कि रक्षा समाज कि मदद करना आध्यात्म प्रदान करने का भंडार है। इन भंडार खजानों से जो जितना निकाल सकता है वो उतना ही आगे बढ़ता है। महाराज श्री ने कहा कि हमारे धर्म में गुरु को भगवान से भी बढ़ा बताया गया है। गुरु के बिना मनुष्य जानवर के समान होता है।हमारा पहले गुरु माता पिता है उसके पश्चात दुसरा गुरु शिक्षक और फिर शिक्षक आध्यात्म गुरु है।पहला गुरु शिक्षक है जिनसे हमें इस लोक पर चलने का मार्ग सिखाता है तथा दुसरा गुरु आध्यात्म जो इस संसार सागर ही नहीं ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाता है। इस अवसर पर महाराज श्री ने सभी उपस्थित जनों से गौ माता पर्यावरण कि रक्षा करने तथा अपने माता-पिता कि सेवा करने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में महंत राजेंद्र दास बैरागी, के जन्म पर स्वागत अभिनंदन कर बधाई दी। इस अवसर पर श्री रामानंदी नवनिर्माण सेना के प्रदेशाध्यक्ष डॉ रोहित बैरागी इंदौर इंदौर संभाग प्रभारी राहुल बैरागी केसरिया हिंदू वाहिनी समिति इंदौर जिलाध्यक्ष आचार्य राहुल वैष्णव, संभागीय अध्यक्ष नटवरदास बैरागी आलोट लक्ष्मीनारायण मांदलिया नवीन विश्वास द्विवेदी बंटी सक्सेना, रेणुका सक्सेना, रघुवीर सिंह धाराखेडी लक्ष्मीनारायण कारा गणेश टांकवाल, प्रहलाद सिंह सत्यनारायण बैरागी कैलाश बैरागी रमेश जाट लदुना लालसिंह देवड़ा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र बामनिया सरपंच महेंद्र सिंह चौहान नकेड़िया , नपं सभापति राधा सोनी, मुकेश कारा, डॉ घनश्याम शर्मा, शंकर राठौर, उदय सिंह राठौर, महेन्द्र सिंह राठौर, भावेश राव गौड़ सहित बड़ी संख्या में भक्त जन कार्यकर्ता नागरिक गण उपस्थित रहे।



